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Hindi News ›   India News ›   Covid 19 Treatment Cost News: CoronaVirus hospitals cost capped by state government but covid 19 treatment can crippled 80 percent of families

कोरोना के इलाज की खर्च सीमा तय करने के बाद भी 80 फीसदी परिवारों के लिए यह पहुंच से बाहर

Mon, 12 Oct 2020 08:26 AM IST
Tanuja Yadav न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Tanuja Yadav Updated Mon, 12 Oct 2020 08:26 AM IST
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Covid 19 Treatment Cost News: CoronaVirus hospitals cost capped by state government but covid 19 treatment can crippled 80 percent of families
Covid 19 उपचार लागत - फोटो : पीटीआई

कोरोना वायरस से संक्रमित किसी व्यक्ति के लिए अस्पताल में इलाज कराना आसान काम नहीं है। कोविड-19 के इलाज का खर्चा बहुत ज्यादा आता है, जिसकी वजह से लोगों में सरकार के प्रति गुस्सा भी है। इस गुस्से को देखते हुए ज्यादातर राज्यों ने कोरोना के इलाज के खर्च पर एक सीमा तय कर दी है। 

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मासिक खर्च पर आधिकारिक आंकड़े और इलाज की राशि का विश्लेषण कर यह सामने आया है कि अब तक 80 फीसदी से ज्यादा परिवार किसी एक सदस्य के कोरोना के इलाज की वजह से तंगी का सामना कर सकते हैं। इलाज की एक सीमा तय करने के बाद भी दस दिन के इलाज के बिल उनके मासिक खर्च से भी कई गुना ज्यादा है।
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राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की ओर से जारी की गई घर खर्च की 2017-18 रिपोर्ट के मुताबिक, देश की 80 फीसदी जनसंख्या प्रति व्यक्ति 5,000 रुपये मासिक खर्च करती है और पांच सदस्यों का परिवार औसतन 25,000 रुपये मासिक खर्च करता है। दिल्ली आइसोलेशल बेड का दस दिन के लिए कम से कम किराया 80,000 रुपये है।
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ये खर्च 80 फीसदी लोगों की ओर से किए जा रहे मासिक खर्च का तीन गुना है। वहीं अगर किसी कोरोना मरीज की हालात गंभीर होती है और उन्हें आईसीयू में वेंटिलेटर की जरूरत पड़ती है तो दो-तीन हफ्ते के लिए इलाज का खर्च लाखों रुपये में चला जाता है।

20 राज्यों में कोरोना के लिए आइसोलेशन बिस्तर, वेंटिलेटर के बिना आईसीयू और वेंटिलेटर के साथ आईसीयू के खर्च की तुलना करने पर यह पता चलता है कि इलाज की एक सीमा तय करने के बाद भी 80 फीसदी लोग कोरोना के इलाज के लिए इस खर्च का बोझ नहीं उठा सकते हैं।

दिल्ली में आइसोलेशन बिस्तर के लिए 80,000 रुपये, बिना वेंटिलेटर आईसीयू के लिए 1.3-1.5 लाख रुपये और वेंटिलेटर के साथ आईसीयू के लिए 1.5-1.8 लाख रुपये का खर्च आता है। जबकि यहां 80 फीसदी लोगों का मासिक खर्च 25,000 रुपये है। वहीं पंजाब में आइसोलेशन बिस्तर के लिए 80,000  से एक लाख रुपये, बिना वेंटिलेटर आईसीयू के लिए 1.3-1.5 लाख रुपये और वेंटिलेटर के साथ आईसीयू के लिए 1.5-1.8 लाख रुपये का खर्च आता है और यहां लोगों की मासिक खर्च 18,000 रुपये है।


हालांकि ये खर्च निजी अस्पतालों का है क्योंकि सारे राज्यों में सरकारी अस्पताल में कोरोना का इलाज कराना मुफ्त है। कर्नाटक, ओडिशा और तेलंगाना जैसे राज्यों में राज्य सरकार की ओर से निजी अस्पताल में भी कोरोना के खर्च की एक सीमा तय कर दी है। 

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