VR Chaudhari: ‘कल का युद्ध लड़ने के लिए विकसित दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत’, वायु सेना प्रमुख का बड़ा बयान
भारतीय वायु सेना प्रमुख ने कहा कि आने वाले समय में सैन्य अवधारणाओं में नए निवेश करने होंगे। साथ ही कल के युद्ध से लड़ने के लिए एक विकसित दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है।
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भारतीय वायु सेना प्रमुख मार्शल वीआर चौधरी ने ‘कल के युद्ध’ से लड़ने के लिए विकसित दृष्टिकोण (evolved approach) अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में सैन्य अवधारणाओं में नए निवेश करने होंगे। साथ ही कल के युद्ध से लड़ने के लिए एक विकसित दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है। चौधरी ने भारत वायु सेना और सेंटर फॉर एयर पावर स्टडीज द्वारा आयोजित एक कैपस्टोन सेमिनार में ये बात कही। बता दें, भारतीय वायु सेना ने पहला युद्ध और एयरोस्पेस रणनीति कार्यक्रम (डब्ल्यूएएसपी) आयोजित किया, जिसका समापन नई दिल्ली के वायु सेना सभागार में कैपस्टोन सेमिनार के साथ हुआ।
चौधरी ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि सैन्य मामलों में तकनीक के प्रयोग से हुए बदलावों ने हमें इस तथ्य को स्वीकार करने के लिए मजबूर किया है कि इस क्षेत्र अभी और नए निवेश करने होंगे। भविष्य में सैन्य नेतृत्व को नए विचार पर काम करने के लिए संगठनात्मक दृष्टिकोण से पहल करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि हमें पता है कि युद्ध करने का तरीका बदल रहा है, लेकिन इसके बावजूद इंसानों द्वारा किए गए कार्यों की प्रकृति विकसित होती रहेगी। हमें खुद की सीख के लिए औपचारिक शिक्षा को क्यूरेटेड कार्यक्रमों (curated programmes) के साथ जोड़ने की आवश्यकता है। मार्शल चौधरी ने कहा कि हमें जरूरत है कि आने वाले वर्षों में सभी अधिकारियों को फिर से शिक्षित किया जाए, जिससे सेना मजबूत हो सके।
बता दें, सेमिनार में तीनों सेनाओं के वरिष्ठ अधिकारियों, विशेषज्ञों, देश के प्रमुख थिंक टैंक और प्रमुख कॉलेजों के शिक्षाविदों ने भाग लिया।