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Bengal: 'आग से मत खेलो, गाय की होगी कुर्बानी', हुमायूं कबीर ने सीएम शुभेंदु अधिकारी को दी चेतावनी
Wed, 20 May 2026 06:35 PM IST
Rahul Kumar
आईएएनएस, कोलकाता
आईएएनएस, कोलकाता
Published by: Rahul Kumar
Updated Wed, 20 May 2026 06:35 PM IST
सार
आम जनता उन्नयन पार्टी के अध्यक्ष और विधायक हुमायूं कबीर ने कहा, संविधान का सम्मान करना चाहिए लेकिन कुर्बानी होगी। गाय की भी होगी, बकरे की भी होगी और ऊंट की भी होगी। कुर्बानी के लिए जो पशु जायज़ हैं, उनकी कुर्बानी होंगी।
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हुमायूं कबीर, अध्यक्ष, आम जनता उन्नयन पार्टी
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
पश्चिम बंगाल में खुले में नमाज और कुर्बानी को लेकर सियासत तेज हो गई है। आम जनता उन्नयन पार्टी के अध्यक्ष हुमायूं कबीर ने भाजपा और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पर निशाना साधते हुए कहा कि मुस्लिम समुदाय कुर्बानी के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं करेगा।
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सीएम को सीधी चेतावनी
हुमायूं कबीर ने कहा कि संविधान का सम्मान करना चाहिए, लेकिन कुर्बानी होगी। गाय की भी होगी, बकरे की भी होगी और ऊंट की भी होगी। कुर्बानी के लिए जो पशु जायज हैं, उनकी कुर्बानी होगी। मैं भाजपा सरकार को चेतावनी देता हूं। शुभेंदु अधिकारी से सीधे तौर पर कह रहा हूं कि आग से मत खेलो। उन्होंने कहा कि अगर वे कुर्बानी पर रोक लगाने की कोशिश करते हैं, तो इससे उनके लिए ही मुश्किलें खड़ी होंगी। मुस्लिम समुदाय किसी भी हाल में कुर्बानी के मामले में कोई समझौता नहीं करेगा।
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हुमायूं कबीर ने कहा कि 37 प्रतिशत से अधिक मुसलमान गाय का गोश्त खाते हैं। सबसे पहले स्लॉटर हाउस बंद करना चाहिए। उन्हें तो लाइसेंस दिया गया है। भारत सरकार तो बीफ बाहर भेजकर पैसे कमा रही है। क्या सरकार इसे बंद करेगी?
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बंगाल में उठा सड़क पर नमाज का मुद्दा
उन्होंने कहा कि ईद की नमाज पढ़ने के लिए सरकार को हमें बड़ा मैदान देना चाहिए। अगर मैदान की व्यवस्था नहीं होगी, तो सड़क पर नमाज पढ़ने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। वहीं, सड़क पर नमाज के खिलाफ भाजपा नेताओं का कहना है कि यह लड़ाई किसी धर्म के खिलाफ नहीं है, बल्कि तुष्टीकरण के खिलाफ है। जब सड़कों पर नमाज पढ़ने की बात आती है, तो यूएई, सऊदी अरब या ईरान जैसे इस्लामिक देशों में भी सड़कों पर नमाज पढ़ने पर रोक है। इसलिए, इसे धार्मिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।
बता दें कि पश्चिम बंगाल सरकार ने एक औपचारिक सार्वजनिक सूचना जारी की है। इसमें फिटनेस सर्टिफिकेट के बिना गाय और भैंस के वध पर सख्त प्रतिबंध को दोहराया गया है। 27 मई को बकरीद से पहले सरकार ने यह नोटिस जारी किया। नोटिस में कहा गया है कि बिना प्रमाण पत्र के किसी भी बैल, बछड़े, गाय या भैंस का वध नहीं किया जा सकता। प्रमाण पत्र पर दो अलग-अलग अधिकारियों के हस्ताक्षर होने चाहिए। उल्लंघन को संज्ञेय अपराध माना जाएगा, जिसके लिए छह महीने तक की कैद और एक हजार रुपए तक के जुर्माने की सजा हो सकती है।