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Himachal Election: चुनावी पिच पर जनता की स्पिन बॉलिंग, बैट्समैन बने नेताओं को 'श्रीराम' और 'रिवाज' का सहारा

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Fri, 11 Nov 2022 06:54 PM IST
सार

Himachal Election: शिमला के रिज मैदान पर सुरेश कुमार ने बताया, डबल इंजन की सरकार ने हिमाचल प्रदेश में खास कुछ नहीं किया। ठीक है कि पीएम मोदी अंतरराष्ट्रीय नेता हैं, दुनिया उनका सम्मान करती है। हिमाचल वाले भी करते हैं। इस राज्य में शिमला को ही देखें, पर्यटकों के लिए यहां क्या सुविधा है...

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Himachal Election: Polling preparations completed in Himachal Pradesh. people will cast their vote on Saturday
Himachal Election 2022 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में मतदान की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। पहाड़ के लोग शनिवार को वोट डालेंगे। इस बार की चुनावी पिच पर पहाड़ की जनता की स्पिन बॉलिंग देखने वाली होगी। बैट्समैन बने कई नेताओं को 'श्रीराम', 'रिवाज' और अपनी पार्टी के 'स्टार' प्रचारकों का सहारा है। दूसरी ओर तेज बॉलिंग करने के मूड में नजर आ रही प्रदेश की जनता 'लकीर का फकीर' वाली कहावत से बहुत दूर जा चुकी है।

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प्रदेश के कई जिलों में भावनात्मक कार्ड भी खेला गया। उसमें वोटरों को यह कह कर प्रभावित करने का प्रयास किया गया कि उन्हें 'नड्डा साहब' की पगड़ी की हिफाजत करनी होगी। डबल इंजन में ही 'पहाड़' का विकास संभव है। रिवाज को लेकर, आम लोगों का कहना है कि ये गुजरे जमाने की बात हो चली है। आज लोग उसे वोट देंगे, जो उन्हें फायदा देगा। किसी पार्टी के प्रति कट्टरता का भाव भी आज नहीं रहा। हिमाचल की पढ़ी-लिखी जनता, अब इन सभी बातों से ऊपर उठ चुकी है।

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धुआंधार प्रचार में छाए रहे ये मुद्दे

गुरुवार को मंडी जिले में सेरी मंच पर भाजपा प्रत्याशी अनिल शर्मा अपने समर्थकों के साथ खड़े थे। चुनाव प्रचार खत्म होने से तीन घंटे पहले, शर्मा करीब बीस मिनट तक वहां रहे। तालियां बजती रहीं। महिलाओं और पुरुषों ने जमकर जय श्रीराम, जय श्रीराम के नारे लगाए। पास ही कांग्रेस कार्यकर्ता भी अपने वादे गिना रहे थे, तो 'आप' समर्थक भी हाथ में झंडा लेकर वंदेमातरम, जैसे नारे लगाते हुए वहां से गुजरे। भाजपा के चुनावी प्रचार में अयोध्या का राम मंदिर, काशी विश्वनाथ और श्रीमहाकाल लोक, इन स्थलों की कायापलट का खूब बखान किया गया। हिमाचल चुनाव में अंतरराष्ट्रीय मुद्दे भी गिनाए गए।

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भाजपा की तरफ से पीएम मोदी सहित दर्जनों बड़े स्टार प्रचारकों ने धुआंधार तरीके से चुनाव प्रचार किया। कांग्रेस पार्टी ने पुरानी पेंशन का मुद्दा, प्रचार के केंद्र में रखा। लोगों से कुछ वादे भी कर डाले। अगर सरकार आई तो उन्हें पूरा करने का भरोसा दिलाया। बिलासपुर सहित मंडी, शिमला, कुल्लू और सोलन जैसे कई जिलों में यह मैसेज भी खूब पहुंचाया गया कि 'नड्डा साहब' का ख्याल रखो। दिल्ली में पहाड़ का कोई व्यक्ति आगे बढ़ रहा है। अगर 'रिवाज' नहीं बदला तो सब कुछ बिगड़ जाएगा। कुछ लोगों के बीच इस मामले में असमंजस की स्थिति रही कि वे नड्डा साहब को देखें या सरकार के कामों को। खासतौर पर, सरकारी कर्मचारी बोले, जो ओपीएस देगा, वही वोट लेगा।   

अंग्रेजों ने बनाया, वही तो है, बाकी जुमलेबाजी है

शिमला के रिज मैदान पर सुरेश कुमार ने बताया, डबल इंजन की सरकार ने हिमाचल प्रदेश में खास कुछ नहीं किया। ठीक है कि पीएम मोदी अंतरराष्ट्रीय नेता हैं, दुनिया उनका सम्मान करती है। हिमाचल वाले भी करते हैं। इस राज्य में शिमला को ही देखें, पर्यटकों के लिए यहां क्या सुविधा है। कुछ भी तो नहीं। दुनिया के पर्यटक यहां आते हैं। पार्किंग की कितनी बड़ी समस्या है, ट्रैफिक पुलिस कर्मी पर्यटकों को एक चौराहे से लेकर दूसरे चौराहे पर भेजता रहते हैं। किसी भी सरकार ने पर्यटन को बढ़ाने के लिए कुछ नहीं किया। रेलवे लाइन, अंग्रेजों की बनाई हुई है। आकर्षण का प्वाइंट क्या है, जो अंग्रेजों ने बनाया, वही तो है। कहते हैं हमारे पास एडवांस स्टडी है। वह किसकी बनाई हुई है, उसे भी तो अंग्रेजों ने ही बनाया था। इसमें हमारा क्या योगदान है। न तो कांग्रेस ने ही कुछ दिया और न ही भाजपा ने कुछ किया। दोनों पार्टियां जुमलेबाजी करती हैं। एम्स मिला है तो कहां पर, ये तो देखें। उसे चंडीगढ़ के निकट निचले इलाके में बना दिया गया। ये एम्स हाई एल्टीट्यूड इलाके में आना चाहिए था। इसका डिफेंस को भी फायदा मिलता। प्रदेश का वोटर आज मौन है। वे पढ़े लिखे हैं, लेकिन अपना मत दिखाना नहीं चाहते। सरकार कई बार नौकरी के रिजल्ट को रोक देती है, यह सोचकर कि लोग उसके इंतजार में रहेंगे और हमें वोट करेंगे। इस चुनाव में जनता बहुत सोच समझकर वोट करेगी। वह न तो किसी के बहकावे में आएगी और न ही किसी के वादों पर भरोसा करेगी।

