फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›    Hindi Writer Namvar Singh died at the age of 93

प्रख्यात साहित्यकार और आलोचक नामवर सिंह का निधन, शाम 3 बजे अंतिम संस्कार

Wed, 20 Feb 2019 01:58 AM IST
sapna singla न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: sapna singla Updated Wed, 20 Feb 2019 01:58 AM IST
विज्ञापन
 Hindi Writer Namvar Singh died at the age of 93
नामवर सिंह

हिंदी के जाने माने साहित्यकार नामवीर सिंह का मंगलवार देर रात निधन हो गया है। वह 93 साल के थे। वह काफी समय से बीमार चल रहे थे और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती थे। जानकारी के मुताबिक उन्होंने लगभग 11:50 बजे अंतिम सांस ली। 

विज्ञापन


नामवर सिंह का अंतिम संस्कार बुधवार अपराह्न तीन बजे लोधी रोड स्थित शमशान घाट में किया जाएगा। नामवर सिंह का जन्म 28 जुलाई 1926 को वाराणसी के एक गांव जीयनपुर (वर्तमान में जिला चंदौली) में हुआ था। उन्होंने बीएचयू से हिंदी साहित्य में एमए और पीएचडी की डिग्री प्राप्त की। उन्होंने बीएचयू, सागर एवं जोधपुर विश्वविद्यालय और जेएनयू में पढ़ाया।
विज्ञापन




साहित्य अकादमी सम्मान से नवाजे जा चुके नामवर सिंह ने हिंदी साहित्य में आलोचना को एक नया आयाम दिया। ‘छायावाद’, ‘इतिहास और आलोचना’, ‘कहानी नयी कहानी’, ‘कविता के नये प्रतिमान’, ‘दूसरी परम्परा की खोज’ और ‘वाद विवाद संवाद’ उनकी प्रमुख रचनाएं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने हिंदी की दो पत्रिकाओं ‘जनयुग’ और ‘आलोचना’ का संपादन भी किया।

उनकी मौत के बाद वरिष्ठ पत्रकार ओम थानवी ने लिखा कि हिंदी में फिर सन्नाटे की खबर। उन्होंने लिखा कि नायाब आलोचक, साहित्य में दूसरी परंपरा के अन्वेषी डॉ. नामवर सिंह का निधन हो गया है। 

नामवर सिंह की ये हैं 5 बड़ी कविताएं

उन्होंने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा है कि उनका अंतिम संस्कार बुधवार को  अपराह्न सम्भवतः लोदी दाहगृह में होगा। उन्होंने लिखा कि 26 जुलाई को वे 93 वर्ष के हो जाते। उन्होंने अच्छा जीवन जिया, बड़ा जीवन पाया।

 उन्होंने हिन्दी साहित्य में एमए व पीएचडी करने के पश्चात् काशी हिंदू विश्वविद्यालय में अध्यापन किया, लेकिन 1959 में चकिया चन्दौली के लोकसभा चुनाव में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के उम्मीदवार रूप में चुनाव लड़ने तथा असफल होने के बाद उन्हें बीएचयू छोड़ना पड़ा। 


बीएचयू के बाद डॉ. नामवर सिंह ने क्रमश: सागर विश्वविद्यालय और जोधपुर विश्वविद्यालय में भी अध्यापन किया। लेकिन बाद में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में उन्होंने काफी समय तक अध्यापन कार्य किया। अवकाश प्राप्त करने के बाद भी वे उसी विश्वविद्यालय के भारतीय भाषा केंद्र में इमेरिट्स प्रोफेसर रहे। वे हिन्दी के अतिरिक्त उर्दू, एवं संस्कृत भाषा भी जानते थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed