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आवारा कुत्तों को खाना खिलाने पर हाउसिंग सोसायटी ने लगाया 3.60 लाख का जुर्माना
Mon, 15 Apr 2019 06:41 AM IST
गौरव द्विवेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव द्विवेदी
Updated Mon, 15 Apr 2019 06:41 AM IST
सार
- - चेयरमैन ने कहा, 98 फीसदी सदस्यों ने पास किया था नियम
- - जुर्माना झेलने वाली नेहा बोलीं, ये कुत्ते आवारा नहीं है
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आवारा कुत्ते (सांकेतिक)
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विस्तार
महाराष्ट्र के मुंबई में कांदिवली स्थित निसर्ग हैवेन सोसायटी ने परिसर में आवारा कुत्तों को खाना खिलाने पर सोसायटी के सदस्य पर 3.60 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। सदस्य एक विज्ञापन कंपनी में एक्जीक्यूटिव पद पर हैं और पशु प्रेमी हैं।
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सोसायटी के चेयरमैन मितेश बोरा ने कहा कि सोसायटी के करीब 98 फीसदी सदस्यों ने सोसायटी परिसर में आवारा कुत्तों को खाना खिलाने पर भारी जुर्माना लगाने संबंधी नियम को पास किया था। सोसायटी का चेयरमैन होने के नाते यह उनका कर्तव्य था कि सभी सदस्य इसका पालन करें। यदि सोसायटी का कोई सदस्य परिसर के बाहर कुत्तों को खाना खिलाता है तो हमें कोई दिक्कत नहीं है। हम भी पशु प्रेमी हैं। हमारा कदम पशु अधिकारियों के खिलाफ नहीं है। साथ ही यह मानवाधिकार भी सवाल है। बोरा ने कहा कि ये आवारा कुत्ते आक्रामक होते हैं और ये बच्चों, बुजुर्गों अन्य पर भौंकते रहते हैं। साथ ही इनके साथ साफ-सफाई की दिक्कत है। सोसायटी सदस्यों से कई शिकायतें मिलने के बाद ही नियम बनाया गया था।
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जुर्माना झेलने वाली नेहा दतवानी ने कहा कि मार्च तक उनका बकाया मैंटिनेस बिल 3.60 लाख रुपये था। इसमें कुत्तों को खाना खिलाने के लिए 75000 रुपये मासिक का जुर्माना भी शामिल है। सोसायटी ने कुत्तों को खाना खिलाने के लिए प्रतिदिन 2500 रुपये का जुर्माना लगाया है। उन्होंने बताया कि जुलाई 2018 में सोसायटी ने 2500 रुपये का जुर्माना लगाया था। बाद में यह 75000 रुपये प्रति माह पहुंच गया। सोसायटी के एक अन्य सदस्य केतन शाह पर जुलाई में 7500 रुपये और इसके बाद प्रति माह 75000 रुपये का जुर्माना लगा।
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नेहा ने बताया कि पशु अधिकार कार्यकर्ताओं से संपर्क करने और नियमों की सूचना देने के बाद नवंबर 2018 में सोसायटी ने जुर्माना लगाना बंद कर दिया था। उन्होंने कहा कि ये आवारा कुत्ते नहीं है। इनका जन्म सोसायटी परिसर में हुआ है। इनके जन्म से ही वह इनकी देखभाल कर रही हैं लेकिन अचानक से सोसायटी ने एक समिति गठित कर दी जिसने कुत्तों को खाना देने पर जुर्माना का नियम बना दिया। वह तो बस मानवीय आधार पर इन्हें खाना खिलाती हैं। उन्होंने बताया कि वह जल्द ही सोसायटी छोड़ देंगी। वह सोसायटी के सभी बकाया चुकाना चाहती हैं क्योंकि उनकी मां और बहन इसी सोसायटी में रहेंगी। नेहा ने कहा कि बकाया के अलावा वह जुर्माना नहीं चुकाएंगी।