गुजरात में भारी बारिश तो असम में बाढ़ की स्थिति में सुधार, जानिए बाकी राज्यों के मौसम का हाल
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मंगलवार को देश के कई हिस्सों में बरसात हुई। गुजरात में भारी बारिश से बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई, जबकि पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र में सोमवार को बारिश की तीव्रता कम हो गई। इस बीच, असम में बाढ़ की स्थिति में सुधार हुआ है, हालांकि बाढ़ की वजह से एक व्यक्ति की जान चली गई। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा कि मानसून अभी पूरे जोर पर है।
अगले तीन दिनों में गुजरात के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। और महाराष्ट्र के भी कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। गुजरात के देवभूमि द्वारका जिले के खंभालिया तालुका में 487 मिलीमीटर बारिश होने के एक दिन बाद सौराष्ट्र क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में सोमवार को भारी बारिश जारी रही, जिससे कुछ क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई।
अधिकारियों ने बताया कि बारिश से उपजे हालत से निपटने के लिए खंभालिया में सोमवार को राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के एक दल को तैनात किया गया। एक स्थानीय अधिकारी ने कहा कि बारिश के कारण जूनागढ़ में लगभग 30 वर्ष पुराना एक पुल ढह गया।
उन्होंने बताया कि पुल ढहने से किसी के घायल होने की खबर नहीं है। पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान में हल्की से मध्यम बारिश हुई। दिल्ली में छिटपुट बारिश की वजह से पारा नीचे रहा। अगले कुछ दिनों में राष्ट्रीय राजधानी में और अधिक वर्षा होने की संभावना है। सफदरजंग वेधशाला ने 0.6 मिमी बारिश दर्ज की और अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विभाग ने मंगलवार को दिल्ली में हल्की से मध्यम बारिश, बादल गरजने और तेज हवाएं चलने का अनुमान लगाया है। असम में सोमवार को बाढ़ की स्थिति में कुछ सुधार हुआ हालांकि एक व्यक्ति की मौत हो गयी। बाढ़ के कारण राज्य के 15 जिलों में करीब चार लाख लोग प्रभावित हुए हैं।
बाढ़ की स्थिति पर असम राज्य आपदा मोचन प्राधिकरण (एएसडीएमए) की रोजाना रिपोर्ट के मुताबिक नगांव जिले के राहा में बाढ़ से एक व्यक्ति की मौत हो गई। राज्य में इस साल बाढ़ और भूस्खलन की विभिन्न घटनाओं में 62 लोगों की मौत हुई है। इसमें से 38 लोगों की मौत बाढ़ में और 24 लोगों की मौत भूस्खलन के कारण हुई।
एएसडीएमए ने कहा कि धेमाजी, शिबसागर, बिस्वनाथ, चिरांग, नलबाड़ी, बरपेटा, कोकराझार, धुबरी, गोआलपाड़ा, कामरूप, मोरीगांव, नौगांव, गोलाघाट, जोरहाट और तिनसुकिया जिलों में बाढ़ के कारण 3.86 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। बरपेटा में सबसे ज्यादा 2.23 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। इसके बाद गोआलपाड़ा में 65,800 तथा धुबरी में 27,000 से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जिला प्रशासन ने दो जिलों में पिछले 24 घंटे के दौरान 128 लोगों को बचाया।
तीन दिनों तक भारी वर्षा होने के बाद मुम्बई और निकटवर्ती ठाणे में सोमवार को मध्यम बारिश हुई लेकिन आईएमडी ने इस क्षेत्र में रात में बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है। आईएमडी के अनुसार सोमवार को सुबह साढ़े आठ बजे से लेकर शाम साढे पांच बजे तक सांताक्रूज़ मौसम केन्द्र ने 5.2 मिमी बारिश दर्ज की जबकि कोलाबा मौसम केन्द्र में इस दौरान 1.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
आईएमडी ने बताया कि ठाणे-बेलापुर औद्योगिक संघ क्षेत्र में स्थित वेधशाला में इस दौरान 34 मिमी बारिश दर्ज की गई। आईएमडी की मुम्बई शाखा के उप महानिदेशक के. एस. होसालिकर ने ट्वीट किया, 'जैसा कि सेटेलाइट और रडार की नवीनतम तस्वीरों में देखा गया है, मुम्बई और उसके आस-पास आज रात बारिश होती रहेगी।'
