Rajkot Fire: राजकोट गेम जोन हादसे पर गुजरात हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी, शहरी विकास विभाग करेगा मामले की जांच
Rajkot Fire: राजकोट गेम जोन हादसे पर हाईकोर्ट ने गुजरात सरकार को फटकार लगाई है। इसके साथ ही मामले की जांच के लिए शहरी विकास विभाग के अधीन एक टीम गठिन करने के आदेश दिए हैं।
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राजकोट के गेम जोन में भीषण आग लगने से 27 लोगों की मौत हो गई थी। अब गुजरात उच्च न्यायालय ने इस मामले की जांच को लेकर नाराजगी जताई है। उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को फटकार लगाते हुए आदेश दिया है कि इस मामले की की जांच के लिए एक तथ्य-खोज जांच दल (फैक्ट फाइंडिग टीम) के गठन किया जाए। यह टीम इस बात का पता करेगी कि राजकोट में गेम जोन के रूप में अवैध संरचना कैसे बनी और अधिकारियों की इसमें क्या भूमिका थी।
हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी
बता दें कि राजकोट के टीआरपी गेम जोन में 25 मई को आग लग गई थी। इस गेम जोन के उद्घाटन समारोह में कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए थे। इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि फैक्ट फाइंडिंग टीम द्वारा अपनी रिपोर्ट सौंपने के बाद अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के लिए विभागीय जांच का आदेश दिया जाएगा। बता दें कि अदालत में 26 मई को एक जनहित याचिका दायर की गई थी। इस याचिका पर मुख्य न्यायाधीश सुनीता अग्रवाल और न्यायमूर्ति प्रणव त्रिवेदी की खंडपीठ ने सुनवाई की।
शहरी विकास विभाग के अधीन होगी मामले की जांच
मुख्य न्यायाधीश सुनीता अग्रवाल ने राज्य सरकार से सोमवार तक शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव के अधीन एक फैक्ट फाइंडिग टीम गठित करने को कहा है। यह टीम 4 जुलाई तक अदालत में अपनी रिपोर्ट दाखिल करेगी। पीठ ने यह भी कहा कि राज्य शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव राज्य में सभी स्कूलों में अग्नि सुरक्षा निरीक्षण करने के लिए अलग अलग टीमें गठित करेंगे। अदालत ने कहा कि एक महीने के भीतर यह कार्य पूरा होना चाहिए।
सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता अमित पांचाल ने पीठ को सूचित किया कि राजकोट के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक, जिला कलेक्टर, राजकोट के नगर निगम आयुक्त और जिला विकास अधिकारी ने टीआरपी गेम जोन के उद्घाटन समारोह में भाग लिया था।
राजकोट के गेम जोन में क्या हुआ था?
बता दें कि 25 मई की शाम राजकोट के टीआरपी ‘गेम जोन’ में भीषण आग लगने से 12 वर्ष की कम आयु के 12 बच्चों समेत कुल 27 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। शव पूरी तरह से जल चुके थे। पुलिस ने बताया था कि मृतकों में 12 साल से कम उम्र के कम से कम 12 बच्चे शामिल थे। पुलिस के मुताबिक स्कूलों में छुट्टी होने के कारण टीआरपी गेम जोन में बड़ी संख्या में बच्चे अपने अभिभावकों के साथ पहुंचे थे।