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मानवाधिकार: कोरोना से मौत के दो मामलों में मुआवजा देने पर गृह मंत्रालय ने उठाए ठोस कदम
Tue, 01 Jun 2021 03:28 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Tue, 01 Jun 2021 03:28 AM IST
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गृह मंत्रालय
- फोटो : ANI
मानवाधिकारों पर देश की सबसे बड़ी संस्था ने गृह मंत्रालय को कोरोना से मौत के दो मामलों में पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने के लिए ठोस कदम उठाने को कहा है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने केंद्रीय गृहसचिव को निर्देश दिया कि ओडिशा के गंजम जिले और बिहार के अररिया जिले के मामलों पर संज्ञान लेने को कहा।
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सुप्रीम कोर्ट के वकील राधाकांत त्रिपाठी ने याचिका देकर इन परिवारों की पीड़ा आयोग के समक्ष रखी थी। याचिका में कहा गया कि कोरोना से हो रही मौतों से पूरा परिवार टूट जा रहा है। खासतौर से उन घरों में मुसीबतें अधिक हैं जहां घर की रोजी रोटी कमाने वाला ही महामारी का शिकार हो रहा है।
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इसमें कहा गया कि केंद्र, राज्य सरकारों द्वारा कानून को लागू नहीं कर पाने, नीतियों के अनुपालन नहीं होने के कारण इन परिवारों को मुआवजा नहीं मिल पा रहा है। कोरोना महामारी घोषित है और राष्ट्रीय आपदा अधिनियम की धारा 12 के तहत घर के मुखिया के निधन पर पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये का मुआवजा मिलना चाहिए।
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याचिका में गंजम जिले के अंगार गांव के कृष्णचंद्र साहू की मौत का जिक्र किया। इसमें साहू व उनके तीन भाइयों की कोरोना से मौत हो गई। जिसके बाद इनकी विधवाओं और बच्चों के सामने जीवन चलाने का संकट खड़ा हो गया। इसी तरह बिहार अररिया में 18 वर्षीय सोनी और उनके दो छोटे भाई बहनों के माता पिता की कोरोना से मौत हो गई।
इन बच्चों ने अपने मां बाप को बचाने के लिए गाव व बकरी तक बेच दिये लेकिन उन्हें मरने से बचा नहीं पाए। इन बच्चों के सामने अपने जीवन को बरकरार रखने की चुनौती है। आयोग ने अपने आदेश में इस शिकायत को संबंधित विभाग के पास भेजने और आठ हफ्तों के भीतर उचित कदम उठाने का निर्देश दिया गया।