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RBI का दावा, नोटबंदी के बाद नकद लेनदेन में आई भारी कमी
टीम डिजिटल/अमर उजाला
Updated Sat, 25 Nov 2017 06:26 AM IST
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रिजर्व बैंक ने एक अध्ययन में दावा किया है कि नोटबंदी के बाद से लोगों की भुगतान आदतों में बड़ा बदलाव आया है।
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अर्थव्यवस्था नकद लेनदेन से कहीं आगे निकल चुकी है और डिजिटल भुगतान को अपना लिया है। पिछले साल सरकार ने 500 और 1000 रुपये के नोट बंद कर दिए थे। उसके बाद से खुदरा दुकानदार भी कार्ड और चेक से भुगतान लेने लगे।
आरबीआई ने अपने अध्ययन में कहा है कि नोटबंदी का बैंक लेनदेन और अन्य भुगतान पर गहरा प्रभाव पड़ा। इससे भुगतान की प्रणाली कैश से निकल कर इलेक्ट्रॉनिक भुगतान की ओर बढ़ गई।
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उसके मुताबिक नोटबंदी के समय कार्ड, चेक और पीओएस से भुगतान का शुरू हुआ सिलसिला अब भी उससे भी तेज रफ्तार से चल रहा है। यह अध्ययन आरबीआई के सांख्यिकी विभाग के शशांक शेखर मैती के मार्गदर्शन में किया गया है।
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रिपोर्ट में कहा गया है कि नोटबंदी से पहले चेक के लेनदेन और उसके मूल्य में काफी कमी थी, लेकिन नोटबंदी के दौरान और उसके बाद के महीनों में चेक के लेनदेन में काफी वृद्धि देखी गई है।
इसके साथ ही डेबिट-क्रेडिट कार्ड और पॉयंट ऑफ सेल टर्मिनल से भुगतान में नोटबंदी और बाद के महीनों में काफी उछाल आया।