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आखिर क्या हैं मेमोरी तेज करने के अचूक नुस्खे? किस तरह से होगा दिमाग तेज और कैसे बढ़ेगी याददाश्त

Sun, 09 Feb 2020 07:31 AM IST
Rama Solanki रमा सोलंकी
Updated Sun, 09 Feb 2020 07:31 AM IST
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सार
जानिए सबकुछ : क्या है इंसान की मेमोरी का साइंस
जानिए कैसी है आपकी याददाश्त  
क्यों उम्र के साथ कम होती जाती है याददाश्त
अच्छी याददाश्त के लिए PQRST फार्मूला
अच्छी याददाश्त के लिए महत्वपूर्ण टिप्स 
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how to increase memory power know science of memory techniques
मानव स्मृति - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

क्या मैं आपको जानता हूं? शायद हम पहले मिले हैं? अक्सर कई लोगों के साथ ऐसा होता है। हो सकता है कि आपके साथ भी ऐसा हुआ हो! एक हाथ से आप मोबाइल ढूंढ रहे होते हैं, जबकि वह दूसरे हाथ में रहता है। चश्मा सिर पर फंसा रखा हो और उसे काफी देर तक ढूंढते रह जाते हैं। है तो ये सामान्य बात, लेकिन अगर बात—बात पर भूलने की आदत है तो इसे गंभीरता से लेने की जरूरत है। इसका मतलब है कि आपकी याददाश्त कमजोर हो रही है। ऐसे में आपके लिए जरूरी हो जाता है कि आप अपनी याददाश्त की क्षमता के बारे में जानें।

याददाश्त (मेमोरी) क्या है?

मानव स्मृति
मानव स्मृति - फोटो : Amar Ujala
  • किसी भी घटना को दिमाग में संचित करना,समय पर उसको याद रखना याददाश्त कहलाता है।
  • लिम्बिक सिस्टम- किसी भी बात को रजिस्टर करके दिमाग उसको जिस स्थान पर रखता है।
  • मेमोरी बॉडी - किसी बात को जरूरत पड़ने पर वापस याद करना।
याददाश्त (स्मृति) का अर्थ है-
  • किसी चीज और पूर्व अनुभवों को याद रखना। 
  • मस्तिष्क में एकत्र रखना।
  • स्मृति एक मानसिक क्रिया होती है
  • स्मृति का प्रमुख आधार अर्जित अनुभव होता है।
  • स्मृति का पुनरुत्पादन परिस्थिति के अनुसार होता है।
  • इसके दो पक्ष होते हैं,
  • सकारात्मक और नकारात्मक पक्ष।

कैसी है आपकी याददाश्त

मानव स्मृति
मानव स्मृति - फोटो : Amar Ujala

याददाश्त (स्मृति) के तत्व-

  • संकेतक- किसी बात को संकेतों के माध्यम से ग्रहण करना और याद रखना।
  • संचयन- उसको दिमाग में याद रखना।
  • पुनः प्राप्ति- समय आने पर उसको स्मरण में वापस लाना।

याददाश्त (स्मृति) के प्रकार

मानव स्मृति
मानव स्मृति - फोटो : Amar Ujala
  • संवेदी स्मृति
  • लघु अवधि स्मृति
  • दीर्घ स्मृति।
 संवेदी स्मृति के प्रकार-
  • प्रतिमा संबंधी ( Iconic )- कोई भी चीज देखकर दिमाग में रखना।
  • प्रतिध्वनि संबंधी ( Ehoic )- सुनकर दिमाग में याद रखना।
याददाश्त (स्मृति) की परिभाषाएं

स्मृति के संबंध में कुछ वैज्ञानिकों ने निम्नलिखित परिभाषाएं दी हैं।

“जो बात पहले से ही की जा चुकी है उसे स्मरण करना स्मृति है।”
वुडवर्थ

“अपने अनुभव को संचित रखने और उनको प्राप्त करने के कुछ समय बाद चेतना के क्षेत्र में पुनः लाने की जो शक्ति हमारे अंदर होती है।उसे स्मृति कहते हैं।”
रायबर्न


“स्मृति उस घटना का तत्व ज्ञान है,जिसके बारे में हमने कुछ समय तक नहीं सोचा है,पर जिसके बारे में हमको यह चेतना है, कि हम उसका पहले विचार या अनुभव कर चुके हैं।”
जेम्स

“स्मृति एक आदर्श पुनरावृत्ति है।”
स्काउट

“स्मृति से आशय अतीत की घटनाओं की कल्पना करना और इस तथ्य को पहचान लेना कि ये अतीत के अनुभव हैं।”
मैकडूगल

क्यों उम्र के साथ कम होती जाती है याददाश्त

मानव स्मृति
मानव स्मृति - फोटो : Amar Ujala

संवेगी स्तर स्मृति (मेमोरी)
इसमें हम इन्द्रियों का प्रयोग करके अतीत के अनुभवों को फिर से याद कर सकते हैं। हम बन्द आंखों से उन वस्तुओं , को छूकर, चखकर ,सूंघकर बता सकते हैं। जिनको हम जानते हैं।

अल्पकालिक स्मृति (मेमोरी)

  • इस प्रकार की स्मृति में हम किसी भी याद की हुई बात को तुरंत सुना देते हैं और हमें वो उस समय याद रहती है। परंतु कुछ समय पश्चात हम उस बात को भूल जाते हैं और ज्यादा देर तक वो बात हमें याद नहीं रहती है। ऐसी स्मृति को हम अल्पकालिक स्मृति कहते हैं।अल्पकालिक स्मृति बच्चों की अपेक्षा वयस्को में यह अधिक पायी जाती है।
  • शॉर्ट टर्म मेमोरी को वर्किंग मेमोरी भी कहते हैं।
  • इसमें दीर्घकालीन स्मृति और संवेदी स्मृति को जोड़ने की क्षमता होती है।
  • इसमें 5-9 बातों को याद रखने की क्षमता होती है, अधिकांश लोग 7 बातों ( Items) को याद रखते हैं।

