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Emergency: आपातकाल को याद कर भावुक हुए होसबोले, कहा- हमेशा के लिए इतिहास के पन्नों में लगा काला धब्बा

Mon, 26 Jun 2023 12:10 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जलज मिश्रा Updated Mon, 26 Jun 2023 12:10 AM IST
सार

संघ पदाधिकारी ने कहा कि जून 1975 में देश में तीन बड़ी घटनाएं हुई थी, जिस वजह से इंदिरा सरकार को आपातकाल लगाना पड़ गया था। पहला- जेपी आंदोलन एक जून तक राष्ट्रव्यापी बन चुका था और दूसरा- गुजरात विधानसभा चुनाव में इंदिरा की कांग्रेस सरकार को करारी हार मिली।

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Hosabale remembered the dark phase of emergency said black spot in the pages of history forever
दत्तात्रेय होसबोले, महासचिव, RSS - फोटो : ANI

विस्तार

आरएसएस महासचिव दत्तात्रेय होसबोले ने आपातकाल के काले दौर को याद किया। उन्होंने कहा कि हमारे अपने लोगों ने ही संविधान का दुरुपयोग किया। उन्होंने आम लोगों और जयप्रकाश नारायण जैसे व्यक्तियों की आवाज को दबा दिया।  

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 देश में आवाज दबाना कभी सफल नहीं हो सका
आपातकाल की 48वीं वर्षगांठ पर रविवार को एक कार्यक्रम को संघ महासचिव होसबोले ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि 25 जून 1975 को कांग्रेस की इंदिरा सरकार ने आपातकाल लागू किया था। 21 महीनों के आपातकाल में लोगों के मूलभूत अधिकारों को खत्म कर प्रेस पर प्रतिबंध लगा दिया गया। उस दौरान संघ पर प्रतिबंध लगाना ही इंदिरा सरकार की प्राथमिकता थी। एक लोकतांत्रिक देश में आवाज दबाना कभी सफल नहीं हो सका था। उन्होंने आपातकाल क्यों लगाया। आपातकाल तब लगाया जाता है, जब देश को खतरा होता है। लोकतंत्र में अगर कोई व्यक्ति या पार्टी असुरक्षित और अस्थिर हो तो संविधान का दुरुपयोग नहीं करना चाहिए।

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होसबोले ने कहा कि इतिहास के उन काले दौर को याद करना काफी मुश्किल होता है। आपातकाल और उसके खिलाफ हुए संघर्ष को याद रखना महत्वपूर्ण है। कई बार हमें ऐसा लगता है कि आखिर क्यों हम क्रूरता को याद करें। संघ के तीसरे सरसंघचालक बाला साहब देवरस ने आपातकाल के बाद कहा था कि माफ करो और भूल जाओ। लेकिन इतिहास काले दौर में हुए अत्याचार को याद रखेगा। उस दौरान व्यापक बर्बरता थी। पुलिस और प्रशासन ऐसा भी कर सकते हैं, यह आपातकाल के दौरान ही अनुभव हुआ।

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जून 1975 में देश में तीन बड़ी घटनाएं हुईं
संघ पदाधिकारी ने कहा कि जून 1975 में देश में तीन बड़ी घटनाएं हुई थी, जिस वजह से इंदिरा सरकार को आपातकाल लगाना पड़ गया था। पहला- जेपी आंदोलन एक जून तक राष्ट्रव्यापी बन चुका था। दूसरा- गुजरात विधानसभा चुनाव में इंदिरा की कांग्रेस सरकार को करारी हार मिली। तीसरा- इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस सिन्हा ने रायबरेली से जीती इंदिरा गांधी को अयोग्य घोषित कर दिया था। इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए काला धब्बा लग गया। संघ आपातकाल के खिलाफ संघर्ष कर रही थी, इसलिए इसे दबाया जा रहा था। संघ के कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया। उन्हें जेल में डाला गया था। सरकारी सेवाओं से निलंबित कर दिया गया। लोकतांत्रिक देश में लोगों की आवाज को दबाने की कोशिश लंबे समय तक सफल नहीं हो पाती। लोकतंत्र में जनता की आवाज ही मजबूत रहती है।

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