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वरिष्ठ जजों से निराश हूं: पूर्व जस्टिस हेगड़े
एजेंसी, नई दिल्ली
Updated Sun, 14 Jan 2018 05:01 AM IST
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जस्टिस हेगड़े
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सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज संतोष हेगड़े ने शनिवार को कहा कि न्यायपालिका के अंदरूनी मुद्दे को जनता के बीच ले जाने के लिए वह चार वरिष्ठ जजों की पूरी तरह निंदा करते हैं। इससे संस्थान की प्रतिष्ठा को क्षति पहुंची। यह न्यायालय की अवमानना हो सकती है। जस्टिस हेगड़े ने कहा, न्यायपालिका के अंदरूनी मुद्दों को जनता के बीच चर्चा के लिए नहीं ले जाना चाहिए क्योंकि न तो जनता, न सरकार और न शासन उन्हें कोई राहत दे सकता है।
इसलिए मैं चार जजों की प्रेस वार्ता की पूरी तरह निंदा करता हूं। कर्नाटक के पूर्व लोकायुक्त हेगड़े के मुताबिक इससे जनता का ध्यान खींचने के अलावा कोई और फायदा नहीं होगा। न्यायपालिका लोगों के विश्वास पर चलती है। एक बार लोगों का भरोसा खो जाए तो संस्थान बेकार हो जाएगा।
पढ़ें- कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन जस्टिस कुरियन बोले- न्यायपालिका और न्याय के हित में कदम उठाया
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हेगड़े के मुताबिक वह सहमत हैं कि जजों की नीयत तंत्र की गंदगी को बाहर करने की थी, लेकिन वह उनके तरीके से असहमत हैं। यह घटना एक मिसाल बनेगी और सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट के जज अपने विवाद जनता के बीच ले जाएंगे। हेगड़े ने आगे कहा, यह न्यायालय की अवमानना का मामला हो सकता है, लेकिन मैं इसके बारे में बात नहीं कर रहा हूं...मैं इस मुद्दे को दूसरी दिशा में नहीं ले जाना चाहता।
मैं उन चार जजों के बाहर आकर यह कहने पर सवाल उठा रहा हूं कि चीफ जस्टिस अपनी पसंद के मुताबिक केस दे रहे हैं। यह अधिकारी उन्हें मिला है। और क्यों नहीं? बेंच जिसे केस दिया गया है, वहां सिर्फ एक शख्स नहीं है, वहां दो अन्य जज भी हैं। इसका मतलब है कि आप तीन जजों पर संदेह कर रहे हें।
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इसलिए मैं चार जजों की प्रेस वार्ता की पूरी तरह निंदा करता हूं। कर्नाटक के पूर्व लोकायुक्त हेगड़े के मुताबिक इससे जनता का ध्यान खींचने के अलावा कोई और फायदा नहीं होगा। न्यायपालिका लोगों के विश्वास पर चलती है। एक बार लोगों का भरोसा खो जाए तो संस्थान बेकार हो जाएगा।
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हेगड़े के मुताबिक वह सहमत हैं कि जजों की नीयत तंत्र की गंदगी को बाहर करने की थी, लेकिन वह उनके तरीके से असहमत हैं। यह घटना एक मिसाल बनेगी और सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट के जज अपने विवाद जनता के बीच ले जाएंगे। हेगड़े ने आगे कहा, यह न्यायालय की अवमानना का मामला हो सकता है, लेकिन मैं इसके बारे में बात नहीं कर रहा हूं...मैं इस मुद्दे को दूसरी दिशा में नहीं ले जाना चाहता।
मैं उन चार जजों के बाहर आकर यह कहने पर सवाल उठा रहा हूं कि चीफ जस्टिस अपनी पसंद के मुताबिक केस दे रहे हैं। यह अधिकारी उन्हें मिला है। और क्यों नहीं? बेंच जिसे केस दिया गया है, वहां सिर्फ एक शख्स नहीं है, वहां दो अन्य जज भी हैं। इसका मतलब है कि आप तीन जजों पर संदेह कर रहे हें।