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High Court: मुंबई की जहरीली हवा पर हाईकोर्ट सख्त, कहा- ऐसे मुद्दों पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं; BMC आयुक्त तलब

Mon, 22 Dec 2025 11:00 PM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: हिमांशु चंदेल Updated Mon, 22 Dec 2025 11:00 PM IST
सार

High Court Summoned BMC Commissioner on Air Pollution: मुंबई की खराब हवा पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए बीएमसी आयुक्त और एमपीसीबी के सदस्य सचिव को तलब किया है। अदालत की समिति की रिपोर्ट में कई जगह प्रदूषण नियमों के उल्लंघन और निगरानी की कमी सामने आई। 

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High Court takes strict on Mumbai toxic air say negligence in such issue not tolerated BMC commissioner summon
वायु प्रदूषण - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

मुंबई में लगातार बिगड़ती हवा की गुणवत्ता को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। हाईकोर्ट ने वायु प्रदूषण रोकने में नाकामी पर कड़ी नाराजगी जताते हुए बीएमसी आयुक्त और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के शीर्ष अधिकारी को तलब किया है। अदालत ने साफ संकेत दिया है कि प्रदूषण जैसे गंभीर मुद्दे पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश श्री चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति गौतम की पीठ ने बीएमसी के आयुक्त और महाराष्ट्र के सदस्य सचिव को मंगलवार को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया। यह आदेश मुंबई की खराब एयर क्वालिटी इंडेक्स को लेकर दाखिल कई याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान दिया गया।
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निष्क्रियता पर उठाए सवाल
अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि संबंधित अधिकारियों की ओर से गंभीर निष्क्रियता बरती गई है। पीठ ने टिप्पणी की कि प्रदूषण रोकने के लिए कदम तब उठाए गए, जब अदालत ने खुद इस मुद्दे पर स्वतः संज्ञान लिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी को भी दोष से मुक्त नहीं छोड़ा जाएगा और जिम्मेदार लोगों को नोटिस जारी किए जाएं।
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समिति की रिपोर्ट में खुलासे
अदालत द्वारा गठित समिति की रिपोर्ट में मुंबई और नवी मुंबई के 44 स्थलों का निरीक्षण किया गया। रिपोर्ट में बताया गया कि कई प्रदूषण-प्रभावित इलाकों में निगरानी का पूरी तरह अभाव है और बीएमसी व एमपीसीबी की गाइडलाइंस का पालन नहीं हो रहा। साथ ही सरकार के ‘समीयर’ ऐप पर दिखाए गए एक्यूआई आंकड़ों और थर्ड पार्टी ऐप्स के आंकड़ों में बड़ा अंतर पाया गया।


नई हाईकोर्ट साइट पर गंभीर उल्लंघन
रिपोर्ट में बांद्रा (पूर्व) स्थित सरकारी कॉलोनी में प्रस्तावित नए हाईकोर्ट परिसर की जगह पर भारी अनियमितताएं सामने आईं। यहां बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ का काम बिना किसी धूल-नियंत्रण उपाय के किया गया। न तो बैरिकेडिंग थी, न गीला कवर, न स्प्रिंकलर और न ही स्मॉग गन का इस्तेमाल। खुले सार्वजनिक स्थानों के पास गैस सिलेंडर से स्टील कटिंग की गई, जिससे आग और सुरक्षा का गंभीर खतरा पैदा हुआ।

समिति ने यह भी बताया कि साइट पर टिन शीट, तिरपाल या जूट कवर नहीं थे और एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग उपकरण भी नहीं लगाए गए थे। हाईकोर्ट ने इन खामियों को गंभीर मानते हुए अधिकारियों को जवाबदेह ठहराने का संकेत दिया है। अदालत के सख्त रुख के बाद अब यह देखना अहम होगा कि बीएमसी और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड प्रदूषण पर काबू पाने के लिए क्या ठोस कदम उठाते हैं।

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