गृह मंत्री का संकल्प: एक ग्राम ड्रग भी दुनिया से हमारे देश में नहीं आने देंगे, न ही यहां से दुनिया में जाएगा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि हमारा साझा दायित्व और संकल्प होना चाहिए कि आने वाली पीढ़ियों को खोखला करने वाली नशे की इस समस्या को हम समाप्त कर दें। हमारा संकल्प हो कि न एक ग्राम ड्रग हम दुनिया से देश में आने देंगे और न ही एक भी ग्राम ड्रग हमारे देश से दुनिया में जाएगी। दुनियभर के युवाओं के कल्याण का संकल्प लेकर हमने यह रोड मैप बनाया है। हमें संवेदना के साथ और इसके महत्व को समझकर टॉप मोस्ट प्रायोरिटी पर नशा मुक्त भारत के लिए काम करना होगा।
केन्द्रीय गृह अमित शाह ने मंगलवार को नई दिल्ली में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) प्रमुखों के तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर गृह मंत्री ने मादक पदार्थों के विरुद्ध जागरूकता फैलाने वाले टेलीविजन कमर्शियल का लॉन्च किया। लखनऊ एवं देहरादून में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के नए जोनल कॉम्प्लेक्स की आधारशिला रखी। राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले एएनटीएफ को सम्मानित भी किया गया। केन्द्रीय गृह मंत्री ने नए स्वरूप में तैयार एनसीबी की वेबसाइट का शुभारंभ भी किया। एनसीबी द्वारा आयोजित इस दो दिवसीय सम्मेलन में 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के एएनटीएफ प्रमुखों के साथ-साथ संबंधित सरकारी विभागों और अन्य हितधारकों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।
शाह ने कहा, देश और दुनिया के लिए सबसे गंभीर खतरा बन चुके नारकोटिक्स पर कड़ा और निर्णायक प्रहार करने और सामूहिक प्रयासों से विजय प्राप्त करने का समय आ गया है। 31 दिसंबर, 2029 तक हम भारत से नशे के व्यापार को जड़ से उखाड़कर फेंकने में सामूहिक रूप से सफल होंगे। विगत 5 साल में कश्मीर में आतंकवाद, नॉर्थईस्ट में उग्रवाद और नक्सलवाद की समस्या जैसी कई चुनौतियों के खिलाफ केंद्र सरकार ने सफलता हासिल की है। नशे के खिलाफ यह लड़ाई सभी लड़ाइयों में से सबसे कठिन है, लेकिन हम इस लड़ाई को छोड़ नहीं सकते। इस समस्या के खिलाफ हम सभी को एकजुट होकर जुनून के साथ लड़ना होगा और विजय प्राप्त करनी होगी।
विजन डॉक्यूमेंट 2026-2029 इस लड़ाई में शामिल सभी लोगों के लिए गीता के समान है। यह विजन डॉक्यूमेंट 35 से ज्यादा विभागों के साथ चर्चा के बाद बहुत मेहनत से तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि हमने सभी स्टेकहोल्डर्स के सुझाव लेकर यह कम्प्लीट रोडमैप बनाने का काम किया है, जो निश्चित लक्ष्यों के साथ सबको दिया गया है। इसमें लक्ष्य और समयसीमा भी निश्चित की गई है। कुछ समय बाद इसका रिव्यू भी होगा। नशे के खिलाफ लड़ाई को हमें स्पष्टता के साथ लड़ना है। इस लड़ाई के फोकल पॉइंट्स चिन्हित किया जा चुके हैं और राज्यस्तर पर खुफिया सूचना, जांच, वित्तीय कार्यवाही, अभियोजन को एक ही दिशा में चलाने के लिए एक रोडमैप भी बन चुका हैं। हमने पहली एएनटीएफ कॉन्फ्रेंस में संस्थागत व्यवस्था बनाई थी और उसे सुदृढ़ किया। दूसरे एएनटीएफ सम्मेलन में उस व्यवस्था को कार्यवाही में बदलने के लिए योग्यता, उसके एक्शन और एग्जीक्यूशन पर चर्चा की। अब यह तीसरा एएनटीएफ सम्मेलन इस रोडमैप को, नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई में परिवर्तित करेगा।
