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Defence: I-STAR जासूसी विमान खरीदने की योजना बना रहा रक्षा मंत्रालय, मजबूत होगी IAF की सटीक हमले की की क्षमता

Sun, 08 Jun 2025 10:00 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निर्मल कांत Updated Sun, 08 Jun 2025 10:00 PM IST
सार

Defence: रक्षा मंत्रालय ने भारतीय वायु सेना के लिए 10,000 करोड़ रुपये की लागत से तीन स्वदेशी आई-स्टार जासूसी विमानों की खरीद का प्रस्ताव तैयार किया है। ये विमान दुश्मन के ठिकानों और लक्ष्यों पर सटीक हमले करने में मदद करेंगे और भारत को इस अत्याधुनिक तकनीक वाली चुनिंदा देशों में शामिल करेंगे।

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IAF to get Rs 10,000 crore indigenous I-STAR spy planes to help in precision strikes against enemy
रक्षा मंत्रालय - फोटो : Defence Ministry

विस्तार

पाकिस्तान के खिलाफ जारी ऑपरेशन सिंदूर के बीच रक्षा मंत्रालय भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के लिए एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर काम कर रहा है। यह प्रस्ताव आईएएफ के लिए करीब 10 हजार करोड़ रुपये की लागत से तीन आधुनिक आई-स्टार जासूसी विमानों को खरीदने का है। इन आधुनिक विमानों की मदद से वायु सेना दुश्मन के रडार स्टेशन, वायु रक्षा इकाई और अन्य मोबाइल लक्ष्यों की सटीक पहचान सकेगी, जिससे हवा से जमीन पर हमलों को बेहद सटीक तरीके से अंजाम दिया जा सकेगा। 
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रक्षा अधिकारियों ने बताया कि खुफिया जानकारी, 10 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली निगरानी, लक्ष्य पहचान और जासूसी (आई-स्टार) परियोजना जून के चौथे हफ्ते में एक उच्च स्तरीय बैठक में मंजूरी के लिए पेश की जाएगी। आई-स्टार प्रणाली सेना को जमीन पर निगरानी की सुविधा देती है, जिससे उन्हें सटीक हमले करने में मदद मिलती है।  
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रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा विकसित जासूसी विमान परियोजना में तीन विमानों की खरीद शामिल है, जो बोइंग और बॉम्बार्डियर जैसी विदेशी कंपनियों से खुले टेंडर के माध्यम से की जाएगी। इन विमानों में लगी सभी प्रणालियां पूरी तरह स्वदेशी होंगी, क्योंकि डीआरडीओ के एयरबोर्न सिस्टम ने इन्हें पहले की सफलतापूर्वक विकसित किया है। इन प्रणालियों को सीएबीएस (सेंटर फॉर एरबोर्न सिस्टम्स) द्वारा पहले ही परखा जा चुका है। अब इन्हें केवल उन तीन विमानों में जोड़ा (इंटीग्रेट किया) जाएगा, जिन्हें इस उद्देश्य के लिए खरीदा जाएगा।


आई-स्टार का विकास भारत को उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल कर देगा, जिनके पास यह अत्याधुनिक क्षमता है। इन देशों में अमेरिका, ब्रिटेन, इज़राइल और कुछ अन्य देश शामिल हैं। इस प्रकार आई-स्टार तेजी से और सही समय पर निशाना लगाने में मदद करती है और इससे देश की सुरक्षा मजबूत होती है।

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यह प्रणाली छिपे हुए शत्रुओं के खतरों को कम करने में मदद करेगी। इसमें ऐसी तकनीक है जो कई तरीकों से अनियमित या असामान्य सैन्य गतिविधियों को पहचानने, ढूंढने और नजर रखने में सक्षम है। यह प्रणाली दिन और रात, दूर से खुफिया जानकारी एकत्र करने, निगरानी करने, जासूसी करने के लिए इस्तेमाल की जाएगी। यह प्रणाली पूरे इलाके की तस्वीर बनाएगी और सभी को अपडेट रखेगी ताकि सेना बेहतर तरीके से काम कर सके।

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