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महाराष्ट्र में कितनी बार लगा राष्ट्रपति शासन, अलग-अलग राज्यों में हो चुका है 126 बार लागू

Tue, 12 Nov 2019 08:20 PM IST
योगेश साहू योगेश साहू, नई दिल्ली
योगेश साहू, नई दिल्ली Published by: योगेश साहू Updated Tue, 12 Nov 2019 08:20 PM IST
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how many times president rule imposed in maharashtra two times now preparations for third time
महाराष्ट्र - फोटो : Amar Ujala Graphics

महाराष्ट्र में आखिरकार आखिरकार मंगलवार को राष्ट्रपति शासन लागू हो गया। राज्य के  विकट राजनीतिक हालात को देखते हुए राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने राष्ट्रपति से इसकी सिफारिश की थी, जिसे राष्ट्रपति ने स्वीकार कर लिया। वहीं केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भी इसकी मंजूरी दे दी। बता दें कि भारत के अलग-अलग राज्यों में अब तक करीब 125 बार राष्ट्रपति शासन लग चुका है। जबकि महाराष्ट्र में अब से पहले तक तीन बार राष्ट्रपति शासन लागू हुआ था।

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गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने भी इस संबंध में कहा कि महाराष्ट्र के राज्यपाल का विचार था कि चुनाव नतीजे आने के 15 दिन बाद भी कोई दल सरकार बनाने की स्थिति में नहीं है, इसलिए राष्ट्रपति शासन ही सबसे सही विकल्प है।

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जानें, महाराष्ट्र में कब-कब लगा राष्ट्रपति शासन

महाराष्ट्र में मंगलवार 12 नवंबर 2019 से पहले तक दो बार राष्ट्रपति शासन लग चुका है। अब यह तीसरी बार लागू किया गया है। इसके तहत प्रदेश के राज्यपाल ही राज्य का प्रशासन चलाने के लिए राष्ट्रपति की कार्यकारी शक्तियों का प्रयोग करने का अधिकारी होंगे।

पहली बार: महाराष्ट्र में पहली बार 17 फरवरी 1980 को लागू हुआ था। उस वक्त शरद पवार मुख्यमंत्री थे। उनके पास बहुमत था, हालांकि राजनीतिक हालात बिगड़ने पर विधानसभा भंग कर दी गई थी। ऐसे में 17 फरवरी से आठ जून 1980 तक करीब 112 दिन तक राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू रहा था।

दूसरी बार: इसी तरह 28 सितंबर 2014 को भी महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाया गया था। उस वक्त राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी कांग्रेस थी। कांग्रेस अपने सहयोगी दल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) सहित अन्य दलों के साथ अलग हो गई थी और विधानसभा भंग कर दी गई थी। ऐसे में 28 सितंबर 2014 से लेकर 30 अक्तूबर यानि 32 दिनों तक राज्य में दूसरी बार राष्ट्रपति शासन लागू रहा।

क्या है राष्ट्रपति शासन, कैसे होता है लागू

राष्ट्रपति शासन का अर्थ है, किसी राज्य का नियंत्रण भारत के राष्ट्रपति के पास चला जाना। लेकिन प्रशासनिक दृष्टि से केंद्र सरकार इसके लिए राज्य के राज्यपाल को कार्यकारी अधिकार प्रदान करती है। संविधान के अनुच्छेद 352, 356 और 365 में राष्ट्रपति शासन से जुड़े प्रावधान दिए गए हैं।

अनुच्छेद 356 के अनुसार राष्ट्रपति किसी भी राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा सकते हैं यदि वे इस बात से संतुष्ट हों कि राज्य सरकार संविधान के मुताबिक काम नहीं कर रही है। अनुच्छेद 365 अनुसार राज्य सरकार केंद्र सरकार द्वारा दिए गए संवैधानिक निर्देशों का पालन नहीं करती तो उस हालात में भी राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाया जा सकता है। 

अनुच्छेद 352 के तहत आर्थिक आपातकाल की स्थिति में राष्ट्रपति शासन लगाया जा सकता है।

