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'देश में रहना है तो जय श्रीराम कहना होगा' हिंदू सेना ने टीएमसी दफ्तर के बाहर लगाए पोस्टर
Mon, 25 Jan 2021 07:36 PM IST
कुमार संभव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार संभव
Updated Mon, 25 Jan 2021 07:36 PM IST
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टीएमसी दफ्तर के बाहर लगे जय श्रीराम के पोस्टर
- फोटो : सोशल मीडिया
पश्चिम बंगाल में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के दौरान सरकारी कार्यक्रम में जय श्रीराम के नारे लगने पर ममता बनर्जी ने भाषण देने से इनकार कर दिया था। यह मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। इस बीच हिंदू सेना ने सोमवार को दिल्ली स्थित टीएमसी दफ्तर के बाहर जय श्रीराम लिखे पोस्टर लगा दिए, जिससे दोनों राजनीतिक दलों के बीच विवाद भड़कने के आसार बढ़ गए हैं।
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क्या लिखा है इन पोस्टरों में?
जानकारी के मुताबिक, दक्षिणपंथी संगठन के कार्यकर्ताओं की ओर से लगाए गए पोस्टरों में लिखा है कि अगर भारत में रहना होगा तो जय श्रीराम कहना होगा। ये पोस्टर सेंट्रल दिल्ली स्थित टीएमसी के कार्यालय 61 साउथ एवेन्यू के बाहर लगाए गए हैं।
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हिंदू सेना ने दी यह जानकारी
हिंदू सेना के प्रमुख बम बम ठाकुर ने पत्रकारों को बताया कि श्रीराम भारतीयों के पूर्वज हैं। अगर किसी व्यक्ति को उनका नाम लेने में दिक्कत है तो वह देश छोड़कर जा सकता है। अगर आपको भारत में रहना है तो जय श्रीराम का नारा लगाना ही पड़ेगा।
इस वजह से बढ़ा विवाद
बता दें कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती को केंद्र सरकार ने पराक्रम दिवस के रूप में मनाया। इसके तहत कोलकाता में कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शामिल हुए। उस दौरान पीएम मोदी के अभिवादन में लोगों ने जय श्रीराम के नारे लगाए थे, जिसके बाद इस सरकारी कार्यक्रम में ममता बनर्जी ने भाषण देने से इनकार कर दिया।
ममता बनर्जी ने कही थी यह बात
गौरतलब है कि जय श्रीराम के नारे लगने पर ममता बनर्जी नाराज हो गई थीं। उन्होंने इसे अपना अपमान करार दिया। साथ ही, कहा कि यह सरकारी कार्यक्रम है, कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं। इसके बाद भाजपा ने ममता बनर्जी की प्रतिक्रिया को उनकी तुष्टीकरण की मानसिकता बताया था। वहीं, विश्व हिंदू परिषद के नेताओं ने भी इस मामले में ममता बनर्जी को घेरा और उन्हें हिंदू विरोधी कहा।