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Amit Shah: 'देश को घुसपैठियों से मुक्त करने का अपना वादा निभाएगी भाजपा'; अमित शाह बोले- हम उन लोगों में नहीं..
Fri, 29 Aug 2025 06:38 PM IST
शिव शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
Published by: शिव शुक्ला
Updated Fri, 29 Aug 2025 06:38 PM IST
सार
अमित शाह ने कहा कि उस दौर में जब कम्प्यूटरीकृत मतदाता सूची नहीं थी उस अभाव में भी, पूर्व सीएम बोरबोरा की सरकार ने 36,780 अवैध विदेशियों के नामों का पता लगाया था। मतदाता सूची के इस शुद्धिकरण को असम आंदोलन की शुरुआत माना जा सकता है। बता दें कि गोलाप बोरबोरा ने मार्च 1978 से सितंबर 1979 तक राज्य में जनता पार्टी की सरकार का नेतृत्व किया था।
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Amit Shah
- फोटो : PTI
विस्तार
असम दौरे पर गए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि भाजपा देश को घुसपैठियों से मुक्त करने का अपना वादा निभाएगी। असम के पहले गैर-कांग्रेसी मुख्यमंत्री गोलाप बोरबोरा की जन्मशती पर गुवाहाटी में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस के भाषण में घोषित केंद्र का उच्चस्तरीय जनसांख्यिकी मिशन देश के जनसांख्यिकीय स्वरूप का अध्ययन करने और घुसपैठियों की पहचान करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।
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उन्होंने कहा कि हमने असम से वादा किया था, भले ही हम 10 साल में इसे पूरा नहीं कर पाए हैं। लेकिन हम अपना वादा निभाएंगे। उन्होंने कहा कि असम और पूरे देश को अवैध विदेशियों से मुक्त करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि मैं उन लोगों में से हूं जो मानते हैं कि हमारे देश में एक भी घुसपैठिया नहीं रहना चाहिए।
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जब 1978 में गोलाप बोरबोरा असम के पहले गैर-कांग्रेसी मुख्यमंत्री बने, तो यह असम के राजनीतिक इतिहास में एक बहुत बड़े बदलाव की शुरुआत थी। 1978 तक यहां कोई गैर-कांग्रेसी मुख्यमंत्री नहीं चुना गया था। फिर पहली बार, गोलाप बोरबोरा ने एक अमिट छाप छोड़ी। उन्होंने कहा कि जब से इंदिरा गांधी ने देश की कमान संभाली है, उनके परिवार के अलावा किसी अन्य व्यक्ति के योगदान को देश में मंच या सम्मान नहीं दिया गया है। इतने बड़े देश में, विविध संस्कृतियों के कई लोगों ने देश की प्रगति में योगदान दिया है, लेकिन उन्हें न तो सम्मान दिया गया और न ही उन्हें कोई मंच मिला।
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इस दौरान अमित शाह ने बताया कि कैसे बोरबोरा ने मंगलदई लोकसभा सीट पर उपचुनाव की आवश्यकता पड़ने पर मतदाता सूची को सही करने का अभियान चलाया था। शाह ने कहा कि उस दौर में जब कम्प्यूटरीकृत मतदाता सूची नहीं थी उस अभाव में भी, पूर्व सीएम बोरबोरा की सरकार ने 36,780 अवैध विदेशियों के नामों का पता लगाया था। मतदाता सूची के इस शुद्धिकरण को असम आंदोलन की शुरुआत माना जा सकता है। बता दें कि गोलाप बोरबोरा ने मार्च 1978 से सितंबर 1979 तक राज्य में जनता पार्टी की सरकार का नेतृत्व किया था।
शाह ने राहुल पर भी बोला हमला
इससे पहले राजभवन की नवनिर्मित इकाई ब्रह्मपुत्र का उद्घाटन करने के बाद शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर वोटर अधिकार यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी मां के लिए कहे गए अपशब्दों के लिए जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जितनी ज्यादा गालियां पीएम मोदी को दोगे, कमल का फूल उतना ही अधिक खिलेगा। कांग्रेस ने हर चुनाव में यही गलती की। गाली दी और फिर मुंह की खाई। बाद में विजय को झुठलाने के लिए घुसपैठिया बचाओ यात्रा लेकर आए। राहुल की यह घुसपैठिया बचाओ यात्रा कांग्रेस के वोट बैंक की रक्षा के लिए है। उन्होंने दावा किया कि बिहार में कांग्रेस की घुसपैठिया बचाओ यात्रा के साथ राहुल की राजनीति निम्नतम स्तर पर पहुंच गई है।
राजभवन की नवनिर्मित इकाई ब्रह्मपुत्र का उद्घाटन करने के बाद शाह ने कहा कि अगर राहुल गांधी में थोड़ी भी शर्म बची है तो उन्हें माफी मांगनी चाहिए। देश उन्हें और उनकी पार्टी को घृणा से देख रहा है।
राष्ट्रीय साइबर फोरेंसिक प्रयोगशाला-उत्तर पूर्व का किया वर्चुअल उद्घाटन
वहीं, शाह ने डेरगांव स्थित लचित बरफुकन पुलिस अकादमी में स्थापित राष्ट्रीय साइबर फोरेंसिक प्रयोगशाला-उत्तर पूर्व का भी वर्चुअल उद्घाटन किया। उन्होंने आईटीबीपी, एसएसबी और असम राइफल्स की विभिन्न विकास परियोजनाओं का वर्चुअल उद्घाटन और शिलान्यास किया। इनमें आवास परिसर, बैरक और अस्पताल शामिल हैं। इससे पहले वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने राजभवन के अंदर एक मंदिर में पूजा-अर्चना की, ‘गौ पूजन’ किया और ‘सिंदूर’ का पौधा लगाया।
बार-बार पाकिस्तान जाने वाला असम का नेतृत्व नहीं कर सकता
वहीं, अपने दौरे के दौरान पंचायत प्रतिनिधियों की रैली को संबोधित करते हुए शाह ने अगले साल मार्च-अप्रैल में होने वाले असम विधानसभा चुनाव के प्रचार का बिगुल फूंका। विपक्षी कांग्रेस की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि असम का प्रतिनिधित्व घुसपैठियों के प्रति सहानुभूति रखने वाले और अतिक्रमण को बढ़ावा देने वाले लोग नहीं कर सकते। कांग्रेस नेता गौरव गोगोई का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि असम का नेतृत्व ऐसे लोग नहीं कर सकते जो बार-बार पाकिस्तान जाते हैं। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा गोगोई पर उनकी पत्नी के पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से कथित संबंधों को लेकर हमला बोलते रहे हैं। सरमा ने दावा किया था कि गोगोई की ब्रिटिश पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न ने भारत और पाकिस्तान के बीच 19 बार यात्रा की थी।