फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Ias Officer Puja Khedkar News Update Screenshot of Demands From Pune Collector’s Office Goes Viral

IAS Puja Khedkar: पूजा खेडकर को लेकर नया खुलासा; अब पुणे कलेक्टर कार्यालय से की गई मांगों का स्क्रीनशॉट वायरल

Fri, 12 Jul 2024 08:17 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: काव्या मिश्रा Updated Fri, 12 Jul 2024 08:17 AM IST
सार

कलेक्टर कार्यालय की शुरुआती रिपोर्ट में खेडकर और एक अनजान शख्स के बीच हुई बातचीत के तीन स्क्रीनशॉट भी शामिल हैं। संदेश में साफ दिख रहा था कि पूजा सब चीजों को लेकर जल्दबाजी कर रही थीं। 
 

विज्ञापन
Ias Officer Puja Khedkar News Update Screenshot of Demands From Pune Collector’s Office Goes Viral
आईएएस पूजा खेडकर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ट्रेनी आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई हैं। वे परिवीक्षा अवधि के दौरान ही विवाद में फंस गई हैं और अब उनके चयन को लेकर ही सवाल उठने शुरू हो गए हैं। दरअसल, सिविल सेवा परीक्षा के दौरान पूजा खेडकर ने दावा किया था कि वह मानसिक रूप से दिव्यांग हैं और उन्हें देखने में भी समस्या है, लेकिन हैरानी है कि बिना जांच के ही उनका प्रशासनिक सेवा में चयन हो गया। बंगला और गाड़ी की मांग को लेकर विवादों में आई पूजा खेडकर अब व्हाट्सएप पर बात किए जाने को लेकर विवादों में हैं।

विज्ञापन


खेडकर की जो इस चैट अब सामने आई है उसमें वह पुणे कलेक्टर ऑफिस के कर्मचारियों से अपने आने से पहले खुद के लिए घर, दफ्तर में बैठने की जगह और गाड़ी से संबंधित तमाम जानकारी मांगती दिख रही हैं। 
विज्ञापन


कलेक्टर कार्यालय ने रिपोर्ट पेश की
कलेक्टर कार्यालय की तरफ से इस मामले की प्रारंभिक जांच के दौरान ऐसे तीन स्क्रीनशॉर्ट को पेश किया गया है। इन्हीं में से एक संदेश में पूजा खेडकर खुदका परिचय एक अधिकारी के तौर पर देते भी दिख रही हैं। संदेश में साफ दिख रहा था कि पूजा सब चीजों को लेकर जल्दबाजी कर रही थीं। 
विज्ञापन
विज्ञापन




यह हुई बातचीत
सबसे पहले संदेश में खेडकर ने अपना परिचय एक अधिकारी के तौर पर दिया। उन्होंने लिखा- हेलो, मैं आईएएस डॉक्टर पूजा खेडकर हूं। मेरी सहायक कलेक्टर पुणे के रूप में नियुक्ति हुई है। डॉ. दिवासे सर ने मुझे आपका मोबाइल नंबर दिया था। मैं तीन जून को कार्यभार संभालूंगी। हालांकि, बुलढाणा कलेक्टर कार्यालय से पुणे भेजे गए मेरे कुछ दस्तावेज मैं अपने कार्यालय में नहीं ढूंढ पा रही हूं। कृपया मुझे बताएं कि क्या किया जा सकता है।'

इस पर जवाब आया- ठीक है, कोई बात नहीं। हम सोमवार को इसका पता लगा सकते हैं।

इसके बाद खेडकर ने अपने कार्यालय और सरकारी कार के बारे में जानकारी मांगी। उन्होंने कहा, 'कृपया आप मेरे रहने और कार की व्यवस्था के बारे में बता सकते हैं?' इस पर कार्यालय से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। उन्होंने अगले दिन फिर संदेश भेजा कि कृपया इसका जवाब दें, यह जरूरी है। 

इस पर कलेक्टर कार्यालय की तरफ से शख्स ने संदेश भेजा कि जब आप यहां आ जाएंगी, तब हम आपको देख कर बता देंगे। 

संदेशों का आदान-प्रदान इतने पर ही नहीं रुका। खेडकर ने चिढ़ते हुए कहा, 'मुझे लगता है कि मेरी नियुक्ति से पहले मुझे इसके बारे में जानकारी दे देनी चाहिए। ताकि मैं उसके अनुसार व्यवस्था कर सकूं और मैं इसे बाद के लिए नहीं छोड़ सकती।'  उन्हें बताया गया कि इस मुद्दे पर भी सोमवार को कलेक्टर सर के साथ चर्चा की जाएगी।

इसके बाद खेडकर ने कई फोन किए, जिनका कोई जवाब नहीं दिया गया। इस पर उन्होंने गुस्से में संदेश भेजा कि क्या वापस फोन करने में कोई समस्या है? 
चार दिन बाद उन्होंने एक तरह की चेतावनी देते हुए संदेश में कहा, 'कृपया तीन तारीख को ज्वॉइन करने से पहले मेरे बैठेने की व्यवस्था और कार दें। बाद में समय नहीं होगा। अगर यह संभव नहीं है तो मुझे बताएं, मैं कलेक्टर सर से उसी के अनुसार बात करूंगी।'

