IAF: भारतीय वायु सेना को मिला पहला सी295 विमान, वीआर चौधरी बोले- यह पूरे देश के लिए एक बड़ा मील का पत्थर
भारत ने सितंबर 2021 में 56 सी-295 सैन्य परिवहन विमान की आपूर्ति के लिए एयरबस के साथ समझौता किया था। समझौते के मुताबिक, वड़ोदरा में एयरबस के साथ साझेदारी में टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड द्वारा स्थापित संयंत्र में 40 विमान बनाए जाएंगे।
विस्तार
भारतीय वायु सेना को स्पेन के सेविले में एयरबस कंपनी से पहला सी295 विमान मिल गया है। एयरबस कंपनी से पहला सी295 विमान प्राप्त करने के बाद वायु सेना ने कहा कि भारतीय वायु सेना सी295 विमान की सबसे बड़ी संचालक होगी।
#WATCH | Jean-Brice Dumont, Head of Defence and Aerospace, Airbus hands symbolic keys of C295 aircraft to IAF chief Air Chief Marshal VR Chaudhari in Seville, Spain pic.twitter.com/ahEe4gsN2x
— ANI (@ANI) September 13, 2023विज्ञापन
एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने कही यह बात
भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने कहा कि यह न केवल भारतीय वायुसेना के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है। यह दो कारणों से है पहला, भारतीय वायुसेना के लिए यह हमारी सामरिक एयरलिफ्ट क्षमताओं को बढ़ाएगा। एक राष्ट्र के लिए यह एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक है। आत्मनिर्भर भारत के लिए इस संयंत्र से पहले 16 विमान निकलने के बाद 17वां विमान भारत में बनाया जाएगा। यह भारतीय विमानन उद्योग के लिए एक बड़ा कदम है, जहां हम देश में पहला सैन्य परिवहन विमान बनाएंगे। उन्होंने कहा कि IAF का ऑर्डर 56 विमानों के लिए था। तटरक्षक बल और भारतीय नौसेना को भी विमानों की आवश्यकता है। ऐसे में यह संख्या 56 से भी अधिक हो सकती है।
#WATCH | Indian Air Force chief Air Chief Marshal VR Chaudhari in the cockpit of C-295 transport aircraft at the Seville air base in Spain pic.twitter.com/EI3miKhNlB
— ANI (@ANI) September 13, 2023
विमान भारत के लिए रवाना
एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने उड़ान भरने से पहले सी-295 परिवहन विमान का एक चक्कर लगाया और फिर विमान के कॉकपिट में प्रवेश किया। इसेक बाद भारतीय वायु सेना प्रमुख के साथ सी-295 ने स्पेन के सेविले हवाई क्षेत्र से उड़ान भरी। ग्रुप कैप्टन पीएस नेगी विमान को उड़ा रहे हैं। भारत में वडोदरा हवाई अड्डे पर उतरने से पहले विमान माल्टा, मिस्र और बहरीन में रुकेगा।
#WATCH | Indian C-295 takes off from Seville airfield in Spain with Indian Air Force chief onboard
— ANI (@ANI) September 13, 2023
Group Captain PS Negi will be flying the aircraft to India with stopovers at Malta, Egypt and Bahrain before landing at Vadodara air base in India. pic.twitter.com/QdDBvByDUk
सितंबर 2021 में किया था समझौता
भारत ने सितंबर 2021 में 56 सी-295 सैन्य परिवहन विमान की आपूर्ति के लिए एयरबस के साथ समझौता किया था। समझौते के मुताबिक, वड़ोदरा में एयरबस के साथ साझेदारी में टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड द्वारा स्थापित संयंत्र में 40 विमान बनाए जाएंगे। पिछले साल अक्तूबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वडोदरा में 295 विमानों की विनिर्माण सुविधा की आधारशिला रखी थी। यह किसी निजी संघ द्वारा भारत में निर्मित किया जाने वाला पहला सैन्य विमान होगा।
मई में सेविले में अपनी पहली उड़ान सफलतापूर्वक पूरी की थी
भारत के लिए निर्मित पहले सी295 विमान ने मई में सेविले में अपनी पहली उड़ान सफलतापूर्वक पूरी की थी। दूसरे विमान का निर्माण सेविले उत्पादन संयंत्र में अंतिम चरण में है और इसे अगले साल मई में भारतीय वायुसेना को सौंपा जाना तय है। भारतीय वायुसेना के छह पायलट और 20 तकनीशियन पहले ही सेविले सुविधा केंद्र में व्यापक प्रशिक्षण ले चुके हैं।
इस माह के अंत में बेड़े में शामिल होने की उम्मीद
इससे पहले रक्षा अधिकारी ने बताया था कि सेविले में एक समारोह के बाद विमान भारत के लिए उड़ान भरेगा। सितंबर के अंतिम सप्ताह में हिंडन वायु सेना केंद्र में एक समारोह में इस विमान को सेवा में शामिल किए जाने की उम्मीद है।
सी295 विमान के बारे में जानिए
- एयरबस डिफेंस एंड स्पेस कंपनी के साथ दो साल पहले 21,935 करोड़ रुपये में 56 सी295 परिवहन विमानों को खरीदने का सौदा किया था।
- भारतीय वायु सेना (आईएएफ) छह दशक पहले सेवा में आए पुराने एवरो-748 विमानों के अपने बेड़े को बदलने के लिए सी295 विमान खरीद रही है।
- सी295 को एक बेहतर विमान माना जाता है, जिसका उपयोग 71 सैनिकों या 50 पैराट्रूपर्स के सामरिक परिवहन के लिए किया जाता है।
- इसका इस्तेमाल उन स्थानों पर सैन्य साजो-सामान और रसद पहुंचाने के लिए किया जाता है, जहां मौजूदा भारी विमानों के जरिए नहीं पहुंचा जा सकता।
- सी295 विमान पैराशूट के सहारे सैनिकों को उतारने और सामान गिराने के लिए काफी उपयोगी हो सकता है।
- इसका उपयोग किसी हादसे के पीड़ितों और बीमार लोगों को निकालने के लिए भी किया जा सकता है।
- यह विमान विशेष अभियानों के साथ-साथ आपदा की स्थिति और समुद्री तटीय क्षेत्रों में गश्ती कार्यों को पूरा करने में सक्षम है।