एक और आईएएस अधिकारी का इस्तीफा, कहा- लोकतंत्र के मौलिक अधिकारों से हो रहा समझौता
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जम्मू-कश्मीर के मामले को लेकर अपने पद से इस्तीफे देने वाले आईएएस अधिकारी कन्नन गोपीनाथन के बाद एक और आईएएस अधिकारी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। कर्नाटक के 2009 बैच के आईएएस अधिकारी एस शशिकांत सेंथिल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। वह वर्तमान में दक्षिण कन्नड़ जिले के उपायुक्त का पदभार संभल रहे हैं। इस्तीफा देते हुए उन्होंने कहा है कि उनके लिए ऐसे समय पर प्रशासनिक अधिकारी के तौर पर कार्य करना अनैतिक होगा जब लोकतंत्र के मौलिक निर्माण स्तंभों से समझौता किया जा रहा है।
सेंथिल ने आगे कहा, 'आने वाले दिन राष्ट्र के मूल ताने-बाने के लिए बेहद कठिन चुनौतियां पेश करेंगे। उनके लिए इस समय अपने काम को जारी रखने के लिए आईएएस से बाहर होना बेहतर होगा।' उन्होंने दक्षिण कन्नड़ जिले के उपायुक्त के तौर पर जून 2017 को पदभार ग्रहण किया था। वह जिले के अब तक के सक्रिय उपायुक्त के तौर पर देखे जाते थे।
K'taka: Dakshina Kannada Dy Commissioner S Sasikanth Senthil tendered his resignation from IAS today;says,"I've taken decision as I think that it's unethical to continue as civil servant when fundamental building blocks of democracy are being compromised in unprecedented manner" pic.twitter.com/5PytMjWjUk
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) September 6, 2019
40 साल के सेंथिल तमिलनाडु से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने तिरुचिरापल्ली के रीजनल इंजिनियरिंग कॉलेज ऑफ भारतीसदन यूनिवर्सिटी से प्रथम श्रेणी में बीई (इलेक्ट्रॉनिक्स) की पढ़ाई की है। उन्होंने 2009 से 2012 के बीच बल्लारी में सहायक आयुक्त के रूप में कार्य किया। शिवमोग्गा जिला पंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी की दो कार्यकाल तक जिम्मेदारी निभाई।
सेंथिल चित्रदुर्ग और रायचूर जिलों के उपायुक्त के तौर पर काम कर चुके हैं। इसके अलावा वह नवंबर 2016 में खान और भूविज्ञान विभाग में निदेशक का कार्यभार संभल चुके हैं। उनसे पहले अगस्त में आईएएस अधिकारी कन्नन गोपीनाथ ने कश्मीर मसले पर अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
उन्होंने कहा था कि वह प्रशासनिक सेवा में इस उम्मीद से शामिल हुए थे कि वह उन लोगों की आवाज बन सकेंगे जिन्हें खामोश कर दिया गया लेकिन यहां, वह खुद की आवाज गंवा बैठे। वह अपनी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता वापस चाहते हैं। वह अपनी तरह से जीना चाहते हैं, भले ही वह एक दिन के लिए ही हो।