 
दीर्घकालिक स्मृति (मेमोरी)

  • इस प्रकार की स्मृति की गई बातों को हम कभी नही भूलते हैं, वो हमारे दिमाग में संचित रहती हैं।
  • इस प्रकार की स्मृति की गई बातों को हम कभी नही भूलते है, वो हमारे दिमाग में संचित रहती है। 
  • दीर्घकालिक स्मृति को स्मृति (Secondary Memory) भी कहते है। 

 

इसके निम्नलिखित भाग होते हैं-

  • सांप्रयोगिक या प्रासंगिक स्मृति (Episodic)
  • अर्थगत स्मृति ( Semantic)
  • क्रियान्वयन स्मृति (Procedural ).

याददाश्त (स्मृति) के अंग

मानव स्मृति
मानव स्मृति - फोटो : Amar Ujala
याददाश्त (स्मृति)और स्मरण की प्रक्रिया को पूरा होने के चार चरण होते हैं।

सीखना(learning) – स्मृति का यह पहला अंग है सीखना ।
पहले हम उस चीज को सीखते हैं जिसको याद रखना चाहते हैं।

धारण (Retention) – यह स्मृति का दूसरा अंग होता है।
जो बात सीखी है उस बात को मस्तिष्क में संचित करना और याद रखने के लिए एकत्र करना।

पुनः स्मरण (Recall) – यह स्मृति का तीसरा अंग होता है।
इसमें सीखी हुई बात को अचेतक मन से चेतन मन मे लाना होता है।

पहचान (Recoginition) – यह स्मृति का चौथा अंग है।
जो बात याद रखी गई है उसमें याद आने वाली बात में किसी प्रकार गलती ना होना ही याददाश्त का चौथा अंग है।
 

अच्छी याददाश्त के लिए महत्वपूर्ण विधियां ( टिप्स )

अच्छी याददाश्त के टिप्स
अच्छी याददाश्त के टिप्स - फोटो : Amar Ujala

अच्छी याददाश्त के लिए अभ्यास बहुत जरुरी है। इसके लिए कुछ महत्वपूर्ण उपाय या नियम हैं। जिसकी सहायता से अच्छी याददाश्त पाई जा सकती है।
जो निम्नलिखित हैं।

  • पूर्व ज्ञान पर आधारित
  • स्मरण के अधिक अवसर
  • दोहराना
  • संवेगात्मक स्थिरता
  • एकाग्रता
  • दृढ़ निश्चय
  • स्पष्ट ज्ञान
  • प्रोत्साहन
  • पहले से समझना
  • रुचि उत्पन्न करना
दिमाग का व्यायाम भी जरूरी है-
  • अच्छे संगीत को अपना साथी बनाएं।
  • अच्छी किताबें पढ़ने की आदत डालें।
  • रोजमर्रा की जिंदगी से घूमने का भी वक्त निकालें।
  • पहेलियां सुलझाएं और खेलकूद जैसी गतिविधियों में भागीदारी करें।
  • ज्यादा से ज्यादा पैदल चलने की आदत डालें।
  • दोस्तों के साथ सकारात्मक विषयों पर बातचीत करें।
  • रोजाना कम से कम 20 -30 मिनट वॉक जरूर करें।
  • पानी की मात्रा को संतुलित रखें, 7 -8 गिलास पानी पिए।
  • 7 -8 घंटे की अच्छी नींद लें।

अच्छी याददाश्त के लिए PQRST फार्मूला

मानव स्मृति
मानव स्मृति - फोटो : Amar Ujala
इसके पांच चरण है-
  • पूर्वदर्शन (Preview)-जो भी हम कर रहे हैं उसका पूर्वदर्शन यानि पूर्व स्मरण कर लेना चाहिए।
  • प्रश्न(Question)- प्रश्नोत्तर स्तर पर कोई भी बात हमें देर तक याद रहती है।
  • पढ़ना (Read)- पढ़ने की आदत से भी हमारी स्मरणशक्ति बढ़ती है।
  • आत्म- प्रपठन (Self-Recitaion)- याद करने का बेहतरीन तरीका होता है आत्म- प्रपठन।
  • जांच (Test)-अपने काम की जांच और उसका स्मरण भी बहुत सहायक होता है।
(यह फॉर्मूला थॉमस और रॉबिन्सन ने दिया था।)


Bibliography and References
*Medical Expert ( Dr Rohit Sharma). 
*Yog Expert ( Savita Tiwari, Patanjali Yogpeeth)
*Fitness Trainer (Manoj Chouhan,Yamuna Sports Complex)

-Learning and memory
https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4248571/

-A powerful way to improve learning and memory
https://www.apa.org/science/about/psa/2016/06/learning-memory

-What are the differences between long-term, short-term, and working memory?
https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC2657600/

-Regular exercise changes the brain to improve memory, thinking skills
https://www.health.harvard.edu/blog/regular-exercise-changes-brain-improve-memory-thinking-skills-201404097110

-What Are The Best Ways To Improve Your Memory According To Science?
https://www.forbes.com/sites/daviddisalvo/2018/09/30/what-are-the-best-ways-to-improve-your-memory-according-to-science/#1fe7bf9e2651


 
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