महाराष्ट्र में क्यों नहीं बनी सरकार

गौरतलब है कि राज्य में हुए हाल के विधानसभा चुनाव में भाजपा सहित किसी भी दल को स्पष्ठ बहुमत नहीं मिला था। भाजपा 105 सीटें हासिल कर सबसे बड़ा दल जरूर थी। जबकि शिवसेना को 56 सीटें मिली थीं। वहीं भाजपा और शिवसेना ने मिलकर 50:50 के फॉर्मूले पर गठबंधन किया था।

चुनाव परिणाम आने के बाद जब शिवसेना ढाई साल मुख्यमंत्री बनाने की जिद पर अड़ गई तो राजनीतिक हालात बिगड़ते चले गए। इसके बाद शिवसेना ने एनसीपी और कांग्रेस के समर्थन से भी सरकार बनाने की संभावना तलाशी, लेकिन इसमें भी सफलता नहीं मिली।

ऐसे टूटा 30 साल पुराना भाजपा-शिवसेना का गठबंधन

महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए भाजपा ने शिवसेना को गृहमंत्री सहित कैबिनेट में समान संख्या में मंत्री पद देने की पेशकश की थी। लेकिन शिवसेना मुख्यमंत्री पद के लिए अड़ी रही। यहां तक कि शिवसेना के एकमात्र सांसद और केंद्र सरकार के मंत्रिमंडल में शामिल अरविंद सावंत ने सोमवार को इस्तीफा तक दे दिया।

इसके साथ ही राज्य में भाजपा के साथ चला आ रहा 30 साल पुराना गठबंधन भी टूट गया। वहीं दूसरी ओर शिवसेना ने शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी और कांग्रेस के समर्थन से राज्य में सरकार बनाने का फैसला किया थे, परंतु इसमें भी विफल रही।

जानें इन राज्यों में कब-कब लगा राष्ट्रपति शासन

मणिपुर- दस बार

  • 12 जनवरी 1967
  • 25 अक्तूबर 1967
  • 17 अक्तूबर 1969
  • 28 मार्च 1973
  • 16 मई 1977
  • 14 नवंबर 1979
  • 28 फरवरी 1981
  • सात जनवरी 1992
  • 31 दिसंबर 1993
  • दो जून 2001

पंजाब- नौ बार

  • 20 जून 1951
  • 05 मार्च 1953 (पेप्सू नाम से)
  • 05 जुलाई 1966
  • 23 अगस्त 1968
  • 14 जून 1971
  • 30 अप्रैल 1971
  • 17 फरवरी 1980
  • 10 अक्तूबर 1983
  • 11 जून 1987

उत्तर प्रदेश- नौ बार

  • 25 फरवरी 1968
  • 01 अक्तूबर 1970
  • 13 जून 1973
  • 30 नवंबर 1975
  • 30 अप्रैल 1977
  • 17 फरवरी 1980
  • 06 दिसंबर 1992
  • 18 अक्तूबर 1995
  • 08 मार्च 2002

बिहार- आठ बार

  • 29 जून 1968
  • चार जुलाई 1969
  • नौ जनवरी 1972
  • 30 अप्रैल 1977
  • 17 फरवरी 1980
  • 28 मार्च 1995
  • 12 फरवरी 1999
  • 07 मार्च 2005

कर्नाटक- छह बार

  • 19 मार्च 1971 (मैसूर नाम से)
  • 31 दिसंबर 1977
  • 21 अप्रैल 1989
  • 10 अक्तूबर 1990
  • नौ अक्तूबर 2007
  • 20 नवंबर 2007

पुडुचेरी (पांडिचेरी)- छह बार

  • 18 सितंबर 1968
  • तीन जनवरी 1974
  • 28 मार्च 1974
  • 12 नवंबर 1978
  • 24 जून 1983
  • चार मार्च 1991

ओडिशा- छह बार

  • 25 फरवरी 1961
  • 11 जनवरी 1971
  • तीन मार्च 1973
  • 16 दिसंबर 1976
  • 30 अप्रैल 1977
  • 17 फरवरी 1980

इन राज्यों में भी लगा राष्ट्रपति शासन

केरल- पांच बार

  • 23 मार्च 1956 (त्रावणकोर नाम से)
  • 31 जुलाई 1959
  • 10 सितंबर 1964
  • एक अगस्त 1970
  • एक दिसंबर 1979

गुजरात- पांच बार

  • 12 मई 1971
  • नौ फरवरी 1974
  • 12 मार्च 1976
  • 17 फरवरी 1980
  • 19 सितंबर 1996

गोवा- पांच बार

  • 02 दिसंबर 1966
  • 27 अप्रैल 1979
  • 14 दिसंबर 1990
  • 09 फरवरी 1999
  • 04 मार्च 2005

मध्यप्रदेश- चार बार

  • 08 अप्रैल 1949 (विंध्य प्रदेश के नाम)
  • 29 अप्रैल 1977
  • 18 फरवरी 1980
  • 15 दिसंबर 1992

राजस्थान- चार बार

  • 13 मार्च 1967
  • 29 अप्रैल 1977
  • 16 फरवरी 1980
  • 15 दिसंबर 1992

तमिलनाडु- चार बार

  • 31 जनवरी 1976
  • 17 फरवरी 1980
  • 30 जनवरी 1988
  • 30 जनवरी 1991

पश्चिम बंगाल- चार बार

  • 01 जुलाई 1962
  • 20 फरवरी 1968
  • 19 मार्च 1970
  • 28 जून 1971

नगालैंड- चार बार

  • 20 मार्च 1975
  • 07 अगस्त 1988
  • 02 अप्रैल 1992
  • 03 जनवरी 2008

असम- चार बार

  • 12 दिसंबर 1979
  • 30 जून 1981
  • 19 मार्च 1982
  • 28 नवंबर 1990

हरियाणा- तीन बार

  • 02 नवंबर 1967
  • 30 अप्रैल 1977
  • 06 अप्रैल 1991

झारखंड- तीन बार

  • 19 जनवरी 2009
  • 01 जून 2010
  • 18 जनवरी 2013

त्रिपुरा- तीन बार

  • 01 नवंबर 1971
  • 05 नवंबर 1977
  • 11 मार्च 1993

मिजोरम- तीन बार

  • 11 मई 1977
  • 10 नवंबर 1978
  • 07 सितंबर 1988

आंध्र प्रदेश- तीन बार

  • 15 नवंबर 1954 (लागू होने की तिथि)
  • 18 जनवरी 1973
  • 28 फरवरी, 2014

महाराष्ट्र- तीन बार

  • 17 फरवरी 1980
  • 28 सितंबर 2014
  • 12 नवंबर 2019

जम्मू-कश्मीर की स्थिति अलग थी

अरुणाचल प्रदेश- दो बार

  • 03 नवंबर 1979
  • 25 जनवरी 2016

हिमाचल प्रदेश- दो बार

  • 30 अप्रैल 1977
  • 15 दिसंबर 1992

मेघालय- दो बार

  • 11 अक्तूबर 1991
  • 18 मार्च 2009
सिक्किम- दो बार
  • 18 अगस्त 1978
  • 25 मई 1984

उत्तराखंड- दो बार

  • 27 मार्च 2016
  • 22 अप्रैल 2016

दिल्ली- एक बार

  • 14 फरवरी, 2014
जम्मू-कश्मीर में अबतक राज्यपाल शासन लागू होता था। जो कि यहां सात बार लगाया जा चुका है। हालांकि अब इसके केंद्रशासित प्रदेश बन जाने के बाद यहां राज्यपाल के बजाय उपराज्यपाल नियुक्त हुए हैं। यदि भविष्य में संवैधानिक संकट जैसी स्थिति हुई तो अब यहां भी राष्ट्रपति शासन लागू होगा।

जम्मू-कश्मीर- सात बार

  • 26 मार्च 1977
  • 06 मार्च 1986
  • 19 जनवरी 1990
  • 18 अक्तूबर 2002
  • 11 जुलाई 2008
  • नौ जनवरी 2015
  • 08 जनवरी 2016
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