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IAF: SU-30 MKI लड़ाकू विमानों की सेवा अवधि 20 साल और बढ़ाएगी वायुसेना, दो दशक पहले बेडे़ में किए गए थे शामिल
Sun, 31 Dec 2023 09:04 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निर्मल कांत
Updated Sun, 31 Dec 2023 09:04 PM IST
सार
IAF: रक्षा अधिकारियों ने बताया कि आईएएफ विमानों की सेवा अवधि को 20 साल या उससे अधिक समय तक बढ़ाने पर विचार कर रही है। आईएफ सेवा काल का विस्तार करने के लिए व्यापक परीक्षण करती है।
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SU-30 MKI
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
भारतीय वायुसेना (आईएएफ) SU-30 MKI लड़ाकू विमानों के सेवा काल को बीस से ज्यादा साल तक आगे बढ़ाने की योजना बना रही है। रूसी मूल का यह लड़ाकू विमान दो दशक पहले वायुसेना में शामिल किए गए थे।
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आईएएफ ने अपने बेडे़ में 272, SU-30 MKI लड़ाकू विमानों को शामिल किया है और अगले पंद्रह से बीस वर्षों तक दो इंजन वाले विमान बल का मुख्य आधार बनने जा रहे हैं।
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रक्षा अधिकारियों ने बताया कि आईएएफ विमानों की सेवा अवधि को 20 साल या उससे अधिक समय तक बढ़ाने पर विचार कर रही है। आईएफ सेवा काल का विस्तार करने के लिए एयरफ्रेम और विमान के अन्य हिस्सों पर व्यापक परीक्षण करती है। ऐसा करने का उसे पहले से अनुभव है।
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उन्होंने कहा, 'सेवा काल विस्तार से आईएएफ को 2045-2050 तक अपने शक्तिशाली SU-30 विमानों के बेड़े को बनाए रखने में मदद मिलेगी।'
वायुसेना स्वदेशी रूप से विकसित आधुनिक रडार, वैमानिकी और हथियार प्रणालियों को अपडेट करने के साथ ही विमान की क्षमताओं को बढ़ाने पर भी काम कर रही है। यह SU-30 MKI लड़ाकू विमानों के अपने बेड़े को स्वदेशी हथियार प्रणालियों और विरुपाक्ष नामक रडार के साथ अपग्रेड करने के लिए काम कर रही है।
सरकार के सूत्रों ने कहा, 'विरुपाक्ष रडार को विभिन्न क्षेत्रों में वायुसेना की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए स्वदेशी रूप से विकसित किया जा रहा है।' सूत्रों ने कहा कि वायु सेना अपनी सूची में उपकरणों के स्वदेशीकरण के लिए एक मिशन मोड पर काम कर रही है और निकट भविष्य में भारतीय फर्मों से तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक के उपकरण खरीदने पर विचार कर रही है।