फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   home ministry said Non-inclusion of name in NRC does not amount to him being declared foreigner

गृह मंत्रालय ने कहा- एनआरसी में नाम शामिल न होने पर कोई व्यक्ति विदेशी घोषित नहीं होगा

Thu, 29 Aug 2019 02:16 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sneha Baluni Updated Thu, 29 Aug 2019 02:16 PM IST
विज्ञापन
home ministry said Non-inclusion of name in NRC does not amount to him being declared foreigner
प्रतीकात्मक तस्वीर

31 अगस्त को नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन (एनआरसी) की अंतिम सूची का प्रकाशन होना है। उससे पहले कई ऐसे लोग हैं जिनका किसी कारणवश सूची में नाम शामिल नहीं हो पाया है। वह लोग असंमजस में हैं। उन्हें राहत देते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय का कहना है कि सूची में नाम शामिल न होने से वह विदेशी घोषित नहीं हो जाते।

विज्ञापन


गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, 'किसी शख्स का एनआरसी में नाम शामिल न होने से वह विदेशी घोषित नहीं हो जाता है। अंतिम एनआरसी सूची में छूटे प्रत्येक व्यक्ति विदेशी न्यायाधिकरण में अपील कर सकते हैं। इसके लिए विदेशी ट्रिब्यूनल्स की संख्या को बढ़ाया जा रहा है।'
विज्ञापन

   

नाम छूटने पर असम सरकार देगी मुफ्त कानूनी सलाह

एनआरसी की अंतिम सूची में जो जरूरतमंद लोग शामिल नहीं हो पाएंगे, उन्हें सरकार मुफ्त में कानूनी सहायता मुहैया कराने के लिए जरूरी प्रबंध करेगी। असम के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह एवं राजनीतिक विभाग) कुमार संजय कृष्णा ने एक बयान में कहा कि एनआरसी सूची में जो लोग शामिल नहीं हो पाएंगे उन्हें तब तक किसी भी हालत में हिरासत में नहीं लिया जाएगा जब तक विदेशी न्यायाधिकरण (एफटी) उन्हें विदेशी नागरिक घोषित न कर दे।

केवल विदेशी न्यायाधिकरण किसी को घोषित कर सकता है विदेशी

इससे पहले गृह मंत्रालय ने लोगों का डर दूर करने के लिए साफ तौर पर कहा था कि यदि किसी व्यक्ति का नाम एनआरसी की अंतिम सूची में शामिल नहीं किया जाता तो इसका मतलब यह नहीं है कि वह विदेशी घोषित हो जाएगा। फॉरेनर्स एक्ट 1946 और फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल ऑर्डर 1964 के अनुसार किसी भी व्यक्ति को विदेशी घोषित करने का अधिकार केवल विदेशी न्यायाधिकरण के पास है। 

जून की लिस्ट से गायब थे एक लाख लोग

एनआरसी का पहला ड्राफ्ट पिछले साल 30 जुलाई को प्रकाशित हुआ था। जिसमें असम के 3.29 करोड़ लोगों में से 2.9 करोड़ लोगों के नाम सूची में शामिल नहीं थे। जिसपर काफी विवाद हुआ था। इसके बाद जून 2019 में प्रकाशित हुई सूची में एक लाख लोगों के नाम नहीं थे। अब 31 अगस्त को अंतिम सूची प्रकाशित होगी।

सुप्रीम कोर्ट कर रही निगरानी

उच्चतम न्यायालय एनआरसी की प्रक्रिया की निगरानी कर रही है। इसका उद्देश्य असम में अवैध अप्रवासियों की पहचान करना है। यदि 2011 की जनगणना को देखा जाए तो राज्य की कुल जनसंख्या 3.11 करोड़ से ज्यादा थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed