जीएसटी पर गुजरात में होगी मोदी की राजनीतिक परीक्षा
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नोटबंदी के बाद पीएम मोदी की अगली राजनीतिक परिक्षा जीएसटी पर होनी तय मानी जा रही है। जीएसटी पर उनकी परीक्षा कहीं और नहीं बल्कि उनके अपने गृह प्रदेश गुजरात में होगी। यहां के लोगों को व्यापार कौशल का बहुत धनी माना जाता है।
जीएसटी का प्रभाव उद्योग और व्यापार जगत पर कैसा पड़ेगा यह गुजरात के लोगों से ज्यादा कोई नहीं समझ सकता है। इसीलिए कहा जा रहा है कि जीएसटी पर पीएम मोदी की राजनीतिक परीक्षा उनके अपने ही प्रदेश में होगी। जुलाई में जीएसटी के लागू होने के बाद गुजरात ही वह सबसे पहला प्रदेश है जहां विधानसभा के चुनाव होने हैं। इस वर्ष के अंत में जब गुजरात विधानसभा के चुनाव होंगे तब तक जीएसटी का असर दिखने लगेगा।
जीएसटी के सियासी प्रभाव को बेअसर करने में जुटी भाजपा
पीएम मोदी के गृह राज्य गुजरात में जीएसटी के सियासी प्रभाव को बेअसर करने की कवायद में भाजपा अभी से कमर कस मैदान में उतर गई है। जीएसटी की खुबियों से जनता को अवगत कराने के लिए पार्टी की ओर से जिलास्तरीय सम्मेलनों के आयोजन का दौर जारी है। राज्य भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार विधानसभा चुनाव का एलान होने तक जीएसटी को लेकर होने वाले सम्मेलन प्रत्येक विधानसभावार संपन्न हो जाएंगे।
जीएसटी पर भाजपा को सता रही व्यापारियों के विरोध की आशंका
गुजरात भाजपा के वरिष्ठ नेता ने स्वीकार किया कि जीएसटी के लागू होने पर व्यापारियों की ओर से विरोध के स्वर जरूर उभरेंगे। लेकिन पीएम मोदी के प्रति लोगों का गहरा विश्वास होने की वजह से उन्हें समझाने में मुश्किलें नहीं आएंगी। नोटबंदी और सर्जिकल स्ट्राईक के कदम से लोगों का विश्वास पीएम मोदी के प्रति और गहरा हुआ है कि उनका हर कदम राष्ट्रहितैषी है।
नोटबंदी पर यूपी की राजनीतिक परिक्षा में सफल रहे हैं मोदी
आर्थिक क्षेत्र के लिए दूसरे सबसे बडे कदम नोटंबदी की राजनीतिक परिक्षा में मोदी सफल रहे हैं। नोटबंदी के कदम के चंद माह बाद उनके संसदीय प्रदेश यूपी में हुए विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता ने भाजपा को ऐतिहासिक बहुमत प्रदान किया।
भाजपा को उम्मीद है कि संसदीय प्रदेश की तरह पीएम मोदी के गृह प्रदेश की जनता भी आर्थिक क्षेत्र के लिए सबसे बड़े कदम जीएसटी पर भी अपना मुहर लगाएगी। हालांकि पार्टी ने इसके सियासी कुप्रभाव की काट निकालनी अभी से शुरू कर दी है।