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Assam: सीएम सरमा ने किया असम स्किल यूनिवर्सिटी का भूमि पूजन, बोले- पूर्वोत्तर के युवाओं का कौशल बढ़ेगा
Sun, 06 Nov 2022 07:51 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
Published by: निर्मल कांत
Updated Sun, 06 Nov 2022 07:51 PM IST
सार
असम स्किल यूनिवर्सिटी राज्य में पहला और देश में तीसरा ऐसा संस्थान होगा, जो अपने विभिन्न स्कूलों के जरिए उद्यमिता और नवाचार, जीवन कौशल और भाषा, डिजाइन और रचनात्मकता जैसे विभिन्न क्षेत्रों में कौशल विकास के लिए शिक्षा प्रदान करेगा।
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भूमि पूजन करते हिमंत बिस्व सरमा
- फोटो : वीडियो ग्रैब/ट्विटर/हिमंत बिस्व सरमा
विस्तार
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने रविवार को कहा कि एक हजार करोड़ रुपये की 'असम स्किल यूनिवर्सिटी' पूर्वोत्तरी राज्यों के युवाओं को कौशल शिक्षा प्रदान करेगी। राजधानी गुवाहाटी से सत्तर किलोमीटर दूर दरांग जिला मुख्यालय के संस्थान के लिए 'भूमि पूजन' किया।
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इस मौके पर उन्होंने कहा कि यह संस्थान असम के जनसांख्यिकीय लाभांश (डेमोग्राफिक डिविडेंड) के लिए कवच बनेगा, जिसकी बड़ी आबादी युवा है। उन्होंने कहा कि 1,000 करोड़ रुपये के संस्थान में कई स्कूल और उत्कृष्टता केंद्र (एक्सीलेंस सेंटर) होंगे, जो पूर्वोत्तर के युवाओं के कौशल को बढ़ाने में भूमिका निभाएंगे। यूनिवर्सिटी के पूरे असम में कई कैंपस होंगे।
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सरमा ने कहा, अगस्त 2025 तक पूरे कैंपस का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन अंतरिम कॉम्पलैक्स के 2024 से ही काम शुरू करने की उम्मीद है।
असम स्किल यूनिवर्सिटी राज्य में पहला और देश में तीसरा ऐसा संस्थान होगा, जो अपने विभिन्न स्कूलों के जरिए उद्यमिता और नवाचार, जीवन कौशल और भाषा, डिजाइन और रचनात्मकता जैसे विभिन्न क्षेत्रों में कौशल विकास के लिए शिक्षा प्रदान करेगा। इसे एशियाई विकास बैंक (एडीबी) द्वारा आंशिक रूप से वित्त पोषित किया जा रहा है।
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पूर्व मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने पिछले साल इस यूनिवर्सिटी की आधारशिला रखी थी। हालांकि, एक अधिकारी ने कहा कि आधारशिला रखना और भूमि पूजन करना एक ही बात नहीं है।
उन्होंने कहा कि पिछले साल आधारशिला रखने से परियोजना की मंजूरी और साइट के चयन को चिह्नित किया गयाथा, जबकि वास्तविक निर्माण कार्य 'भूमि पूजन' के बाद शुरू होगा। उन्होंने आगे कहा कि एक परियोजना को मंजूरी मिलने और साइट आवंटित होने के बाद कई चरण होते हैं।