{"_id":"582108c74f1c1b067fb389dc","slug":"home-loan-rates-at-a-six-year-low","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"खुशखबरी: होम लोन की ब्याज दरें छह साल के न्यूनतम स्तर पर","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
खुशखबरी: होम लोन की ब्याज दरें छह साल के न्यूनतम स्तर पर
अमर उजाला ब्यूरो/ नई दिल्ली
Updated Tue, 08 Nov 2016 04:35 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विभिन्न बैंकों द्वारा होम लोन की ब्याज दरों में की जा रही कटौती के बीच कुछ बैंकों की ब्याज दर 6 साल के न्यूनतम स्तर पर आ गई है। कुछ और बैंक ब्याज दर में कटौती की राह पर अग्रसर हैं, जिनमें पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) भी शामिल है। यही वजह है कि विश्लेषक इसे घर खरीदने का सबसे सही समय बता रहे हैं।
पिछले सप्ताह देश के सबसे बड़े बैंक, भारतीय स्टेट बैंक ने होम लोन पर ब्याज दर घटा कर 9.15 फीसदी कर दी थी, जो 6 साल का न्यूनतम स्तर है। इसके बाद निजी क्षेत्र के अग्रणी एचडीएफसी और आईसीआईसीआई बैंक ने भी इसका अनुसरण किया। सोमवार को इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड ने भी होम लोन पर ब्याज दर में 15 आधार अंकों की कटौती करने की घोषणा की। अब इसकी भी ब्याज दर 9.15 फीसदी सालाना पर आ गई है।
और कम होंगी पीएनबी की ब्याज दरें
पीएनबी की चेयरमैन, उषा अनंतसुब्रमणियम ने बताया कि पीएनबी ने भी त्योहारी अवसर को ध्यान में रख कर कई छूटों की घोषणा की है। जहां तक ब्याज दर में कटौती की बात है तो अब इसे एमसीएलआर से जोड़ दिया गया है। हाल ही में बैंक ने इसमें समीक्षा की है। जिस तरह से कोष जुटाने की लागत में कमी हो रही है, इसे देखते हुए उम्मीद है कि उनके यहां ब्याज दरों में और कटौती होगी। उनके मुताबिक, पीएनबी ने फेस्टिवल ऑफर के तहत डॉक्यूमेंटेेशन और प्रोसेसिंग फी के रूप में लिए जाने वाले शुल्क को 31 दिसंबर, 2016 तक माफ कर दिया है। यही नहीं, सरकारी कर्मचारियों और रक्षा कर्मचारियों (अर्द्घसैनिक बल समेत) को ब्याज दर में विशेष छूट दी जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पिछले सप्ताह देश के सबसे बड़े बैंक, भारतीय स्टेट बैंक ने होम लोन पर ब्याज दर घटा कर 9.15 फीसदी कर दी थी, जो 6 साल का न्यूनतम स्तर है। इसके बाद निजी क्षेत्र के अग्रणी एचडीएफसी और आईसीआईसीआई बैंक ने भी इसका अनुसरण किया। सोमवार को इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड ने भी होम लोन पर ब्याज दर में 15 आधार अंकों की कटौती करने की घोषणा की। अब इसकी भी ब्याज दर 9.15 फीसदी सालाना पर आ गई है।
विज्ञापन
और कम होंगी पीएनबी की ब्याज दरें
पीएनबी की चेयरमैन, उषा अनंतसुब्रमणियम ने बताया कि पीएनबी ने भी त्योहारी अवसर को ध्यान में रख कर कई छूटों की घोषणा की है। जहां तक ब्याज दर में कटौती की बात है तो अब इसे एमसीएलआर से जोड़ दिया गया है। हाल ही में बैंक ने इसमें समीक्षा की है। जिस तरह से कोष जुटाने की लागत में कमी हो रही है, इसे देखते हुए उम्मीद है कि उनके यहां ब्याज दरों में और कटौती होगी। उनके मुताबिक, पीएनबी ने फेस्टिवल ऑफर के तहत डॉक्यूमेंटेेशन और प्रोसेसिंग फी के रूप में लिए जाने वाले शुल्क को 31 दिसंबर, 2016 तक माफ कर दिया है। यही नहीं, सरकारी कर्मचारियों और रक्षा कर्मचारियों (अर्द्घसैनिक बल समेत) को ब्याज दर में विशेष छूट दी जा रही है।
