गृह मंत्रालय से एनजीओ को 60 दिन की राहत; सेबी ने कंपनियों को 45 दिन की मोहलत दी
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केंद्रीय गृह मंत्रालय ने देश के सभी गैर सरकारी संगठनों को वार्षिक रिटर्न फाइल करने के लिए 60 दिन की छूट दी है। वहीं बाजार नियामक सेबी ने कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए कंपनियों को चालू वित्त वर्ष की चौथी तिमाही के लिए वित्तीय परिणाम की घोषणा को लेकर 45 दिन का अतिरिक्त समय दिया है।
क्या है गृह मंत्रालय का फैसला
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अपने फैसले में कहा है कि विदेशों से चंदा लेने वाले सभी गैर सरकारी संगठनों को अपना वार्षिक रिटर्न फाइल करने के लिए एक बार के लिए 60 दिन की छूट दी जा रही है। अब वे 18 मई तक रिटर्न फाइल कर सकते हैं।
मंत्रालय ने बुधवार को इस संबंध में एक अधिसूचना जारी करते हुए कहा कि विदेशी चंदा (नियमन) अधिनियम उन सभी एनजीओ और एसोसिएशनों को वार्षिक रिटर्न फाइल करने को कहता है जिन्हें पंजीकरण प्रमाणपत्र या पूर्वानुमति मिली है।
हालांकि, कई एनजीओ और एसोसिएशनों ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से अनुरोध किया है कि वह उनके एफसीआरए प्रमाणपत्रों को रद्द करने के फैसले पर पुनर्विचार करे। इसके साथ ही 2017-18 का रिटर्न नहीं भर पाने की वजह/कारण भी बताए हैं।
इन कारणों में अकाउंटेंट या सीए फर्म पर उनकी निर्भरता, सीए द्वारा तय समय सीमा का उल्लंघन किया जाना, बाढ़, सीए द्वारा लॉग-इन और पासवर्ड में आने वाली दिक्कतें होना बताया गया है। ज्यादातर एनजीओ ने एक समान दिक्कतें बताई हैं, जिसमें कहा गया है कि एफसीआरए की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है।
इन संगठनों के ऑनलाइन खातों का कामकाज देखने वाले सीए आदि को जानकारी नहीं थी कि केंद्रीय गृह मंत्रालय इसकी सख्त निगरानी करता है। इसके अलावा इन एनजीओ और एसोसिएशनों ने यह भी कहा है कि उनकी मंशा कभी भी कानून के वैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन करने की नहीं है।
सेबी ने कंपनियों को दी 45 दिन की मोहलत
इधर, बाजार नियामक सेबी ने भी कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए कंपनियों को चालू वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में वित्तीय परिणाम की घोषणा करने को लेकर 45 दिन का अतिरिक्त समय दिया है। वहीं 2019-20 के परिणामों की घोषणा के लिए एक महीने का और समय दिया है।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने एक परिपत्र जारी कर इस संबंध में कहा है कि इसके अलावा कंपनी की तिमाही रिपोर्ट जमा करने के लिए एक महीने तथा शेयरधारित प्रतिरूप और निवेशक शिकायत रिपोर्ट जमा करने के लिए तीन-तीन सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया गया है।
सेबी ने साफ तौर पर कहा है कि कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए यह निर्णय किया गया है। इसके कारण लोगों की मुक्त आवाजाही समेत कई पाबंदियां लगाई गई हैं। इससे कारोबार और रोजाना का कामकाज प्रभावित हुआ है। यही वजह है कि ऐसा कदम उठाया गया है।