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नामवर सिंह की ये हैं 5 बड़ी कविताएं...

नामवर सिंह
                
                                                         
                            हिंदी साहित्य के प्रख्यात समालोचक नामवर सिंह ने कुछ कविताएं भी लिखी हैं। इनका जन्म 28 जुलाई 1926 को बनारस के गांव जीयनपुर में हुआ था। हिन्दी साहित्य में एमए और पीएचडी करने के पश्चात काशी हिंदू विश्वविद्यालय में अध्यापन किया। हम यहां उनकी 5 कविताएं पेश कर रहे हैं।
                                                                 
                            

पथ में साँझ
पहाड़ियाँ ऊपर
पीछे अँके झरने का पुकारना ।

सीकरों की मेहराब की छाँव में
छूटे हुए कुछ का ठुनकारना ।

एक ही धार में डूबते
दो मनों का टकराकर
दीठ निवारना ।

याद है : चूड़ी की टूक से चाँद पै
तैरती आँख में आँख का ढारना ? आगे पढ़ें

7 वर्ष पहले

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