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Puducherry: मच्छरों को स्वस्थ रखने के लिए आईसीएमआर इंस्टीट्यूट ने तैयार किया 'विशेष आहार', जानिए क्यों?
Sat, 09 Jul 2022 10:57 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुडुचेरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुडुचेरी
Published by: निर्मल कांत
Updated Sat, 09 Jul 2022 10:57 PM IST
सार
पुडुचेरी में आईसीएमआर-वेक्टर कंट्रोल रिसर्च सेंटर सबसे बड़ा संस्थान है, जो इस बात की जांच करता है कि इस तरह की घातक बीमारियों को कैसे रोका और ठीक किया जा सकता है।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
पुडुचेरी में आईसीएमआर वेक्टर कंट्रोल रिसर्च सेंटर ने मच्छरों को खिलाने के लिए चार प्रकार के कृत्रिम आहार का अविष्कार किया है जो रक्त आहार को एक फीडर डिवाइस में बदल देगा।
मच्छरों से कई वायरल बीमारियां होती हैं जैसे जीका, डेंगू, चिकनगुनिया, पीला बुखार, आदि। शोधकर्ता ऐसी बीमारियों के प्रसार को कम करने के तरीकों की जांच कर रहे हैं, जो मच्छरों के कारण होती हैं।
पुडुचेरी में आईसीएमआर-वेक्टर कंट्रोल रिसर्च सेंटर सबसे बड़ा संस्थान है, जो इस बात की जांच करता है कि इस तरह की घातक बीमारियों को कैसे रोका और ठीक किया जा सकता है।
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दिलचस्प बात यह है कि पुडुचेरी में आईसीएमआर के वीसीआरसी के वैज्ञानिकों ने मच्छरों को खिलाने के लिए चार प्रकार के कृत्रिम आहार का आविष्कार किया है जो 'रक्त आहार' को एक फीडर डिवाइस से बदल देगा।
वीसीआरसी वैज्ञानिक और उप निदेशक निशा मैथ्यू 18 अलग-अलग आहार तैयार करने वाले आविष्कारकों में से एक हैं। उन्होंने कहा, "आहार बहुत हद तक एक बच्चे के भोजन की तरह है और इसमें सभी पोषक तत्व होते हैं जो रक्त में मौजूद होते हैं।"
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मच्छरों से कई वायरल बीमारियां होती हैं जैसे जीका, डेंगू, चिकनगुनिया, पीला बुखार, आदि। शोधकर्ता ऐसी बीमारियों के प्रसार को कम करने के तरीकों की जांच कर रहे हैं, जो मच्छरों के कारण होती हैं।
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पुडुचेरी में आईसीएमआर-वेक्टर कंट्रोल रिसर्च सेंटर सबसे बड़ा संस्थान है, जो इस बात की जांच करता है कि इस तरह की घातक बीमारियों को कैसे रोका और ठीक किया जा सकता है।
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दिलचस्प बात यह है कि पुडुचेरी में आईसीएमआर के वीसीआरसी के वैज्ञानिकों ने मच्छरों को खिलाने के लिए चार प्रकार के कृत्रिम आहार का आविष्कार किया है जो 'रक्त आहार' को एक फीडर डिवाइस से बदल देगा।
वीसीआरसी वैज्ञानिक और उप निदेशक निशा मैथ्यू 18 अलग-अलग आहार तैयार करने वाले आविष्कारकों में से एक हैं। उन्होंने कहा, "आहार बहुत हद तक एक बच्चे के भोजन की तरह है और इसमें सभी पोषक तत्व होते हैं जो रक्त में मौजूद होते हैं।"