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Bombay HC: कोविड वैक्सीन से हुई मौत के मामले में सीरम इंस्टीट्यूट,बिल गेट्स को नोटिस जारी, नवंबर में सुनवाई

Sat, 03 Sep 2022 11:51 AM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: Amit Mandal Updated Sat, 03 Sep 2022 11:51 AM IST
सार

याचिकाकर्ता ने दावा किया कि उसकी बेटी  मेडिकल छात्रा स्नेहल लुनावत को 28 जनवरी, 2021 को नासिक में अपने कॉलेज में एंटी-कोरोना वायरस कोविशील्ड वैक्सीन लेने के लिए मजबूर किया गया था।

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HC seeks response from SII, others on plea demanding Rs 1,000 cr compensation for woman's death
Bombay High Court - फोटो : social media

विस्तार

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) और अन्य से एक व्यक्ति द्वारा दायर याचिका पर जवाब मांगा है, जिसने कोविशील्ड वैक्सीन को अपनी बेटी की मौत के लिए दोषी ठहराया है। याचिकाकर्ता ने एसआईआई से 1,000 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की है। याचिकाकर्ता दिलीप लुनवत ने माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स, जिनके फाउंडेशन ने एसआईआई के साथ भागीदारी की है, केंद्र सरकार, महाराष्ट्र सरकार और ड्रग कंट्रोलर ऑफ इंडिया को भी पक्ष बनाया है।

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मामले की सुनवाई 17 नवंबर को  
न्यायमूर्ति एस वी गंगापुरवाला और न्यायमूर्ति माधव जामदार की खंडपीठ ने 26 अगस्त को याचिका में सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया। मामले की सुनवाई 17 नवंबर को तय की गई है। याचिकाकर्ता ने दावा किया कि उसकी बेटी  मेडिकल छात्रा स्नेहल लुनावत को 28 जनवरी, 2021 को नासिक में अपने कॉलेज में एंटी-कोरोना वायरस कोविशील्ड वैक्सीन लेने के लिए मजबूर किया गया था, क्योंकि वह एक स्वास्थ्य कार्यकर्ता थी। याचिका में कहा गया है कि कुछ दिनों बाद स्नेहल को तेज सिरदर्द और उल्टी हुई और उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने कहा कि उनके दिमाग में खून बह रहा है।
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स्नेहल की मृत्यु 1 मार्च, 2021 को हुई और इसका कारण टीके का दुष्प्रभाव था। याचिका 2 अक्टूबर, 2021 को केंद्र सरकार की प्रतिकूल घटनाओं के बाद टीकाकरण (एईएफआई) समिति द्वारा प्रस्तुत एक रिपोर्ट पर निर्भर थी, जिसमें स्वीकार किया गया था कि उनकी बेटी की मौत कोविशील्ड के दुष्प्रभावों के कारण हुई थी। याचिका में एसआईआई से एक हजार करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की गई है।

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