कलेक्टर कार्यालय की विस्तृत रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि खेडकर ने घर की मांग की थी।

वीआईपी मांगों को लेकर फंसी आईएएस पूजा खेडकर
2023 बैच की आईएएस पूजा खेडकर पर पुणे में बतौर प्रोबेशन आईएएस अधिकारी रहते हुए सत्ता के दुरुपयोग का आरोप है। बताया जा रहा है कि उन्होंने कई विशेषाधिकारों की मांग की, जो प्रोबेशन अधिकारियों को नहीं मिलते हैं। आईएएस पूजा ने अपनी निजी ऑडी कार का इस्तेमाल किया और उस पर लाल बत्ती लगाई। साथ ही उन्होंने एक आधिकारिक कार, आवास, ऑफिस रूम और अतिरिक्त कर्मचारियों की मांग की। ये भी आरोप है कि एडिश्नल कलेक्टर के छुट्टी पर रहने के दौरान आईएएस पूजा खेडकर ने उनके चेंबर पर कब्जा कर लिया और वहां अपनी नेमप्लेट लगा दी। इसके खिलाफ पुणे कलेक्टर ने राज्य के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर शिकायत की।

कलेक्ट साहेब ने की थी शिकायत
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पुणे के कलेक्टर सुहास दिवासे ने यह मामला सामने आने के बाद राज्य के मुख्य सचिव को पत्र लिखा। इसके बाद पूजा खेडकर का पुणे से वाशिम तबादला कर दिया गया। मुख्य सचिव ने आदेश में कहा है कि 2023 बैच की आईएएस अधिकारी अपनी परिवीक्षा की शेष अवधि वाशिम जिले में सुपर न्यूमरेरी असिस्टेंट कलेक्टर के रूप में पूरी करेंगी। रिपोर्टों से पता चलता है कि पूजा खेडकर के पिता, जो कि एक सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी हैं, ने भी उनकी मांगें पूरी करने के लिए जिला कलेक्टर कार्यालय पर दबाव डाला।

आईएएस पूजा खेडकर के चयन पर क्या है विवाद
सिविल सेवा परीक्षा के दौरान पूजा खेडकर ने हलफनामा दायर कर दावा किया था कि वह मानसिक रूप से दिव्यांग हैं और उन्हें आंखों की भी परेशानी है। इस दावे की वजह से चयन में पूजा खेडकर को रियायत दी गई और कम नंबर्स के बावजूद उनका प्रशासनिक सेवा में चयन हो गया। विवाद इस बात पर है कि पूजा खेडकर ने छह अलग-अलग मौकों पर मेडिकल जांच में शामिल होने से किसी न किसी कारण से इनकार कर दिया था। इसके बावजूद उनका चयन हो गया। 

 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आईएएस पूजा खेडकर की मेडिकल जांच 22 अप्रैल 2022 को नई दिल्ली स्थित एम्स में होनी थी, लेकिन कोरोना संक्रमित होने का दावा कर पूजा खेडकर इस जांच में शामिल नहीं हुईं। इसके बाद 26-27 मई को भी होने वाली मेडिकल जांच में वे शामिल नहीं हुईं। वह लगातार इन जांचों से बचती रहीं। एक जुलाई को भी वह मेडिकल जांच के लिए उपलब्ध नहीं हुईं। हालांकि 22 अगस्त को उनकी एक मेडिकल जांच हुई, लेकिन 2 सितंबर को फिर से एमआरआई जांच के लिए वे नहीं पहुंची। पूजा खेडकर ने एक बाहरी केंद्र से एमआरआई कराकर उसकी रिपोर्ट यूपीएससी को सौंपी, जिसे संघ लोक सेवा आयोग ने अस्वीकार कर दिया था। यूपीएससी ने पूजा खेडकर के चयन को सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल में चुनौती दी, लेकिन आखिरकार पूजा खेडकर का चयन हो गया। 
 

ओबीसी वर्ग के दावे पर भी उठे सवाल
आरटीआई कार्यकर्ता विजय कुंभार का दावा है कि पूजा खेडकर के पिता दिलीप खेडकर भी एक पूर्व प्रशासनिक अधिकारी रहे हैं और हाल ही में उन्होंने लोकसभा चुनाव भी लड़ा था। अपने नामांकन के दौरान दिए हलफनामे में दिलीप खेडकर ने अपनी संपत्ति 40 करोड़ रुपये बताई थी। वहीं पूजा खेडकर ने खुद को ओबीसी नॉन क्रीमी लेयर स्टेटस के लिए पात्र बताया था। यही वजह है कि आईएएस पूजा खेडकर के पिता की संपत्ति को देखते हुए उनके ओबीसी नॉन क्रीमी लेयर स्टेटस को लेकर भी विवाद हो गया है। 
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed