फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Have courage to point out illegality in disqualification plea decision, Narwekar tells Uddhav

महाराष्ट्र: विपक्षी दल की तीखी टिप्पणी के बाद नार्वेकर का पलटवार, अयोग्यता याचिका के फैसले का उठाया मुद्दा

Tue, 30 Jan 2024 05:37 AM IST
यशोधन शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: यशोधन शर्मा Updated Tue, 30 Jan 2024 05:37 AM IST
सार

नार्वेकर ने पलटवार करते हुए कहा कि शिवसेना (यूबीटी) अध्यक्ष उद्धव ठाकरे में साहस हो तो बताएं कि शिवसेना विधायकों से संबंधित अयोग्यता याचिका पर उनके फैसले में क्या गैरकानूनी था।

विज्ञापन
Have courage to point out illegality in disqualification plea decision, Narwekar tells Uddhav
नार्वेकर ने उद्धव ठाकरे के बयान पर किया पलटवार - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर को दलबदल कानून की समीक्षा समिति का अध्यक्ष बनाए जाने की बात प्रदेश में विपक्ष को पसंद नहीं आ रही है। शिवसेना (उद्धव गुट) प्रमुख उद्धव ठाकरे एवं राकांपा शरद पवार गुट के नेता जीतेंद्र आह्वाड के तीखे सुर सुनने को मिले, जिसके बाद अब नार्वेकर की भी जवाबी प्रतिक्रिया सामने आई है। 

विज्ञापन

 

नार्वेकर ने किया पलटवार
नार्वेकर ने पलटवार करते हुए कहा कि शिवसेना (यूबीटी) अध्यक्ष उद्धव ठाकरे में साहस हो तो बताएं कि शिवसेना विधायकों से संबंधित अयोग्यता याचिका पर उनके फैसले में क्या गैरकानूनी था। वह बोले, 'मेरे खिलाफ व्यक्तिगत टिप्पणी करने की बजाय, उद्धव जी और अव्हाड के अंदर यह साबित करने का साहस नहीं है कि (अयोग्यता याचिकाओं पर) मैंने जो निर्णय लिया है उसमें क्या गैरकानूनी है। संजय राउत के साथ साहस के बारे में कोई सवाल ही नहीं उठता। 

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि इस बात पर गर्व करने के बजाय कि राज्य के किसी व्यक्ति को राष्ट्रीय स्तर का काम पूरा करने को मिल रहा है, उद्धव ठाकरे आलोचना कर रहे हैं। नार्वेकर ने कहा, 'ऐसा कृत्य केवल वही लोग कर सकते हैं जिनके मन में राज्य के प्रति कोई स्नेह या गौरव नहीं है।'

विज्ञापन
विज्ञापन

दरअसल, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने दलबदल विरोधी कानून की समीक्षा करने के लिए एक समिति के प्रमुख के रूप में राहुल नार्वेकर को चुना है। इसके बाद से ठाकरे ने नार्वेकर की आलोचना शुरू कर दी।  

ठाकरे ने पूछा था कि क्या यह कदम 'देश में लोकतंत्र को खत्म करने की दिशा में अगला कदम' है'। वहीं दूसरी ओर उनके बेटे और पूर्व राज्य मंत्री आदित्य ठाकरे ने भी मजाकिया अंदाज से पूछा था कि क्या नार्वेकर को समिति का नेतृत्व करने का काम सौंपा गया था,  क्योंकि उन्हें पांच साल की अवधि में तीन दलों में शामिल होने का अनुभव है।


संजय राउत और अव्हाड ने भी नहीं छोड़ी कोई कसर
शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत और शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के जितेंद्र अव्हाड ने भी नार्वेकर को ऐसी समिति का प्रमुख बनाने के कदम की आलोचना की थी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed