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Hindi News ›   India News ›   Hearing in Supreme Court Hate Speech during Religious Events in Haridwar-Delhi Delhi Police said there was no Rhetoric against any Community

सुनवाई: हरिद्वार-दिल्ली में धार्मिक आयोजनों के दौरान हेट स्पीच का मामला, दिल्ली पुलिस ने कहा- नहीं हुई किसी समुदाय के खिलाफ बयानबाजी

Fri, 15 Apr 2022 04:59 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली Published by: देव कश्यप Updated Fri, 15 Apr 2022 04:59 AM IST
सार

हरिद्वार और दिल्ली में धार्मिक आयोजनों के दौरान हेट स्पीच के मामले में दिल्ली पुलिस ने जवाबी हलफनामा देकर कहा है कि याचिकाकर्ताओं ने संबंधित मामलों में कानूनी कार्रवाई करने के लिए उनसे कभी संपर्क नहीं किया और सीधे शीर्ष अदालत आ गए हैं। इस तरह के कदम को हतोत्साहित किया जाना चाहिए।

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Hearing in Supreme Court Hate Speech during Religious Events in Haridwar-Delhi Delhi Police said there was no Rhetoric against any Community
सर्वोच्च न्यायालय - फोटो : पीटीआई

विस्तार

दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि दिल्ली में पिछले दिसंबर में हुए आयोजन के दौरान किसी समुदाय के खिलाफ कोई बयान नहीं दिया गया था। शीर्ष अदालत में याचिका देकर हरिद्वार और दिल्ली में हुए दो अलग-अलग आयोजनों में मुस्लिम समुदाय के खिलाफ हेट स्पीच देने वालों के खिलाफ स्वतंत्र, विश्वसनीय और निष्पक्ष जांच और कार्रवाई के लिए एसआईटी गठन का निर्देश जारी करने की मांग की गई है।

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मामले में दिल्ली पुलिस ने जवाबी हलफनामा देकर कहा है कि याचिकाकर्ताओं ने संबंधित मामलों में कानूनी कार्रवाई करने के लिए उनसे कभी संपर्क नहीं किया और सीधे शीर्ष अदालत आ गए हैं। इस तरह के कदम को हतोत्साहित किया जाना चाहिए। पत्रकार कुर्बान अली और पटना हाईकोर्ट की पूर्व जज और वरिष्ठ वकील अंजना प्रकाश ने यह याचिका दायर की है।
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दिल्ली पुलिस ने हलफनामें में कहा कि उसके पास कुछ शिकायतें आईं थीं जिनमें कहा गया था कि हिंदू युवा वाहिनी ने 19 दिसंबर को जो कार्यक्रम आयोजित किया था उसमें नफरत फैलाने वाले भाषण दिए गए थे। इस सभी शिकायतों को एक साथ करके मामले में जांच शुरू की गई थी। पूरी तरह जांच करने और कार्यक्रम का वीडियो अच्छी तरह खंगालने के बाद पुलिस को शिकायतों में लगाए गए आरोपों के पक्ष में कोई तथ्य नहीं मिला। वीडियो में किसी समुदाय के खिलाफ कोई आपत्तिजनक बात नहीं मिली।
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इसलिए पूरी जांच के बाद सभी शिकायतों को खारिज कर दिया गया। शिकायत में जिन वाक्यों के बारे में कहा गया है कि इनसे नफरत फैल सकती है, उनमें भी ऐसा कोई शब्द नहीं मिला है जो किसी खास या सभी समुदाय के खिलाफ हो। ऐसे शब्द जिनका अर्थ आमतौर पर मुस्लिमों के खिलाफ हिंसा या नस्लीय संहार या एक पूरे समुदाय की हत्या की खुली घोषणा से निकलना हो, का इस्तेमाल भी भाषणों में नहीं पाया गया। 

हलफनामे में कहा गया है कि बयानों में किसी समूह, समुदाय, धर्म, नस्ल के खिलाफ कुछ नहीं कहा गया बल्कि अपने धर्म को मजबूत करने और इसके लिए खतरा बन सकने वाली ताकतों के खिलाफ खुद को तैयार रहने के लिए कहा गया। ये बयान दूर-दूर तक भी किसी खास धर्म के खिलाफ नरहसंहार से संबंधित नहीं हैं। 

हम जवाब दाखिल करेंगे : याचिकाकर्ता
दिल्ली पुलिस के हलफनामें के बाद याचिकाकर्ता अली ने कहा कि उनकी शिकायत बिना आधार नहीं है। उन्होंने कहा, हमने जो कहा उसके साथ मजबूती से खड़े हैं। मामला अब सुप्रीम कोर्ट के सामने है। हम दिल्ली पुलिस के हलफनामे का उचित जवाब दाखिल करेंगे।


उत्तराखंड सरकार से स्थिति रिपोर्ट मांगी
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को उत्तराखंड सरकार को हरिद्वार में पिछले दिसंबर में हुए कार्यक्रम में दिए गए हेट स्पीच मामले में स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा था। उत्तराखंड सरकार ने शीर्ष कोर्ट में जानकारी दी थी कि मामले में चार प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले में अगली सुनवाई 22 अप्रैल को होगी।

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