{"_id":"6575b2e3dc5f5457f40043b8","slug":"himanta-says-that-assamese-people-should-pledge-not-to-sell-land-to-suspected-foreigners-2023-12-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Assam: सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने 'स्वाहिद दिवस' पर किया आह्वान, कहा- बाहरी लोगों को न बेचें राज्य की जमीन","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Assam: सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने 'स्वाहिद दिवस' पर किया आह्वान, कहा- बाहरी लोगों को न बेचें राज्य की जमीन
Sun, 10 Dec 2023 06:22 PM IST
आदर्श शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Sun, 10 Dec 2023 06:22 PM IST
सार
'स्वाहिद दिवस' कार्यक्रम में बोलते हुए सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि असमिया लोगों को संदिग्ध बाहरी लोगों को जमीन नहीं बेचने का संकल्प लेना चाहिए। जानिए और क्या बोले असम के सीएम हिमंत सरमा?
विज्ञापन
Himanta Biswa Sarma (FILE PHOTO)
- फोटो : Social Media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गुवाहाटी के बोरागांव में असम आंदोलन के शहीदों की याद में मनाए गए 'स्वाहिद दिवस' कार्यक्रम में बोलते हुए सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि असमिया लोगों को संदिग्ध बाहरी लोगों को जमीन नहीं बेचने का संकल्प लेना चाहिए। साथ ही उन्होंने संबोधन के दौरान समुदाय की प्रगति के लिए वित्तीय विकास के महत्व पर भी जोर दिया है। उन्होंने युवाओं से आर्थिक रूप से स्वतंत्र होने का भी आग्रह किया है।
बाहरी लोगों को न बेंचे असम के लोग जमीन-सीएम सरमा
असम आंदोलन के शहीदों की याद में मनाए गए 'स्वाहिद दिवस' कार्यक्रम पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि अगर हर असमवासी अपनी जमीन किसी भी संदिग्ध बाहरी लोगों को नहीं बेचने का संकल्प लेते है, तो हमारा समुदाय सुरक्षित रहेगा। कुछ लोग आर्थिक लाभ के लिए जमीन बेचते हैं। हालांकि कई लोगों को पैसे की जरूरत भी नहीं होती है फिर भी वे इसे बाहरी लोगों को बेच देते हैं।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि सरकार वैष्णवों के केंद्र माजुली, बारपेटा, बटाद्रवा जैसी जगहों पर बाहरी लोगों को जमीन की बिक्री पर रोक लगाने का कानूनी प्रावधान लाएगी। मुख्यमंत्री ने अवैध आप्रवासियों के खिलाफ छह साल तक चले असम आंदोलन के साथ जुड़ाव का जिक्र करते हुए कहा कि संस्कृति,समुदाय की सुरक्षा के लिए हम लड़े। जिसकी परिणति अगस्त 1985 में असम समझौते पर हस्ताक्षर के साथ हुई।
विज्ञापन
आंदोलन का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि आंदोलन के कई नेताओं ने असम को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का सपना देखा था। उस समय के युवाओं ने भी छोटी-मोटी नौकरियां करके इसका जवाब दिया था। उन्होंने दावा किया, लेकिन अब ऐसा नहीं है। युवाओं की काम करने की इच्छा की कमी का फायदा उठाकर संदिग्ध बाहरी लोगों ने महत्वपूर्ण स्थानों पर व्यापार और वाणिज्य पर कब्जा कर लिया है।
विज्ञापन
बाहरी लोगों को न बेंचे असम के लोग जमीन-सीएम सरमा
असम आंदोलन के शहीदों की याद में मनाए गए 'स्वाहिद दिवस' कार्यक्रम पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि अगर हर असमवासी अपनी जमीन किसी भी संदिग्ध बाहरी लोगों को नहीं बेचने का संकल्प लेते है, तो हमारा समुदाय सुरक्षित रहेगा। कुछ लोग आर्थिक लाभ के लिए जमीन बेचते हैं। हालांकि कई लोगों को पैसे की जरूरत भी नहीं होती है फिर भी वे इसे बाहरी लोगों को बेच देते हैं।
विज्ञापन
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि सरकार वैष्णवों के केंद्र माजुली, बारपेटा, बटाद्रवा जैसी जगहों पर बाहरी लोगों को जमीन की बिक्री पर रोक लगाने का कानूनी प्रावधान लाएगी। मुख्यमंत्री ने अवैध आप्रवासियों के खिलाफ छह साल तक चले असम आंदोलन के साथ जुड़ाव का जिक्र करते हुए कहा कि संस्कृति,समुदाय की सुरक्षा के लिए हम लड़े। जिसकी परिणति अगस्त 1985 में असम समझौते पर हस्ताक्षर के साथ हुई।
विज्ञापन
आंदोलन का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि आंदोलन के कई नेताओं ने असम को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का सपना देखा था। उस समय के युवाओं ने भी छोटी-मोटी नौकरियां करके इसका जवाब दिया था। उन्होंने दावा किया, लेकिन अब ऐसा नहीं है। युवाओं की काम करने की इच्छा की कमी का फायदा उठाकर संदिग्ध बाहरी लोगों ने महत्वपूर्ण स्थानों पर व्यापार और वाणिज्य पर कब्जा कर लिया है।