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आईपीएस अफसरों की सेवा में लगे सैकड़ों जवान वापस होंगे, कोरोना की लड़ाई में स्टाफ की कमी के चलते उठाया कदम

Sat, 16 May 2020 04:44 PM IST
Harendra Chaudhary जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली
जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Sat, 16 May 2020 04:44 PM IST
सार

केंद्र सरकार के एक बड़े अधिकारी ने खुलासा किया है कि अनेक मौजूदा एवं पूर्व आईपीएस अफसर सुरक्षा बलों को खूब चूना लगा रहे हैं। कई अधिकारी तो ऐसे हैं, जो पहले कभी प्रतिनियुक्ति पर सीआरपीएफ में रहे हैं, लेकिन उनकी सुविधाएं अभी तक जारी हैं।

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Hundreds of IPS officers will be back in service, action taken due to shortage of staff in the Battle of Corona
CRPF Home Ministry - फोटो : Social Media (File)

विस्तार

कोरोनावायरस के संक्रमण को रोकने के लिए 'केंद्रीय सुरक्षा बल' सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहे हैं। चूंकि बहुत से जवान लॉकडाउन के चलते अपने घरों से वापस ड्यूटी पर नहीं आ सके हैं, इसलिए अब इस लड़ाई में स्टाफ की कमी महसूस हो रही है।
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इस बीच मालूम हुआ कि सैकड़ों जवान और दूसरे कर्मी रिटायर्ड आईपीएस अफसरों की सेवा में लगे हैं। केवल कर्मी ही नहीं, बल्कि सुरक्षा बलों के वाहनों पर भी कब्जा जमा रखा है। इनमें सर्विंग आईपीएस और रिटायर्ड, दोनों शामिल हैं।

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अब इन सब लोगों के घरों पर मौजूद स्टाफ को वापस बुलाया जाएगा। सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल 'सीआरपीएफ' ने तो यह आदेश जारी कर दिया है कि 17 मई दोपहर तक ऐसे सभी कर्मियों की सूची महानिदेशक को पेश करें, जो बल से जा चुके हैं या सेवानिवृत हुए अफसरों की कोठियों पर काम कर रहे हैं।

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कुत्ते को ट्रेनिंग देने के लिए रखा सीआरपीएफ का ट्रेनर

केंद्र सरकार के एक बड़े अधिकारी ने खुलासा किया है कि अनेक मौजूदा एवं पूर्व आईपीएस अफसर सुरक्षा बलों को खूब चूना लगा रहे हैं। कई अधिकारी तो ऐसे हैं, जो पहले कभी डेपुटेशन पर सीआरपीएफ में रहे हैं, लेकिन उनकी सुविधाएं अभी तक जारी हैं।


कोई आईपीएस उत्तर पूर्व में पोस्टेड है, लेकिन दिल्ली में रह रही उसकी पत्नी को सीआरपीएफ गाड़ी, ड्राइवर और कुक मुहैया करा रही है। एक आईपीएस ने अपनी पत्नी के लिए मणिपुर से सीआरपीएफ की गाड़ी दिल्ली भेज दी थी।

एक गाड़ी और ड्राइवर का महीने का खर्च करीब दो लाख रुपये तक पहुंच जाता है। इसके अलावा ये अधिकारी तीन चार कुक, माली और सफाई कर्मी भी रखते हैं। सीआरपीएफ से एक साल के कोर्स पर गए आईपीएस रवींद्रन ने तो अपने घर पर कुत्ते को ट्रेनिंग देने के लिए सीआरपीएफ का सरकारी ट्रेनर रखा हुआ है।

उनके पास अलग से तीन जवानों का स्टाफ है। कई दूसरे आईपीएस भी हैं जो एक साल के लिए दिल्ली में ही किसी कोर्स पर हैं, लेकिन वे सीआरपीएफ की कई गाड़ियां और स्टाफ अपने घर में रखे हैं।

किस आईपीएस के पास है कितना स्टाफ

सीआरपीएफ के पूर्व डीजी आरआर भटनागर, जो कि अब जम्मू-कश्मीर में सलाहकार हैं, उनके पास सियाज कार नंबर एचआर-70, 2डी 5648 और इनोवा जेएच01-बीके 9890 रही है। इसके अलावा पांच कुक विजय कुलकर्णी, दिलीप सिंह, के.प्रकाश, खिलानंद और मनोज शर्मा हैं।

दो धोबी नसीब कुमार व इमदाद अली हैं। हवलदार टेलर रिजवी, सफाईकर्मी राजेश और माली दलबीर व शैलेंद्र उनकी दिल्ली कोठी पर लगे हैं। एक दूसरी फोर्स के एएसआई प्रेमपाल भी इन्हीं के पास हैं।

