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महंगाई बढ़ी तो भारत को लगेगा 32 खरब का झटका
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Thu, 26 May 2016 09:21 PM IST
सार
- संयुक्त राष्ट्र की प्रोजेक्ट रिपोर्ट, पर्यावरण बदलाव से खाद्य पदार्थों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की आशंका
- महंगाई से भारत को चीन जैसे कई देशों की कुल जीडीपी के बराबर नुकसान के आसार
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संयुक्त राष्ट्र
- फोटो : Getty
विस्तार
आने वाले सालों में पर्यावरणीय बदलाव से खाद्य पदार्थों की कीमतें दोगुनी हो सकती हैं। इस महंगाई से भारत और चीन जैसे विकासशील देशों को खाद्यान्न के मामले में काफी ज्यादा नुकसान उठाना पड़ सकता है। संयुक्त राष्ट्र के एक अध्ययन में यह आशंका जताई गई है।
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यूएन के अध्ययन के मुताबिक भविष्य में खाने पीने के सामान की कीमतें दोगुनी होने पर भारत को ही 32 खरब रुपये (49 अरब डॉलर) से भी ज्यादा का नुकसान होगा। संयुक्त राष्ट्र के पर्यावरण संबंधी कार्यक्रम ग्लोबल फुट प्रिंट नेटवर्क की ताजा रिपोर्ट आई है। ईआरआईएससी फेज-2 नामक इस रिपोर्ट में इस बात पर शोध किया गया है कि पर्यावरणीय बदलाव किस तरह देशों की आर्थिक स्थिति को प्रभावित कर सकते हैं।
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रिपोर्ट में उन देशों की सूची बनाई गई है, जो खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ने से प्रभावित होंगे। रिपोर्ट के मुताबिक अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमतें दोगुनी हो गईं, तो चीन को 161 अरब डॉलर का नुकसान होगा। रिपोर्ट कहती है कि खाद्य पदार्थों की मांग और आपूर्ति में जिस तरह से संतुलन बिगड़ रहा है, उससे दुनिया भर में इनकी कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव होगा।
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जनसंख्या और आय बढ़ने से मांग बढ़ेगी जबकि पर्यावरण का बदलाव उत्पादन को प्रभावित करेगा। रिपोर्ट में 110 देशों पर कीमतों के प्रभाव का अध्ययन किया गया है। जीडीपी का सबसे ज्यादा आनुपातिक नुकसान जिन पांच देशों को होगा, वे सब अफ्रीकी देश हैं। इसमें बेनिन, नाइजीरिया, आइवरी कोस्ट, सेनेगल और घाना को जीडीपी के अनुपात में सबसे ज्यादा नुकसान झेलना पड़ेगा। राशि के हिसाब से देखा जाए तो सबसे ज्यादा 161 अरब डॉलर का नुकसान चीन को झेलना होगा यानी न्यूजीलैंड की कुल जीडीपी के बराबर। दूसरे नंबर पर सर्वाधिक नुकसान झेलने वाले भारत को लगने वाले झटके की कीमत क्रोएशिया की जीडीपी के बराबर है।