विभाग के मुताबिक रायगढ़ जिले में माथेरान केन्द्र में इस अवधि में 22 मिमी बारिश दर्ज की गई। पालघर की दहानु वेधशाला में 16.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। नासिक मौसम केन्द्र ने 4.3 मिमी वर्षा दर्ज की है। मुंबई के पश्चिमी उपनगर सांताक्रूज़ मौसम केन्द्र ने सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटे में 116.1 मिमी बारिश दर्ज की जबकि दक्षिण मुम्बई के कोलाबा मौसम केन्द्र में इस दौरान 12.4 मिमी बारिश दर्ज की गई।
मुम्बई और कोंकण के अन्य इलाकों में भी शुक्रवार से ही भारी बारिश हो रही है। कई दिनों के इंतजार के बाद सोमवार को राजधानी लखनऊ और उसके आसपास के इलाकों में बारिश हुई। आंचलिक मौसम केन्द्र की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के पूर्वी हिस्सों में अनेक स्थानों पर वर्षा हुई। वहीं, सूबे के पश्चिमी भागों में कुछ जगहों पर बादल बरसे। राजधानी लखनऊ और आसपास के जिलों में सुबह से ही बारिश का सिलसिला शुरू हो गया।
ठाणे में महात्मा फुलेनगर स्थित श्री अयप्पा मंदिर के सामने पेड़ गिर गए जिसके चलते तीन वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गए। घटना में किसी के घायल होने की जानकारी नहीं है। क्षेत्रीय आपदा प्रबंधन समिति और फायर ब्रिगेड स्थिति सुधारने में लगी हुई है।
Maharashtra: Three vehicles damaged after trees uprooted&fell on them near Shree Ayyappa Temple in Mahatma Phule Nagar of Thane(w).No casualties/injuries reported. Regional Disaster Mgmt Committee&fire brigade present at spot.
— ANI (@ANI) July 7, 2020
Various parts of state have received rainfall today pic.twitter.com/usvcXTv6y9
हालांकि दिन चढ़ने के साथ ही हल्की धूप निकलने से उमस बढ़ गयी। मगर शाम होते-होते मौसम ने फिर करवट ली और बदली छा गई। मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक पिछले 24 घंटों के दौरान रायबरेली में सबसे ज्यादा 18 सेंटीमीटर वर्षा हुई। इसके अलावा कानपुर में 12, अम्बेडकर नगर में 11, कानपुर में नौ, मौदहा, कुण्डा और फुरसतगंज में आठ-आठ, बस्ती में सात, कर्वी, लखनऊ, इलाहाबाद और हमीरपुर में छह-छह, करछना तथा चंद्रदीपघाट में पांच-पांच सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई।
अगले 24 घंटों के दौरान भी राज्य के पूर्वी हिस्सों में ज्यादातर स्थानों पर जबकि पश्चिमी भागों में अनेक जगहों पर बारिश होने का अनुमान है। कुछ स्थानों पर भारी वर्षा भी हो सकती है। बारिश का यह सिलसिला आठ और नौ जुलाई को भी जारी रहने की सम्भावना है।
पंजाब और हरियाणा में मौसम सामान्य रहा और दोनों स्थानों पर अधिकतम तापमान सामान्य करीब रहा। दोनों राज्यों की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ में अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश में 9 जुलाई और 10 जुलाई को भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। राज्य में कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई।
राजस्थान में पिछले 24 घंटे के दौरान पूर्वी और पश्चिमी इलाकों के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश दर्ज की गई। राज्य में मानसून के सभी संभागों में हो रही बारिश से आमजन को गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के सभी संभागों में मानसून के सक्रिय होने से राज्य के सभी शहरों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। राजधानी जयपुर में सुबह से बादलों की आवाजाही के बीच दोपहर बाद शहर के कई स्थानों पर हल्की बारिश के बाद शाम तक मौसम सुहावना बना रहा।
विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि राज्य में पिछले 24 घंटों के दौरान बांसवाडा के घाटोल में 76 मिलीमीटर, नागौर के मंडावा में 70.5 मिलीमीटर, जोधपुर के शेरगढ में 56 मिलीमीटर,बांसवाडा के घडी में 55 मिलीमीटर, बाडमेर के गिढा में 53 मिलीमीटर, नागौर के खींवसर में 51 मिलीमीटर, बीकानेर के कोलायत मगरा में 45 मिलीमीटर, प्रतापगढ के आरनोद में 42 मिलीमीटर और राज्य के अन्य कई स्थानों पर 38 मिलीमीटर से लेकर 15 मिलीमीटर के बीच बारिश दर्ज की गई। उन्होंने बताया कि सोमवार सुबह से शाम तक अजमेर में 10.2 मिलीमीटर बारिश, जोधपुर में 6.5 मिलीमीटर और वनस्थली में 5.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।