फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Hearing the name of the court, Munna Bajrangi BP increased

मौत से पेशी कराने आई थी ‘तारीख’ अदालत का नाम सुनकर बढ़ जाता था मुन्ना बजरंगी का बीपी

Tue, 10 Jul 2018 07:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, झांसी
अमर उजाला ब्यूरो, झांसी Updated Tue, 10 Jul 2018 07:25 AM IST
विज्ञापन
Hearing the name of the court, Munna Bajrangi BP increased
डॉन मुन्ना बजरंगी - फोटो : amar ujala
बागपत जेल में मारे गए कुख्यात बदमाश मुन्ना बजरंगी की कोर्ट में पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होती थी, लेकिन इस बार कोर्ट की तारीख उसकी मौत से पेशी कराने आई थी और उसे बागपत जाना पड़ा। दरअसल, मुन्ना बजरंगी बागपत में अदालत जाने से बचता था। तारीख का नाम सुनकर उसका बीपी बढ़ जाता था। यही वजह थी कि उसके साथ बागपत डाक्टरों की टीम को भी भेजा गया था। मुन्ना को अपनी हत्या का संदेह था, इस वजह से सुरक्षा के लिए 18 सिपाहियों की ड्यूटी लगाई गई थी।
विज्ञापन


झांसी जिला जेल की बैरक नंबर छह में सजा काट रहे मुन्ना बजरंगी की बागपत में हत्या के बाद से यहां भी हड़कंप मचा हुआ है। मुन्ना बजरंगी को सबसे पहले 14 मई 2015 में सुल्तानपुर जेल से झांसी जेल भेजा गया था, जिसके बाद उसे कुछ समय के लिए 2017 में पीलीभीत भेज दिया गया था। कुछ दिन पीलीभीत जेल में रहने के बाद मई 2017 में उसे फिर झांसी जेल भेजा गया, तब से ही वह यहीं बंद था। इसी बीच मुन्ना बजरंगी के नाम पर रंगदारी मांगने के मामले भी सामने आए। बड़ौत के पूर्व बसपा विधायक लोकेश दीक्षित और उनके भाई नारायण दीक्षित से 22 सितंबर 2017 को फोन पर रंगदारी मांगने व जान से मारने की धमकी देने का आरोप था।
विज्ञापन


बागपत की कोतवाली में मामला दर्ज हुआ था। पुलिस की छानबीन में लखनऊ के सुल्तान अली और झांसी जेल में बंद मुन्ना बजरंगी का नाम सामने आया था। प्रकरण की सुनवाई कोर्ट में चल रही है। पिछले सप्ताह बागपत की कोतवाली पुलिस ने इस मामले में झांसी जेल में तलबी भेजी थी, ताकि मुन्ना बजरंगी को कोर्ट में पेश किया जा सके। अदालत के आदेश का पालन कराने के लिए रविवार तड़के कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मुन्ना बजरंगी बागपत रवाना हुआ था। जेल से 18 सिपाहियों की टीम उसे कड़ी सुरक्षा के बीच बागपत लेकर पहुंची थी, जिसमें डॉक्टरों की एक टीम भी शामिल थी। यहां रात रुकने के बाद सुबह उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


मुन्ना बजरंगी बागपत तारीख कराने जाना नहीं चाहता था, क्योंकि उसको अपनी हत्या का अंदेशा था। सूत्रों से पता चला है कि तारीख का नाम सुनकर उसकी हालत बिगड़ने के साथ ही बीपी बढ़ जाता था। रविवार की सुबह बागपत रवाना होने से पहले उसका बीपी बढ़ गया था। रात में ही चिकित्सकों के पैनल ने उसका उपचार किया था। सुबह हालत में सुधार होने के बाद ही उसे बागपत रवाना किया गया था।


मेडिकल कालेज में भी रहा था भर्ती

झांसी जेल में बंद के दौरान सितंबर 2017 में पहली बार उसके सीने में दर्द हुआ था। हालत बिगड़ने पर उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। इसके बाद से इलाज के लिए चिकित्सकों का पैनल तैयार किया गया था, जो प्रतिदिन उसके स्वास्थ्य की जांच करते थे। बीच-बीच में उसका बीपी बढ़ने लगा था, जिसके बाद उसके खानपान का भी ध्यान रखा जा रहा था।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed