फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   How do you remain full of energy even at the age of 72?, PM Modi gave answer to this question

PM Narendra Modi: '72 की उम्र में भी इतनी ऊर्जा से कैसे भरे रहते हैं?', इस सवाल पर पीएम मोदी ने दिया यह जवाब

Wed, 06 Sep 2023 11:09 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निर्मल कांत Updated Wed, 06 Sep 2023 11:09 PM IST
सार

Narendra Modi: इंटरव्यू के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि जब आप एक मिशन के तहत काम करते हैं तो बहुत चीजें मुमकिन हो जाती हैं। उन्होंने बताया, राजनीति में आने से पहले मैंने कई दशकों तक समाज में जमीनी लोगों के साथ काम किया है और सक्रिय रूप से काम किया है।

विज्ञापन
How do you remain full of energy even at the age of 72?, PM Modi gave answer to this question
PM Narendra Modi - फोटो : ANI (File)

विस्तार

जी-20 शिखर सम्मेलन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बिजनेस न्यूज चैनल को इंटरव्यू दिया है। इसमें उनसे जी-20 एजेंडे समेत कई सवाल पूछे गए। इसी दौरान उनसे यह सवाल भी किया गया कि 72 की उम्र में होने के बावजूद भी वह इतनी उर्जा से कैसे भरे रहते हैं। जिस पर जवाब देत हुए प्रधानमंत्री कहते हैं कि इस दुनिया में कुच लोग हैं जो अपने समय, उर्जा और स्त्रोत का सही इस्तेमाल करना जानते हैं और वह उनमें से एक हैं। वह आगे कहते हैं कि उनके जैसे बहुत से लोग ऐसा करते हैं लेकिन वह अकेले नहीं हैं। 

विज्ञापन

इंटरव्यू के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि जब आप एक मिशन के तहत काम करते हैं तो बहुत चीजें मुमकिन हो जाती हैं। उन्होंने बताया, राजनीति में आने से पहले मैंने कई दशकों तक समाज में जमीनी लोगों के साथ काम किया है और सक्रिय रूप से काम किया है। इसमें मुझे  बहुत सारे अनुभव मिले। मैं कई प्रेरणादायक लोगों से भी मिला। इसका एक फायदा यह हुआ कि मैंने उनसे सीखा कि वह एक उद्देश्य के लिए पूरी तरह समर्पित हैं। 
 

विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने आगे कहा कि वह निजी महत्वकांक्षा नहीं बल्कि मिशन के लिए काम करते हैं। मोदी ने कहा, यदि कोई व्यक्ति महत्वकांक्षा के लिए काम करता है, तो उसके सामने आने वाला कोई भी उतार-चढ़ाव उसे परेशान नहीं कर सकता है, क्योंकि महत्वकांक्षा पद, ताकत, सुख सुविधाओं के प्रति लगाव से आती है।

विज्ञापन

वह आगे कहते हैं कि अगर कोई मिशन के तहत काम करता है तो उसकी हार-जीत से कोई फर्क नहीं पड़ता है। किसी मिशन के लिए पूरी तरह से समर्पित होना ही कभी खत्म न होने वाली उर्जा और आशा का स्त्रोत है। पीएम मोदी ने कहा, इससे एक लाभ यह भी होता है कि अगर कोई आदमी पूरी तरह से एक मिशन को लेकर प्रतिबद्ध है तो उसका ध्यान किसी अनावश्यक चीजों की तरफ नहीं जाता है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed