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Health: दुष्प्रभावों के बावजूद 16 फीसदी बढ़ी मीठे पेय पदार्थों की खपत, आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर खुलासा
Thu, 12 Oct 2023 07:19 AM IST
यशोधन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली।
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली।
Published by: यशोधन शर्मा
Updated Thu, 12 Oct 2023 07:19 AM IST
सार
ज्यादा मीठे पेय सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक बड़ी चिंता का विषय हैं, क्योंकि वे मोटापे के साथ-साथ हृदय रोग और मेटाबोलिक बीमारियों से भी व्यापक रूप से जुड़े हैं। इसके दुष्परिणाम वैश्विक स्तर पर मृत्यु और दिव्यांगता के प्रमुख कारणों में से एक है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
स्वास्थ्य पर पड़ते दुष्प्रभावों के बावजूद दुनियाभर में चीनी युक्त पेय पदार्थों की खपत भी बढ़ रही है। 185 देशों में किए गए अध्ययन से पता चला है कि 1990 के बाद से वयस्कों में इसकी खपत 16 फीसदी बढ़ गई है। सेहत के लिहाज से यह बढ़ोतरी परेशान करने वाली है।
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टफ्ट्स यूनिवर्सिटी बोस्टन के फ्रीडमैन स्कूल ऑफ न्यूट्रिशन साइंस एंड पॉलिसी के शोधकर्ताओं की ओर से किए इस अध्ययन के नतीजे अंतराष्ट्रीय जर्नल नेचर कम्युनिकेशंस में प्रकाशित हुए हैं।
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अध्ययन में इस बात की भी पुष्टि की गई है कि कौन कितना मीठा पेय ले रहा है। इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने वैश्विक आहार डाटाबेस के 1990 से 2018 के आंकड़ों का विश्लेषण किया है।
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इतनी चीनी ही पर्याप्त
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (एएचए) के अनुसार वयस्क पुरुषों को एक दिन में 36 ग्राम, महिलाओं को 25 ग्राम, दो से 18 साल की उम्र तक के बच्चों और किशोरों को 24 ग्राम से अधिक चीनी नहीं खानी चाहिए। एक चम्मच में करीब चार से पांच ग्राम चीनी होती है।
मोटापे और दिल की बीमारियों का खतरा
ज्यादा मीठे पेय सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक बड़ी चिंता का विषय हैं, क्योंकि वे मोटापे के साथ-साथ हृदय रोग और मेटाबोलिक बीमारियों से भी व्यापक रूप से जुड़े हैं। इसके दुष्परिणाम वैश्विक स्तर पर मृत्यु और दिव्यांगता के प्रमुख कारणों में से एक है।
वैश्विक स्तर पर 2.7 सर्विंग
अध्ययन के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर औसत व्यक्ति हर सप्ताह में 2.7 सर्विंग मीठे पेय का सेवन करता है। जबकि दक्षिण अमेरिका और कैरिबियन में यह 7.8 सर्विंग है, तो वहीं दक्षिण एशिया में यह महज 0.7 सर्विंग है। मेक्सिको में यह 8.9 सर्विंग इथियोपिया आंकड़ा 7.1, अमेरिका में 4.9, नाइजीरिया में 4.9, रवांडा में 34.2, अल्बानिया में 22.9 सर्विंग है।
सर्विंग से आशय: यहां सर्विंग से मतलब एक व्यक्ति के हर सप्ताह 248 ग्राम मीठे पदार्थ के सेवन से है।
भारत-चीन में बेहद कम
इन देशों के विपरीत भारत, चीन, बांग्लादेश में औसतन प्रति व्यक्ति हर सप्ताह मात्र 0.2 सर्विंग थी। वैश्विक स्तर पर महिलाओं की तुलना में पुरुष कहीं ज्यादा मीठे पेय पदार्थों का सेवन करते हैं। वहीं, बुजुर्गों की तुलना में युवा ज्यादा सेवन करते हैं।