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Covid-19: कोविसेल्फ से अब घर बैठे ही करें कोरोना की जांच, जानें कैसे कर सकते हैं इसका इस्तेमाल

Thu, 20 May 2021 05:12 PM IST
दीप्ति मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: दीप्ति मिश्रा Updated Thu, 20 May 2021 05:12 PM IST
सार

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने बुधवार को एक होम टेस्टिंग किट को मंजूरी दे दी है। इस जांच किट के जरिये अब कोई भी घर बैठे ही कोरोना संक्रमण की जांच कर सकता है। 

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ICMR approves Mylab s Covid19 self-testing kit CoviSelf, know How to use Covid kit
self-use kit CoviSelf - फोटो : ANI

विस्तार

देश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर का कहर जारी है। कोरोना संक्रमण के कहर के बीच लोगों को कोरोना जांच कराने में दिक्कतें आ रहीं हैं। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने बुधवार को घर में ही कोविड जांच के लिए ‘कोविसेल्फ’ किट को मंजूरी दे दी है। इस जांच किट के जरिये अब कोई भी घर बैठे ही कोरोना संक्रमण की जांच कर सकता है।

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जानकारी के मुताबिक, कोविसेल्फ नाम की यह टेस्ट किट एक रैपिड एंटीजेन टेस्ट (आरएटी) किट है। अब जब घर पर ही कोरोना टेस्टिंग किट को मंजूरी मिल गई है, तो आईसीएमआर ने कोविसेल्फ को लेकर एक एडवाईजरी जारी की है। इसमें किट को इस्तेमाल करने से लेकर तमाम दिशानिर्देश मौजूद हैं, जिसे आपको जानना बेहद जरूरी भी है।
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कोरोना का संक्रमण है या नहीं इसकी जांच के लिए अब लोगों को बार-बार लैब जाने की जरूरत नहीं है क्योंकि अब घर बैठे ही कोरोना की जांच खुद कर सकते हैं। आईसीएमआर के मुताबिक, इस कोविसेल्फ किट के बाद अब लोग महज 250 रुपये खर्च कर घर पर ही कोविड टेस्ट कर सकते हैं।


देश की सात लाख से ज्यादा फार्मेसी पर मिलेगा किट
मायलैब के अनुसार अगले हफ्ते तक कोविसेल्फ किट देश की 7 लाख से ज्यादा दवा दुकानों पर मिलने लगेगा। इसके अलावा यह किट कंपनी के आनलाइन फार्मेसी पार्टनर के जरिए भी वितरित की जाएगी। कंपनी के प्रमुख सुजीत जैन के अनुसार कंपनी देश के 90 प्रतिशत इलाकों में इस किट को पहुंचाना चाहती है। 

दो मिनट में जांच, 15 मिनट में नतीजे
सुजीत जैन के अनुसार इस किट से मात्र दो मिनट में टेस्ट किया जा सकेगा, हालांकि नतीजे आने में 15 मिनट लगेंगे। आईसीएमआर ने कहा है कि इस सेल्फ टेस्ट किट का रिजल्ट पॉजिटिव आने पर आरटी-पीसीआर जांच कराने की जरूरत नहीं है। 

कौन कर सकता है खुद से जांच?

आईसीएमआर के दिशानिर्देशों के मुताबिक, घर पर कोरोना जांच किट कोविसेल्फ किट का इस्तेमाल उन्हीं लोगों को करना चाहिए, जिनमें कोविड-19 के लक्षण हैं या फिर वे किसी लैब द्वारा कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति के संपर्क में आए हों। इस जांच किट इस्तेमाल बार-बार और बिना सोचे समझे न करें।आईसीएमआर ने कहा कि घर पर जांच के लिए किट में दी गई गाइडलाइंस को ध्यानपूर्वक और आवश्यक रूप से पढ़ें, उसके बाद ही जांच करें।



मोबाइल एप की सहायता लें
सरकार की ओर से कोविसेल्फ मोबाइल एप गूगल प्ले स्टोर और एपल एप स्टोर पर मौजूद है, हालांकि खबर लिखे जाने तक यह एप किसी भी स्टोर पर मौजूद नहीं था। आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ बलराम भार्गव ने बताया कि घर पर रैपिड एंटीजन टेस्ट एक मोबाइल एप के जरिए संपन्न होगा। भार्गव ने बताया कि एक कंपनी एप को डेवलप कर दिया है, जबकि अन्य तीन कंपनियां भी इस पर काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि पहले आपको किसी दवा दुकान से टेस्ट किट खरीदना होगा। उसके बाद मोबाइल एप को डाउनलोड करना होगा। फिर टेस्ट करना होगा और टेस्ट की फोटो (किट सहित) इस एप पर अपलोड करना होगा।

आपका डेटा रहेगा सुरिक्षत
आपके मोबाइल फोन पर मौजूद ऐप का डाटा एक सुरक्षित सर्वर पर रहेगा, जो आईसीएम की कोविड-19 टेस्टिंग पोर्टल से जुड़ा है, जहां सभी डाटा को स्टोर किया जाएगा। एडवाइजरी में कहा गया है कि मरीज की जानकारी की पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी।

जांच में पॉजिटिव आने पर क्या करें?

आईसीएमआर के दिशानिर्देशों के मुताबिक, कोविसेल्फ टेस्ट किट की जांच में जो लोग पॉजिटिव पाए जाते हैं, उन्हें वास्तव में कोरोना पॉजिटिव ही समझा जाए। ऐसे में उन्हें दोबारा टेस्ट करवाने की जरूरत नहीं है। वहीं पॉजिटिव आने वाले सभी लोगों को होम आइसोलेशन में रहने और आईसीएमआर एवं स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइंस के तहत जारी कोरोना नियमों का पालन करने की सलाह दी जाती है। वहीं ऐसे लोग जिनमें कोरोना के लक्षण हैं और वे कोविशसेल्फ किट की जांच में निगेटिव आए हैं, उन्हें आरटी-पीसीआर कराना चाहिए। ऐसा इसलिए जरूरी है क्योंकि माना जाता है कि कम वायरस लोड के कारण रैपिड एंटीजेन टेस्टिंग के जरिए कुछ मामलों में इसकी पुष्टि नहीं हो पाती है।

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