2019 में रिटायर हुए पूर्व एडीजी आरपी सिंह के घर पर सुखश्याम, ईश्वरराज सिंह, एएसआई अधीशाल, हवलदार राजू सुमन, कुक श्रीकांत, हरीश व धोबी गणेश प्रसाद है। स्पेशल डीजी पद से रिटायर हुए दीपक मिश्रा के पास सीआरपीएफ के दो ड्राइवर एनके शुक्ला व किशोर सिंह और कुक प्रवीण एवं सफाई कर्मी सिंहासन गुप्ता हैं।
 

पूर्व आईजी मैडम के पास गाड़ियों और स्टाफ की भरमार

सात वर्ष तक सीआरपीएफ में रहीं आईजी अनुपम कुलश्रेष्ठ अब एक साल के लिए एनडीसी में गई हैं। वहां आने वाले आर्मी व दूसरे विभागों के अफसर निजी गाड़ी में आते हैं, जबकि अनुपम के पास सीआरपीएफ की गाड़ी है।

हवलदार उदप्पा राव, सिपाही चाला पंडियन, और जाघव रामेश्वर उनके पास हैं। तीन कुक भी हैं। सिपाही अमीर कांत झा, टीका राम और भूप सिंह भी वहीं बताए गए हैं। सफाई कर्मी राम अवतार यादव और धोबी विजय सिंह उनके घर पर काम कर रहे हैं।

एचआर 72सी 7826 सियाज, एचआर 26ईए-9680 टाटा सफारी, एचआर-72बी 2178 अर्टिगा और जेएच-10 एए 0726 स्पलेंडर बाइक भी उनके पास रही है। पंकज कुमार सिंह सात वर्ष पहले सीआरपीएफ में थे, तभी से उनके पास कुक एम.कुमार है।

एसआर ओझा बीएसएफ से रिटायर हुए थे, उनके घर सीआरपीएफ का कुक महिपाल है। आरपीएफ के डीजी अरूण कुमार, सीआरपीएफ हवलदार को अपने पास रखे हैं। त्रिपुरा पुलिस में रहे वीएस यादव के पास कुक बजरंग लाल है।

आईबी में रहे अब्दुल जब्बार के पास सिपाही बिगुलर सुंदर लाल है। नेटग्रिड के काम कर रहे आशीष गुप्ता के घर पर कुक दीवान सिंह लगा है। जेके सिन्हा के घर पर कुक हरेंद्र ठाकुर है। एनएचआरसी में डीजी प्रभात सिंह के पास सीआरपीएफ की गाड़ी डिजायर पीबी 08सीएक्स 8190 और ड्राइवर भी है।

आईटीबीपी के पूर्व डीजी के पास भी सीआरपीएफ का स्टाफ

पचनंदा के पास सिपाही कृष्ण सिंह, एनएसजी के पूर्व डीजी सुदीप लखटकिया के घर पर सफाई कर्मी राजकुमार, कुक प्रवीण और हवलदार राकेश पूर्व डीजी एके शुक्ला की सेवा में लगे हैं। डॉ. महबूब आलम, पूर्व एडीजी एनडीआरएफ के पास एक हवलदार है। मणिपुर के पूर्व एडीजी प्रमोद अस्थाना के घर कुक अचिंद्र कुमार है।

किशोर झा, पूर्व एडीजी के पास कुक संदीप और सिपाही राम सागर हैं। पूर्व डीजी एएस गिल को सिपाही जगराज मिला है। झारखंड के पूर्व एडीजी एमपी राव के पास सफाई कर्मी मुकेश काम कर रहा है। पूर्व डीजी विवेक दुबे चालक मोहनराज को अपने घर पर रखे हैं।

कॉन्फेडरेशन ऑफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्स वेलफेयर एसो. के महासचिव रणबीर सिंह ने केंद्रीय गृहमंत्री से मांग की है कि मौजूदा एवं पूर्व अफसरों के घर पर लगे फोर्स कर्मियों को वापस बुलाया जाए।



बता दें कि इससे पहले अमर उजाला डॉट कॉम की खबर पर संज्ञान लेते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सीआरपीएफ, बीएसएफ और दूसरे बलों में रिटायर्ड अधिकारियों से सरकारी गाड़ियां वापस ले ली थी। हालांकि बाद में कई पूर्व आईपीएस दोबारा से सरकारी गाड़ी हासिल करने में कामयाब हो गए।

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