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Maharashtra: मानहानि केस में राउत बोले- चुनाव से पहले बनाया बलि का बकरा; बाढ़ के हालात पर भाजपा पर बरसे आदित्य
Thu, 26 Sep 2024 04:39 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: पवन पांडेय
Updated Thu, 26 Sep 2024 04:39 PM IST
सार
शिवसेना उद्धव गुट के सांसद संजय राउत ने मानहानि केस में दोषी करार दिए जाने के बाद कहा कि- महाराष्ट चुनाव से पहले उन्हें बलि का बकरा बनाया गया है। उन्होंने आगे कहा कि वह इस फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती देंगे। वहीं आदित्य ठाकरे ने भारी बारिश के बाद बाढ़ के हालात को लेकर सरकार पर निशाना साधा है।
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संजय राउत और आदित्य ठाकरे
- फोटो : ANI
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विस्तार
मानहानि केस में दोषी ठहराए जाने के बाद संजय राउत ने खुद को महाराष्ट्र चुनाव से पहले बलि का बकरा बनाए जाने की बात कही है। उन्होंने इस केस को हाईकोर्ट में चुनौती देने के बात कही है। बता दें कि मुंबई की एक अदालत ने आज भाजपा नेता किरीट सोमैया की पत्नी मेधा सोमैया की तरफ से संजय राउत के खिलाफ दायर मानहानि की शिकायत में उनको 15 दिनों के साधारण कारावास की सजा सुनाई। हालांकि बाद में अदालत ने सजा को 30 दिनों के लिए निलंबित कर दिया और उन्हें जमानत दे दी।
संजय राउत ने पीएम मोदी पर साधा निशाना
पत्रकारों से बात करते हुए संजय राउत ने पूछा कि भ्रष्टाचार और अन्य मुद्दों के खिलाफ आवाज उठाने वाले उनके जैसे लोगों को कैसे न्याय मिलेगा जब प्रधानमंत्री भारत के मुख्य न्यायाधीश के आवास पर मोदक खाने जाते हैं। संजय राउत इस महीने की शुरुआत में गणेश उत्सव के दौरान प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़ के आवास पर जाने का जिक्र कर रहे थे, जिसकी विपक्षी दलों ने आलोचना की थी।
मैंने सिर्फ पूछा है क्या भ्रष्टाचार है- संजय राउत
वहीं मेधा सोमैया की शिकायत पर संजय राउत ने कहा, महाराष्ट्र में आसन्न विधानसभा चुनावों के कारण मुझे बलि का बकरा बनाया गया है। शिवसेना (यूबीटी) नेता ने कहा कि उन्होंने बताया था कि किरीट सोमैया से जुड़े संगठन युवक प्रतिष्ठान के माध्यम से मीरा भयंदर में कुछ काम हुआ था और इसमें अनियमितताएं थीं। संजय राउत ने दावा किया कि यहां तक कि शिवसेना विधायक प्रताप सरनाइक ने भी मामले की जांच की मांग की थी और राज्य विधानसभा में इस पर कुछ चर्चा भी हुई थी। अगर मैंने यह कहा तो मैंने किसी को कैसे बदनाम किया? सब कुछ रिकॉर्ड में है। मीरा भयंदर नगर निगम की रिपोर्ट भी है। मैंने केवल यह पूछा है कि क्या भ्रष्टाचार है।
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लेकिन देश की पूरी न्यायपालिका ऊपर से नीचे तक आरएसएस (संघीकरण) से प्रभावित है। संजय राउत ने कहा, मैं सत्र न्यायालय में अपील करूंगा और लोगों को बताऊंगा कि हमारे साथ कैसा अन्याय हुआ है। न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) आरती कुलकर्णी ने राउत को भारतीय दंड संहिता की धारा 500 (मानहानि) के तहत दोषी ठहराने के अलावा उन पर 25,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।
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संजय राउत ने पीएम मोदी पर साधा निशाना
पत्रकारों से बात करते हुए संजय राउत ने पूछा कि भ्रष्टाचार और अन्य मुद्दों के खिलाफ आवाज उठाने वाले उनके जैसे लोगों को कैसे न्याय मिलेगा जब प्रधानमंत्री भारत के मुख्य न्यायाधीश के आवास पर मोदक खाने जाते हैं। संजय राउत इस महीने की शुरुआत में गणेश उत्सव के दौरान प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़ के आवास पर जाने का जिक्र कर रहे थे, जिसकी विपक्षी दलों ने आलोचना की थी।
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मैंने सिर्फ पूछा है क्या भ्रष्टाचार है- संजय राउत
वहीं मेधा सोमैया की शिकायत पर संजय राउत ने कहा, महाराष्ट्र में आसन्न विधानसभा चुनावों के कारण मुझे बलि का बकरा बनाया गया है। शिवसेना (यूबीटी) नेता ने कहा कि उन्होंने बताया था कि किरीट सोमैया से जुड़े संगठन युवक प्रतिष्ठान के माध्यम से मीरा भयंदर में कुछ काम हुआ था और इसमें अनियमितताएं थीं। संजय राउत ने दावा किया कि यहां तक कि शिवसेना विधायक प्रताप सरनाइक ने भी मामले की जांच की मांग की थी और राज्य विधानसभा में इस पर कुछ चर्चा भी हुई थी। अगर मैंने यह कहा तो मैंने किसी को कैसे बदनाम किया? सब कुछ रिकॉर्ड में है। मीरा भयंदर नगर निगम की रिपोर्ट भी है। मैंने केवल यह पूछा है कि क्या भ्रष्टाचार है।
