आईसीएमआर का निर्देश, सीरो सर्वे के लिए कोरोना जांच के विभिन्न तरीकों का करें इस्तेमाल
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भारतीय चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईसीएमआर) ने सभी संबंधित राज्य सरकारों, निजी और सार्वजनिक अस्पतालों को सलाह दी है कि सीरो सर्वे के लिए वह जांच की गति को बढ़ाएं। आईसीएमआर ने कहा है कि जांच बढ़ाने के लिए विभिन्न तरह के टेस्ट जैसे कि रियल टाइम आरटी-पीसीआर, रैपिड एंटिजेन टेस्टिंग और एंटीबॉडी जांच के संयोजित करें और अधिक से अधिक नमूनों की जांच करें।
आईसीएमआर ने आदेश में कहा, कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने और लोगों की जान बचाने के लिए टेस्ट, ट्रैक और ट्रीट एक मात्र रास्ता है। ऐसे में देश के हर हिस्से में उन लोगों की जांच बढ़ानी होगी जिनें बीमारी के लक्षण दिख रहे हों। आईसीएमआर ने कहा, इसके अलावा इस जानलेवा वायरस के संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग का तंत्र भी मजबूत करना होगा।
ICMR advises all concerned state govts, public & private institutions/hospitals to take required steps to scale-up testing for #COVID19 by deploying combination of various tests which includes real-time RT-PCR, rapid antigen testing and antibody testing for serosurvey: ICMR pic.twitter.com/cfACIPc0dv
— ANI (@ANI) June 23, 2020
क्या है सीरो सर्वे
सीरो सर्वे में किसी स्थान पर हर समूह के लोगों के रक्त के नमूनों (ब्लड सैंपल) की जांच कर शरीर की प्रतिरोधक क्षमता का पता लगाया जाता है। इससे बिना लक्षण वाले वैसे मरीजों की पहचान हो सकेगी, जिन्हें संक्रमण हुआ तो था लेकिन अपनी प्रतिरोधक क्षमता के कारण वह ठीक हो गए।