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मानहानि मामला: बॉम्बे हाईकोर्ट में नवाब मलिक के खिलाफ आज सुनवाई, दाखिल करेंगे हफलनामा
Fri, 12 Nov 2021 08:13 AM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Fri, 12 Nov 2021 08:13 AM IST
सार
हाईकोर्ट ने नवाब मलिक को आदेश दिया था कि उनके द्वारा जो भी दस्तावेज उपलब्ध कराए गए हैं। उनका सत्यापन कराकर हलफनामा जमा कराया जाए।
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नवाब मलिक (फाइल फोटो)
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विस्तार
एनसीपी नेता नवाब मलिक के खिलाफ मानहानि मामले में आज बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। यह सुनवाई एनसीबी अधिकारी समीर वानखेड़े के पिता ज्ञानदेव वानखेड़े की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे पर होगी। दरअसल, नवाब मलिक की ओर से समीर वानखेड़े और उनके धर्म व जाति को लेकर लगाए गए आरोपों के बाद ज्ञानदेव वानखेड़े ने मानहानि का मामला दर्ज कराया था। इस मामले में नवाब मलिक आज ही एक और हलफनामा दाखिल करेंगे।
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दरअसल, बुधवार को इस मामले में हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने नवाब मलिक के वकील से उन दस्तावेजों का सत्यापन कराने को कहा था, जो उन्होंने समीर वानखेड़े के खिलाफ कोर्ट में जमा किए थे। इसके बाद नवाब मलिक के वकील ने अतिरिक्त समय की मांग की थी, जिसके बाद दस्तावेजों का सत्यापन कराकर आज कोर्ट में उसे जमा कराया जाएगा।
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कोर्ट ने नवाब मलिक के पिता को ही दी थी नसीहत
बुधवार को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने समीर वानखेड़के पिता ज्ञानदेव वानखेड़े और उनके वकील दोनों को नसीहत दे डाली थी। कोर्ट ने टिप्पणी की थी कि समीर वानखेड़े एक सरकारी अधिकारी हैं और किसी को भी उनके काम की समीक्षा करने का हक है।
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क्या है मामला
नवाब मलिक ने समीर वानखेड़े की जाति और धर्म पर टिप्पणी की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि समीर वानखेड़े मुस्लिम थे, लेकिन नौकरी में आरक्षण का लाभ हासिल करने के लिए उन्होंने अपने धर्म और जाति को छुपाया। इसके बाद समीर वानखेड़े के पिता ज्ञानदेव ने प्रेसवार्ता कर इन आरोपों का खंडन किया था। उनका कहना था कि मैं कभी मुसलमान नहीं रहा तो मेरा बेटा मुस्लिम कैसे हो सकता है। इसी के बाद उन्होंने मामले में मानहानि केस दर्ज कराया था।