Politics: 'राहुल गांधी को भारतीय अर्थव्यवस्था की जानकारी नहीं', बजट पर टिप्पणी को लेकर बरसे असम सीएम सरमा
असम सीएम सरमा ने 60 साल के शासन के दौरान कर छूट की सीमा नहीं बढ़ाने के लिए कांग्रेस की आलोचना की। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस को केंद्रीय बजट की बिलकुल भी आलोचना नहीं करनी चाहिए। उन्हें पता होना चाहिए कि उन्होंने मध्यम वर्ग के लोगों को कितनी राहत दी है। 60 साल के शासन के बाद, उन्होंने 5 लाख रुपये तक की राहत भी नहीं दी।'
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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल की केंद्रीय बजट पर की गई टिप्पणी को राजनीति से प्रेरित बताया। सरमा ने कहा कि उन्हें देश की अर्थव्यवस्था के बारे में 'शून्य ज्ञान' है।
बता दें कि राहुल गांधी ने केंद्रीय बजट को 'गोली के घावों पर पट्टी' करार दिया और कहा कि केंद्र 'विचारों के मामले में दिवालिया' है। राहुल ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'गोली के घावों पर पट्टी! वैश्विक अनिश्चितता के बीच, हमारे आर्थिक संकट को हल करने के लिए एक आदर्श बदलाव की आवश्यकता है।'
कर छूट सीमा नहीं बढ़ाने के लिए कांग्रेस की आलोचना की
इसके बाद, सीएम सरमा ने गुवाहाटी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने 60 साल के शासन के दौरान कर छूट की सीमा नहीं बढ़ाने के लिए कांग्रेस की आलोचना की। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस को केंद्रीय बजट की बिलकुल भी आलोचना नहीं करनी चाहिए। उन्हें पता होना चाहिए कि उन्होंने मध्यम वर्ग के लोगों को कितनी राहत दी है। 60 साल के शासन के बाद, उन्होंने 5 लाख रुपये तक की राहत भी नहीं दी।'
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की टिप्पणियां राजनीति से प्रेरित हैं। इससे पता चलता है कि राहुल को देश की अर्थव्यवस्था के बारे में बिलकुल भी जानकारी नहीं है।
कांग्रेस सरकार में सिर्फ 3 लाख तक पहुंची आयकर छूट सीमा
सीएम सरमा ने कहा कि केंद्र में जब कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार थी, तब आयकर छूट की सीमा सिर्फ 3 लाख रुपये तक ही पहुंच पाई थी। जबकि, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने निम्न से लेकर उच्च मध्यम वर्ग के सभी लोगों को राहत दी है। सीएम सरमा ने कहा कि वित्त मंत्री ने राज्यों को अधिक कर हस्तांतरण भी आवंटित किया है। इस बजट में सभी के लिए कुछ न कुछ है।
सीएम सरमा ने आगे कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने शुरुआत में कर छूट की सीमा बढ़ाकर 5 लाख रुपये और फिर बाद के बजट में 7 लाख रुपये कर दी।
अगले वित्त वर्ष में असम को मिलेंगे 44500 करोड़ रुपये
सीएम ने यह भी कहा कि असम को अगले वित्त वर्ष में केंद्र से कर हस्तांतरण के रूप में 44,500 करोड़ रुपये मिलेंगे, जो चालू वित्त वर्ष में 40,000 करोड़ रुपये से अधिक है। सीएम ने यह भी दावा किया कि केंद्र 25-26 फरवरी को होने वाले एडवांटेज असम 2.0 शिखर सम्मेलन से पहले पूर्वोत्तर राज्य को लाभ पहुंचाने के लिए लगभग 5-6 नीतिगत उपायों की घोषणा करेगा।
वेतनभोगी वर्ग के लिए अतिरिक्त 75 हजार की मानक कटौती
वित्त मंत्री सीतारमण ने लगातार आठवीं बार केंद्रीय बजट पेश किया। जिसके अनुसार, एक वर्ष में 12 लाख रुपये तक की आय वाले व्यक्तियों को छूट सीमा को 7 लाख रुपये से बढ़ाने के बाद कोई कर नहीं देना होगा। वेतनभोगी वर्ग के लिए अतिरिक्त 75,000 रुपये की मानक कटौती की गई है।
25 लाख की आय वाले 1.1 लाख रुपये की बचत कर सकेंगे
वित्त मंत्री सीतारमण ने इस सीमा से ऊपर की आय वाले लोगों के लिए कर स्लैब में भी बदलाव किया, जिससे एक वर्ष में 25 लाख रुपये तक की आय वाले लोगों को कर में 1.1 लाख रुपये तक की बचत करने में मदद मिलेगी।
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