विज्ञापन
एक साल नहीं बदलेगी ब्याज दर
बैंकों ने अब कोष जुटाने की सीमांत लागत के आधार पर ब्याज दर तय करना शुरू कर दिया है। बैंकिंग जगत की भाषा में इसे एमसीएलआर कहते हैं। रिजर्व बैंक के निर्देशानुसार बैंक हर महीने एमसीएलआर घोषित करते हैं। इसके तहत नियम है कि एक बार जो ग्राहक एमसीएलआर पर लोन ले लेता है, उसकी ब्याज दरों में एक साल में कोई घट-बढ़ नहीं होती।
एक साल पूरा होने के बाद जब एमसीएलआर में समीक्षा होगी, उसी के अनुसार ब्याज दर में कमी या बढ़ोतरी होगी। पहले ग्राहकों के पास विकल्प होता था कि वे फ्लोटिंग ब्याज दर पर लोन लें या फिक्स्ड ब्याज दर पर। लेकिन अब नियमों में बदलाव होने से ग्राहकों के पास वैसा विकल्प नहीं है।
बैलेंस ट्रांसफर के लिए भी है बेहतर वक्त
दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (डीएचएफएल) के सीईओ, हर्षिल मेहता का कहना है कि अभी नए होम लोन लेने वालों के लिए ही नहीं, बल्कि पहले से होम लोन लिए हुए लोगों के लिए भी बेहतर समय है। जिन्होंने पहले महंगी ब्याज दरों पर होम लोन लिया है, वे कम ब्याज दर पर अपने लोन का बैलेंस ट्रांसफर कर सकते हैं। अधिकतर बैंक, बैलेंस ट्रांसफर पर भी डोक्यूमेंटेशन और प्रोसेसिंग फी में छूट दे रहे हैं। हालांकि, उनका कहना है कि बैलेंस ट्रांसफर का निर्णय सभी अच्छी-बुरी बातों पर विचार करने के बाद ही लेना चाहिए।
उधारकर्ता को मौजूदा होम लोन की रिफाइनेंसिंग से संबंधित सभी स्टार्ट-अप शुल्कों पर नये संभावित लेंडर से स्पष्टीकरण प्राप्त करना चाहिये। साथ ही मौजूदा लेंडर से पूरा लोन अदा करने में लगने वाली लागत का भी पता करना चाहिये। हस्तांतरण प्रक्रिया को तभी शुरू करना चाहिए, यदि आपको लगता है कि इस कदम से धन की बचत होगा।
एक साल पूरा होने के बाद जब एमसीएलआर में समीक्षा होगी, उसी के अनुसार ब्याज दर में कमी या बढ़ोतरी होगी। पहले ग्राहकों के पास विकल्प होता था कि वे फ्लोटिंग ब्याज दर पर लोन लें या फिक्स्ड ब्याज दर पर। लेकिन अब नियमों में बदलाव होने से ग्राहकों के पास वैसा विकल्प नहीं है।
बैलेंस ट्रांसफर के लिए भी है बेहतर वक्त
दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (डीएचएफएल) के सीईओ, हर्षिल मेहता का कहना है कि अभी नए होम लोन लेने वालों के लिए ही नहीं, बल्कि पहले से होम लोन लिए हुए लोगों के लिए भी बेहतर समय है। जिन्होंने पहले महंगी ब्याज दरों पर होम लोन लिया है, वे कम ब्याज दर पर अपने लोन का बैलेंस ट्रांसफर कर सकते हैं। अधिकतर बैंक, बैलेंस ट्रांसफर पर भी डोक्यूमेंटेशन और प्रोसेसिंग फी में छूट दे रहे हैं। हालांकि, उनका कहना है कि बैलेंस ट्रांसफर का निर्णय सभी अच्छी-बुरी बातों पर विचार करने के बाद ही लेना चाहिए।
उधारकर्ता को मौजूदा होम लोन की रिफाइनेंसिंग से संबंधित सभी स्टार्ट-अप शुल्कों पर नये संभावित लेंडर से स्पष्टीकरण प्राप्त करना चाहिये। साथ ही मौजूदा लेंडर से पूरा लोन अदा करने में लगने वाली लागत का भी पता करना चाहिये। हस्तांतरण प्रक्रिया को तभी शुरू करना चाहिए, यदि आपको लगता है कि इस कदम से धन की बचत होगा।