Himachal Election: Polling preparations completed in Himachal Pradesh. people will cast their vote on Saturday
Himachal Election 2022 - फोटो : अमर उजाला

लोग देख रहे हैं कि सामने कौन सी पार्टी है

उमानंद ने कहा, हिमाचल की जनता असमंजस में है। हर घर में कोई न कोई व्यक्ति सरकारी नौकरी में है। लोग यह सोच रहे हैं कि कौन सी पार्टी हमें फायदा पहुंचाएगी। कौन सा दल, राज्य का विकास करेगा। पहले वाली बात अब नहीं है। 'लकीर का फकीर', वाली बात नहीं रही। प्रदेश में कांग्रेस ने लंबे समय तक राज किया है। अब कोई कट्टर कांग्रेसी भी है, तो वह ये नहीं देखता कि सामने पार्टी कौन है। वह केवल यही देख रहा है कि उनके हित में कौन सी पार्टी काम कर रही है। रिवाज को लेकर उन्होंने कहा, कांग्रेस का शासन ही ज्यादा रहा है। भाजपा कहती है रिवाज बदलेगा तो कांग्रेस कह रही है कि ये नहीं बदलेगा। ये कोई अहमियत वाली बात नहीं है। जनता यह देखेगी कि उनके हित में कौन सी पार्टी है। डबल इंजन को लेकर कुछ लोग कहते हैं कि केंद्र में भी भाजपा और राज्य में भी भाजपा। ये केवल आत्मविश्वास वाली बात है। जनता बहुत सी बातों पर विचार करने के बाद मतदान करती है।

70 फीसदी किसानों का मुद्दा तो किसी ने नहीं उठाया

रिज मैदान पर हुई बातचीत में उमानंद का कहना है कि सभी पार्टियां अपने तरीके से काम करती हैं। किसी पार्टी ने किसानों के लिए कुछ नहीं किया। किसान की मजबूरी होती है वोट देना। वह यह समझता है कि वोट देना हमारा अधिकार है, क्योंकि वह लोकतंत्र में भरोसा करता है। कुछ लोग पार्टी को पकड़ कर बैठे हैं कि वह तो हमारी है। इसमें पचास फीसदी वोट बंट जाते हैं। बाकी बचे लोग कुछ कार्यों जैसे बिजली पानी को देख लेते हैं। 70 फीसदी किसानों व बागवानों का मुद्दा तो किसी ने नहीं उठाया। रिवाज नहीं बदलेगा। पांच-पांच साल का मौका मिलेगा। लोग सोच रहे हैं कि पांच साल ही सरकार के लिए ठीक हैं। डबल इंजन का कोई क्रेज नहीं है। पीएम मोदी जब भी हिमाचल में आए तो कुछ नहीं दिया। स्टेट पर आज कर्जा इतना ज्यादा बढ़ चुका है कि आने वाले समय में स्थिति ऐसी भयावह होगी, जिसे संभालना मुश्किल हो जाएगा। मतदाता मौन है। वह सामने नहीं आ रहा। ये बड़े नेता तो आपस में बैठ सकते हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए वह संभव नहीं हो पाता।

विश्व में मोदी की धाक, पुरानी पेंशन पहले क्यों नहीं दी

शिमला सिटी का सुधार कभी नहीं होना था। ये तो डबल इंजन की सरकार का ही नतीजा है। शिमला के माल रोड पर मस्तराम ने कहा, आज पूरा विश्व मोदी से डरता है। कांग्रेस ने आज तक पुरानी पेंशन क्यों नहीं दी। जितना भाजपा ने कर्मचारियों को खुश किया है, उतना तो कोई नहीं कर सका। कांग्रेस के समय में पेंशन पांच सौ थी, अब वह 1500 रुपये से ज्यादा हो गई है। रिवाज तो बदलकर ही रहेगा। हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी में टूरिज़्म के छात्र कुशल ठाकुर और पुरातत्व की पढ़ाई कर रहे छात्र सुनील राजपूत का कहना है कि चुनाव एक पर्व है। मुख्य मुद्दा स्वास्थ्य, शिक्षा और बेरोजगारी रहेगा। डबल इंजन की सरकार का फायदा तो होता है। जैसे हिमाचल प्रदेश में सरकार कोई स्कीम लाती है, तो उसे केंद्र की मदद मिलती है। यह डबल इंजन की सरकार में ही संभव है। बिलासपुर में एम्स बनना, डबल इंजन सरकार का ही नतीजा है। नई सरकार से यही उम्मीद है कि सरकार कुछ काम करे। रोजगार पर काम करने की जरूरत है। बागवानों पर लगा जीएसटी हटाया गया है। जीएसटी से बागवानों को बहुत नुकसान होता है। ये भी चुनाव में बड़ा मुद्दा है। ओपीएस का मुद्दा है। रिवाज को लेकर युवाओं की सोच है कि यह बदलनी चाहिए।

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