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विजय माल्या के केस से कितना अलग है भगोड़े नीरव मोदी का केस?  

Wed, 20 Mar 2019 06:38 PM IST
अमित मंडल अमर उजाला, नई दिल्ली
अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमित मंडल Updated Wed, 20 Mar 2019 06:38 PM IST
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How Nirav modi case is different from Vijay Mallya case?
नीरव मोदी-विजय माल्या
13 हजार करोड़ के पीएनबी घोटाले का आरोपी नीरव मोदी को आखिर लंदन में गिरफ्तार कर लिया गया। लेकिन क्या उसे भारत लाया जा सकता है, इस पर बड़ा सवाल है। करीब 13 महीने पहले पीएनबी घोटाले का खुलासा हुआ था और तभी से उसकी तलाश जारी थी।
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फरार होने के बाद उसके कई जगह होने की खबर आई और आखिर में वह लंदन में आजादी के साथ घूमता दिखा। सवाल उठ रहा है कि गिरफ्तारी के बाद क्या उसे भारत लाया जा सकता है? क्योंकि विजय माल्या को भी लंदन में हिरासत में लिया गया था, लेकिन आज तक उसे भारत नहीं लाया जा सकता है।
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दोनों केस में कितना अंतर 

विजय माल्या और नीरव मोदी के मामले में खासा अंतर है। माल्या पर 9 हजार करोड़ रुपये कर्ज लेकर फरार होने का आरोप है। गिरफ्तारी से ऐन पहले माल्या लंदन फरार हो गया था। भले ही भारत में अदालत ने उसे डिफॉल्टर घोषित करते हुए भगोड़ा करार दिया, लेकिन लंदन की अदालत में उसके खिलाफ मामला कमजोर पड़ गया और उसे हर बार जमानत मिल गई। अभी तक उसके प्रत्यर्पण का मामला उलझा हुआ है। 
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वहीं, नीरव मोदी का मामला धोखाधड़ी और गबन दोनों से जुड़ा हुआ है। उसने न सिर्फ पीएनबी से कर्ज का गबन किया बल्कि धोखाधड़ी करते हुए करोड़ों रुपये का गोलमाल भी किया। उसने फर्जी कागजातों के जरिए बैंक को भारत ही नहीं विदेशों में भी चूना लगाया। 

नीरव का कारनामा
 
नीरव मोदी और मेहुल चोकसी ने गारंटी पत्र (एलओयू) हासिल कर विदेशों में पीएनबी को करोड़ों रुपये का चूना लगाया। इसकते अलावा उसने देश में कई फर्जी कंपनियां बनाईं, फर्जी डायरेक्टर बनाए और बैंक के साथ धोखा किया। पीएनबी में कुछ कर्मचारी और अधिकारी उसके लिए ही काम कर रहे थे। उसके विदेश भागते हुए एक-एक कर मामले खुलने लगे। उसने 13 हजार करोड़ का गबन किया। 

विजय माल्या का मामला 

जहां नीरव मोदी पर 13 हजार करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप है, वहीं विजय माल्या पर 9 हजार करोड़ रुपये की कर्ज अदायगी न करने का आरोप है। माल्या भी गिरफ्तार के डर से मार्च 2016 में लंदन भाग गया था। उसके खिलाफ सीबीआई का लुकआउट नोटिस कमजोर किया गया था और इसी का फायदा उठाकर वह लंदन भाग गया। लंदन में माल्या गिरफ्तार भी हुआ, लेकिन वेस्टमिंस्टर कोर्ट ने उसे जमानत दे दी।


देखा जाए तो नीरव मोदी का अपराध बड़ा नजर आता है। उसने न सिर्फ अरबों का कर्ज लेकर अदायगी नहीं की, बल्कि फर्जी कागजातों के जरिए धोखाधड़ी भी की। वेस्टमिंस्टर कोर्ट ने उसकी जमानत अर्जी खारिज कर उसे पहला झटका तो दे ही दिया है।  
 
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