फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   HC order on halting recruitment of visiting lecturers affecting studies Polytechnic students to CM

Maharashtra: अतिथि प्रवक्ताओं की भर्ती रोकने के अदालती आदेश से पॉलिटेक्निक छात्र चिंतित, CM शिंदे को भेजा पत्र

Tue, 20 Aug 2024 04:57 PM IST
मिथिलेश नौटियाल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: मिथिलेश नौटियाल Updated Tue, 20 Aug 2024 04:57 PM IST
सार

बॉम्बे उच्च न्यायालय की नागपुर पीठ ने 23 जुलाई को एक आदेश पारित किया था। इस आदेश में महाराष्ट्र के सभी पॉलिटेक्निक कॉलेजों में अतिथि प्रवक्ताओं की भर्ती प्रक्रिया को रोकने का आदेश दिया था। अब चिंतित छात्रों ने सीएम एकनाथ शिंदे के पत्र भेजा है।

विज्ञापन
HC order on halting recruitment of visiting lecturers affecting studies Polytechnic students to CM
एकनाथ शिंदे - फोटो : ANI

विस्तार

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को राज्य के सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेजों के छात्रों ने पत्र लिखा है। छात्रों ने इस पत्र में बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद अतिथि प्रवक्ताओं की भर्ती प्रक्रिया रोकने से होने वाले शैक्षणिक नुकसान पर चिंता व्यक्त की है। 

विज्ञापन


आपको बता दें कि बॉम्बे उच्च न्यायालय की नागपुर पीठ ने 23 जुलाई को एक आदेश पारित किया था। इस आदेश में महाराष्ट्र के सभी पॉलिटेक्निक कॉलेजों में अतिथि प्रवक्ताओं की भर्ती प्रक्रिया को रोकने का आदेश दिया था। दरअसल, उच्च न्यायालय में 144 अतिथि प्रवक्ताओं ने नियमितीकरण और स्थायी नौकरी की मांग को लेकर याचिका दायर की थी। अदालत ने इस याचिता पर सुनवाई के दौरान आदेश जारी किया था। 
विज्ञापन


अब पॉलिटेक्निक कॉलेजों के छात्रों ने महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे को ईमेल के जरिए पत्र भेजकर इस मामले में चिंता व्यक्त की है। पत्र में कहा गया है कि उच्च न्यायालय का यह फैसला छात्रों के शैक्षणिक नुकसान का कारण बनेगा। छात्रों ने कहा, ‘स्थायी प्रवक्ताओं की कमी ने हमें मुश्किल में डाल दिया है। हम अपनी परीक्षा की तैयारी और शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर चिंतित हैं। इससे, दो सेक्शन के छात्रों को एक साथ कक्षाएं लेनी पड़ रही हैं। इस वजह से एक बार में एक कक्षा में छात्रों की संख्या लगभग 150 हो जाती है। इस तरह से शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।'
विज्ञापन
विज्ञापन


उधर, तनत्रनिकेतन अभ्यागत अध्यापक कल्याण संघ के सचिव पुरुषोत्तम बहेटवार ने कहा कि अतिथि प्रवक्ताओं की भर्ती रोकने की वजह से छात्रों को पढ़ाई के मामले में नुकसान हो रहा है। इसके अलावा लातूर के सरकारी महिला आवासीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में सेवा दे चुके अतिथि प्रवक्ता सुधीर सालुंखे ने कहा, ‘हम छात्रों को शैक्षणिक नुकसान से बचाने के लिए मुफ्त में कक्षाएं चला रहे थे, लेकिन हमें छात्रों को पढ़ाना रोकना पड़ा।’


(खबर अपडेट की जा रही है।)
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed