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कोरोना : होम आइसोलेशन में क्या करें और क्या नहीं, स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किए नए दिशानिर्देश
Thu, 29 Apr 2021 09:30 PM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Thu, 29 Apr 2021 09:30 PM IST
सार
संशोधित दिशानिर्देश में होम आइसोलेशन में रह रहे हल्के लक्षण वाले मरीजों को रेमडेसिविर इंजेक्शन खरीदने या लगाने की कोशिश नहीं करने की सलाह दी गई है।
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डॉक्टर हर्षवर्धन (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
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विस्तार
देश में कोरोना संकट के बीच स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बार फिर से संशोधित दिशानिर्देश जारी किए हैं। संशोधित दिशानिर्देश में डॉक्टर द्वारा घोषित हल्के लक्षण वाले मरीज या मध्य लक्षण वाले मरीज को होम आइसोलेशन में रहने के निर्देश दिए गए हैं। संशोधित दिशानिर्देश में होम आइसोलेशन में रह रहे हल्के लक्षण वाले मरीजों को रेमडेसिविर इंजेक्शन खरीदने या लगाने की कोशिश नहीं करने की सलाह दी गई है। मंत्रालय ने कहा कि इसे केवल अस्पताल में ही लगाया जाना चाहिए।
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दिशानिर्देश में लिखा गया है कि मामूली लक्षण में स्टेरॉयड नहीं दिया जाना चाहिए और सात दिनों के बाद भी अगर लक्षण बने रहते हैं (लगातार बुखार, खांसी आदि) तो उपचार करने वाले डॉक्टर से विचार-विमर्श कर स्टेरॉयड का कम डोज लेना चाहिए।
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गाइडलाइंस में स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि 60 वर्ष से अधिक उम्र के रोगी या हाइपरटेंशन, मधुमेह, हृदय रोग, फेफड़ा या लीवर या गुर्दे जैसी बीमारियों से पीड़ित मरीजों को डॉक्टर के परामर्श से ही होम आइसोलेशन में रहना चाहिए। ऑक्सीजन सैचुरेशन लेवल में कमी या सांस लेने में दिक्कत आने पर लोगों को अस्पताल में भर्ती होना चाहिए और डॉक्टर से तुरंत परामर्श लेना चाहिए।
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संशोधित दिशानिर्देश के मुताबिक रोगी हल्के गर्म पानी का कुल्ला कर सकता है या दिन में दो बार भाप ले सकता है। दिशानिर्देश में कहा गया है, ‘अगर बुखार पैरासीटामोल 650 एमजी दिन में चार बार लेने से नियंत्रण में नहीं आता है तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें।
गृह मंत्रालय ने भी जारी किए आदेश
गृह मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को शुक्रवार को आदेश दिया कि जिन जिलों में कोविड-19 के ज्यादा मामले हैं वहां गहन और स्थानीय निरूद्ध क्षेत्र बनाने जैसे उपाय किए जाएं ताकि वायरस के प्रसार को रोका जा सके। गृह मंत्रालय ने महामारी को देखते हुए मई के लिए जारी नए दिशा-निर्देश में देश में कहीं भी लॉकडाउन लगाने के बारे में कुछ नहीं कहा है।
इसने राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से कहा कि उन जिलों की पहचान करें जहां या तो कोविड-19 संक्रमण की दर दस फीसदी से अधिक है या जहां पिछले एक हफ्ते में बिस्तर भरने की दर 60 फीसदी से अधिक है। गृह मंत्रालय ने कहा कि इनमें से किसी भी मानक को पूरा करने वाले जिले को गहन और स्थानीय निरूद्ध क्षेत्र बनाने के उपायों के लिए विचार किया जा सकता है।
गृह मंत्रालय के आदेश के साथ सामुदायिक निरूद्ध क्षेत्र और बड़े निरूद्ध क्षेत्र जैसे इलाके बनाने की रूपरेखा लागू करने के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की सलाह को भी इसमें जोड़ा गया है। बयान में कहा गया कि कोविड-19 प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय दिशानिर्देश पूरे देश में कड़ाई से लागू रहेगा। गृह मंत्रालय का आदेश 31 मई तक प्रभावी रहेगा।