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मास्क, गाउन पहनना डॉक्टर्स और नर्स पर पड़ा भारी, पीपीई किट से त्वचा हो रही खराब
Sat, 02 May 2020 04:27 PM IST
Tanuja Yadav
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Tanuja Yadav
Updated Sat, 02 May 2020 04:27 PM IST
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पीपीई किट पहने स्वास्थ्य कर्मी
- फोटो : PTI
कोरोना से बचने के लिए मेडिकल स्टाफ जिस पीपीई किट का इस्तेमाल कर रहे हैं, वही किट डॉक्टर्स की त्वचा को खराब बनने का कारण बन रहा है। कोरोना मरीज का इलाज करने के लिए डॉक्टर्स को मास्क, दस्ताने, चश्मे, फेस शील्ड और प्रोटेक्टिव गाउन पहनने होते हैं, जिससे अब डॉक्टर्स की त्वचा खराब हो रही है।
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पीपीई किट का इस्तेमाल करने के दौरान डॉक्टर्स में इंफेक्शन के होने का जोखिम ज्यादा रहता है। चीन के शोधकर्ताओं ने एक नया शोध जारी किया है जिसे वुहान केयर में छापा गया है। शोध में 161 अस्पतालों के 4,308 मेडिकल स्टाफ को शामिल किया गया है जिसमें से 4,306 की प्रतिक्रिया उचित है।
ये मेडिकल स्टाफ दिन के आठ से 12 घंटे पीपीई किट पहनकर कोरोना मरीजों का इलाज करते हैं। शोध में पता चला है कि इन डॉक्टर्स में से 42.8 फीसद डॉक्टर्स में पीपीई किट की वजह से त्वचा संबंधी गंभीर घाव हुए हैं।
शोधकर्ताओं ने पीपीई किट से होने वाली तीन गंभीर त्वचा संबंधी बीमारियों के बारे में पता लगाया। इन बीमारियों में डिवाइस संबंधी प्रेशर से होने वाले घाव, नमी से त्वचा पर पड़ा असर और त्वचा का छिलना शामिल है। नीचे दिए गए चार्ट से आप समझ सकते हैं कि स्वास्थ्य कर्मचारियों को पीपीई किट पहनने से क्या परेशानी हो रही है...
पीपीई किट से डॉक्टर की त्वचा को खतरा
इस चार्ट से समझ सकते हैं कि महिला कर्मचारियों की तुलना में पुरुष कर्मचारियों को पीपीई किट पहनने से त्वचा संबंधी ज्यादा दिक्कत है। पुरुषों में जोखिम की मात्रा 59.7 फीसद है जबकि महिलाओं में ये 40 प्रतिशत ही है। यही नहीं 35 साल से ज्यादा उम्र वाले स्वास्थ्य कर्मी अगर पीपीई किट पहनते हैं तो उनको ज्यादा परेशानी होती है।
पीपीई किट का इस्तेमाल कोरोना मरीजों का इलाज करते वक्त संक्रमण से बचने के लिए पहनी जाती है लेकिन मौजूदा हाल में ये पीपीई किट ही स्वास्थ्य कर्मचारियों की परेशानी का सबब बन रही है। नर्स की तुलना में डॉक्टर्स को पीपीई किट ज्यादा नुकसान दे रही है।
पीपीई किट की गुणवत्ता भी त्वचा रोग के जोखिम का कारण बन रही है। अगर डॉक्टर ग्रेड-तीन पीपीई किट पहन रहे हैं तो उससे त्वचा संबंधी रोग होने का जोखिम 80 फीसद से ज्यादा बढ़ जाता है, वहीं ग्रेड-दो पीपीई किट तुलनात्मक तौर पर बहुत खतरा पैदा करती है।