{"_id":"62d6a256cdda7615994a6444","slug":"human-trafficking-bachpan-bachao-andolan-and-ncpcr-free-10-minor-tribal-girls","type":"story","status":"publish","title_hn":"Human Trafficking: बचपन बचाओ आंदोलन और एनसीपीसीआर ने मुक्त करवाईं 10 नाबालिग आदिवासी लड़कियां, दो के खिलाफ FIR दर्ज","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Human Trafficking: बचपन बचाओ आंदोलन और एनसीपीसीआर ने मुक्त करवाईं 10 नाबालिग आदिवासी लड़कियां, दो के खिलाफ FIR दर्ज
Tue, 19 Jul 2022 05:54 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Tue, 19 Jul 2022 05:54 PM IST
सार
पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों की पहचान की है। इन पांच लोगों में से दो के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मुक्त कराई गई सभी लड़कियों की उम्र 13 से 17 साल के बीच है। सभी लड़कियों का मेडिकल टेस्ट करवा लिया गया है और इसके बाद इन्हें चाइल्ड वेलफेयर कमेटी(सीडब्ल्यूसी) के सामने पेश किया जाएगा।
विज्ञापन
नोबेल पुरस्कार विजेता और बचपन बचाओ आंदोलन के प्रणेता कैलाश सत्यार्थी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
नोबेल विजेता कैलाश सत्यार्थी द्वारा चलाए जा रहे 'बचपन बचाओ आंदोलन'(बीबीए) ने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग(एनसीपीसीआर), एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट(एएचटीयू) और दिल्ली पुलिस के सहयोग से 10 नाबालिग आदिवासी लड़कियों को मुक्त करवाया है। यह सभी लड़कियां ट्रैफिकिंग के जरिए झारखंड के दक्षिणी सिंहभूम जिले से अच्छे काम और पैसे का लालच देकर दक्षिणी दिल्ली में चल रही एक अवैध प्लेसमेंट एजेंसी में लाई गईं थी। यह एजेंसी पिछले दस साल से यहां चल रही है।
विज्ञापन
पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों की पहचान की है। इन पांच लोगों में से दो के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मुक्त कराई गई सभी लड़कियों की उम्र 13 से 17 साल के बीच है। सभी लड़कियों का मेडिकल टेस्ट करवा लिया गया है और इसके बाद इन्हें चाइल्ड वेलफेयर कमेटी(सीडब्ल्यूसी) के सामने पेश किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
बीबीए के निदेशक मनीश शर्मा ने कहा, ‘हमारा संगठन उन प्लेसमेंट एजेंसियों की गतिविधियों के खिलाफ है, जो गरीब व कमजोर वर्ग के बच्चों को लालच देकर या बहला-फुसलाकर ट्रैफिकिंग का शिकार बनाती हैं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘हम सरकार से आग्रह करते हैं कि वह आने वाले समय में ऐसी अवैध गतिविधियों में लिप्त रहने वाली प्लेसमेंट एजेंसियों के खिलाफ एक कठोर कानून लाए।’
गौरतलब है कि देश की राजधानी में पहले भी ऐसे मामले सामने आते रहे हैं जब दूसरे राज्यों के ग्रामीण इलाकों से लड़के-लड़कियों को अच्छे काम और पैसे के लालच में ट्रैफिकिंग के जरिए लाया गया है। पिछले महीने ही दिल्ली के ही एक इलाके से दो नाबालिग बच्चियों को छुड़ाया गया था। इनसे अमानवीय हालत में काम करवाया जाता था और खाने के नाम पर बचा-खुचा ही दिया जाता था। यह दोनों नाबालिग आपस में बहनें थीं और इन्हें ट्रैफिकिंग के जरिए बहला-फुसलाकर लाया गया था। इस तरह के तमाम मामले समय-समय पर सामने आते रहते हैं।