अमित शाह ने कहा कि हमने अब तक जो कुछ भी किया है, वह पर्याप्त नहीं है। जब तक हर स्कूल का प्रिंसिपल, गांव का पटवारी, थाने का पीएसआई, राज्य के पुलिस महानिदेशक और मुख्य सचिव और भारत सरकार के गृह सचिव तक, एक ही दिशा में काम नहीं करते हैं तब तक हमें सफलता नहीं मिलेगी। उन्होंने कहा कि आज का सम्मेलन सबसे महत्वपूर्ण है क्योंकि इस बार हम टारगेट, टाइमलाइन और अकाउंटबिलिटी तय कर संपूर्ण विजय प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। अब हमें मीटिंग से मिशन, रिपोर्टिंग से रिज्ल्ट, सीजर से नेटवर्क की समाप्ति और केस से कन्विक्शन तक जाना है।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि उभरती हुई चुनौतियां, जैसे, सिंथेटिक ड्रग्स और प्रीकर्सर केमिकल्स का डायवर्जन, कम्युनिकेशन की नई तकनीकें, डार्कनेट, ड्रग मार्केट, क्रिप्टो, डेड ड्रॉप डिलीवरी प्रणाली और अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क के लिए आउट ऑफ बॉक्स सोचने वाले अधिकारियों की एक टीम हर राज्य में बनाई जाए और सफलता को साझा कर इसे पूरे देश में लागू किया जाए।
विजन डॉक्यूमेंट 2026-2029 में चार स्तंभ हैं
- -इंटेलिजेंस एवं ऑपरेशन-आधारित एनफोर्समेंट,
- -प्रीकर्सर और सिंथेटिक ड्रग पर नियंत्रण
- -डिमांड और हार्म रिडक्शन
- -क्षमता निर्माण और समन्वय।
इन चार स्तंभों में 100 से ज्यादा लक्ष्यों को विभाजित किया गया है। विज़न डॉक्यूमेंट में दिए गए 1 लाख नशामुक्त मित्र के निर्धारित लक्ष्य अंतर्गत अब तक विभिन्न मंत्रालयों ने 46,780 नशामुक्त मित्र पंजीकृत कर दिए हैं और वे काम भी कर रहे हैं। इस अभियान को ज़मीन तक पहुंचाने के लिए नशामुक्त मित्र आने वाले दिनों में देश के 10 लाख स्कूलों, कॉलेज, इंस्टीट्यूशन्स में जाकर युवाओं को चेताएंगे और कैंपस के डायरेक्टर को सेंसिटाइज करेंगे। बतौर शाह, हमारा लक्ष्य एएनटीएफ को एंटी नारको मिशन कमांड बनाने का होना चाहिए और मैनपावर, टेक्नोलॉजी, बजट आदि के लिए राज्यों के मुख्य सचिवों को अलग तरीके से सोचना पड़ेगा। केंद्र सरकार क्षमता निर्माण में तकनीक और फॉरेंसिक पर ध्यान दे रही है।
केन्द्रीय गृह ने कहा कि हमें सीजर-सेंट्रिक अप्रोच रखने की जगह नेटवर्क ध्वस्त करने का लक्ष्य रखकर आगे बढ़ना चाहिए। हमारी प्राथमिकता बैकवर्ड-फॉरवर्ड इन्वेस्टिगेशन के साथ-साथ फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन और डिजिटल लिंक्स ढूंढना भी होनी चाहिए। नशे के व्यापारियों द्वारा कमाए गए पैसों पर भी हमारा प्रहार होना चाहिए। कार्टेल पर तीन स्तरों पर प्रहार करना है - एंट्री पॉइंट, अंतरराज्यीय डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम और जिलों में लोकल सेल के नेटवर्क पर। साथ ही, जिलों को तीन क्लस्टर में बांटा जाएगा - ड्रग बनाने वाले या देश में प्रवेश देने वाले जिले, ट्रांसपोर्टेशन कॉरिडोर वाले जिले और उपभोग वाले जिले। पीआईटीएनडीपीएस का उपयोग बढ़ाना होगा क्योंकि देश में इसकी ज़रूकत है। इन्वेस्टिगेशन से कनविक्शन तक का पूरा रोडमैप पब्लिक प्रोसिक्यूटर्स के साथ बनाना होगा।
भारत में मौजूद विदेशी आरोपियों को वापस भेजने के लिए और वे दोबारा कभी भारत न आएं, इसके लिए उन्हें ब्लैकलिस्ट करने का अभियान चलाना पड़ेगा। साथ ही विदेशों में बैठकर देश में ड्रग्स सप्लाई कर रहे भगोड़ों को पकड़कर भारत की अदालत के सामने लाना है। सीमाओं और उत्पादन केंद्रों को लक्ष्य बनाकर हमें सारे लूपहोल्स समाप्त करने पड़ेंगे। हर एएनटीएफ को इंफॉर्मेशन को एक्शनेबल इंटेलिजेंस बनाने की पूरी प्रक्रिया को अपने राज्य की पुलिस की कार्य संस्कृति का हिस्सा बनाना चाहिए। गृह मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि हम नशे के खिलाफ इस लड़ाई में सफल होंगे और इसे जीत कर रहेंगे।
सम्मेलन के दौरान किए गए विचार-विमर्श से ड्रग्स नियंत्रण संबंधी कानूनों के प्रभावी प्रवर्तन को और सुदृढ़ करने और देश के युवाओं को ड्रग्स से दूर रखने के लिए अपनाई जा रही रणनीतियों को और अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। यह राष्ट्रीय आयोजन ड्रग्स के दुरुपयोग से निपटने और नशा-मुक्त भारत के संकल्प को साकार करने के लिए एनसीबी तथा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के एएनटीएफ के बीच भविष्य के लिए तैयार साझेदारी को और मजबूत करने का एक प्रभावी मंच प्रदान करेगा।