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लेकिन देश की पूरी न्यायपालिका ऊपर से नीचे तक आरएसएस (संघीकरण) से प्रभावित है। संजय राउत ने कहा, मैं सत्र न्यायालय में अपील करूंगा और लोगों को बताऊंगा कि हमारे साथ कैसा अन्याय हुआ है। न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) आरती कुलकर्णी ने राउत को भारतीय दंड संहिता की धारा 500 (मानहानि) के तहत दोषी ठहराने के अलावा उन पर 25,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।
बाढ़ के हालात पर भाजपा पर बरसे आदित्य
शिवसेना (यूबीटी) नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे ने गुरुवार को राज्य सरकार पर भारी बारिश के बाद मुंबई, ठाणे और पुणे में आई बाढ़ को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुंबई में पश्चिमी एक्सप्रेस हाईवे, पश्चिमी उपनगरों में एक प्रमुख संपर्क मार्ग है, बुधवार को बाढ़ आ गई, यह घटना 2005 में 26 जुलाई की बारिश के बाद ही हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मुंबई में ऐसी घटनाएं होने पर लोगों को राहत प्रदान करने के लिए तंत्र अनुपस्थित थे।
शहर में बाढ़ से निपटने के लिए कोई इंतजाम नही- ठाकरे
आदित्य ठाकरे ने कहा, हम (अविभाजित शिवसेना जिसने 1997 से 2022 तक मुंबई नगर निगम को नियंत्रित किया) हमेशा से वहां थे, लेकिन कल मुंबई, पुणे और ठाणे में लोगों की मदद करने के लिए शिवसेना-भाजपा से कोई भी वहां नहीं था। स्थिति से निपटने के लिए नगर निकायों का कोई अधिकारी जमीन पर नहीं देखा गया। हिंदमाता (मुंबई में) जैसी जगहें, जहां बाढ़ से निपटने के लिए कदम उठाए गए थे, भी जलमग्न हो गईं। उन्होंने कहा कि शहर में 400 पंप और पांच पंपिंग स्टेशन हैं, लेकिन वे प्रभावी ढंग से काम नहीं कर रहे हैं।
पूर्व मंत्री ने यह भी दावा किया कि पिछले ढाई साल से 15 सहायक नगर आयुक्तों की नियुक्ति नहीं की गई है। ठाकरे ने पूछा, स्थानीय प्रतिनिधियों की अनुपस्थिति में लोग अपने मुद्दों को हल करने के लिए कहां जाएंगे? उन्होंने कहा कि नगर निकायों के चुनाव जल्द से जल्द कराए जाने चाहिए। ठाकरे ने कहा कि राज्य में नगर निकायों का संचालन प्रशासकों द्वारा किया जाता है जो शहरी विकास विभाग को रिपोर्ट करते हैं, जो मुख्यमंत्री के अधीन है। उन्होंने बारिश के कारण ट्रेनों की देरी और भीड़भाड़ को लेकर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव पर भी निशाना साधा।
शिवसेना (यूबीटी) नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे ने गुरुवार को राज्य सरकार पर भारी बारिश के बाद मुंबई, ठाणे और पुणे में आई बाढ़ को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुंबई में पश्चिमी एक्सप्रेस हाईवे, पश्चिमी उपनगरों में एक प्रमुख संपर्क मार्ग है, बुधवार को बाढ़ आ गई, यह घटना 2005 में 26 जुलाई की बारिश के बाद ही हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मुंबई में ऐसी घटनाएं होने पर लोगों को राहत प्रदान करने के लिए तंत्र अनुपस्थित थे।
शहर में बाढ़ से निपटने के लिए कोई इंतजाम नही- ठाकरे
आदित्य ठाकरे ने कहा, हम (अविभाजित शिवसेना जिसने 1997 से 2022 तक मुंबई नगर निगम को नियंत्रित किया) हमेशा से वहां थे, लेकिन कल मुंबई, पुणे और ठाणे में लोगों की मदद करने के लिए शिवसेना-भाजपा से कोई भी वहां नहीं था। स्थिति से निपटने के लिए नगर निकायों का कोई अधिकारी जमीन पर नहीं देखा गया। हिंदमाता (मुंबई में) जैसी जगहें, जहां बाढ़ से निपटने के लिए कदम उठाए गए थे, भी जलमग्न हो गईं। उन्होंने कहा कि शहर में 400 पंप और पांच पंपिंग स्टेशन हैं, लेकिन वे प्रभावी ढंग से काम नहीं कर रहे हैं।
पूर्व मंत्री ने यह भी दावा किया कि पिछले ढाई साल से 15 सहायक नगर आयुक्तों की नियुक्ति नहीं की गई है। ठाकरे ने पूछा, स्थानीय प्रतिनिधियों की अनुपस्थिति में लोग अपने मुद्दों को हल करने के लिए कहां जाएंगे? उन्होंने कहा कि नगर निकायों के चुनाव जल्द से जल्द कराए जाने चाहिए। ठाकरे ने कहा कि राज्य में नगर निकायों का संचालन प्रशासकों द्वारा किया जाता है जो शहरी विकास विभाग को रिपोर्ट करते हैं, जो मुख्यमंत्री के अधीन है। उन्होंने बारिश के कारण ट्रेनों की देरी और भीड़भाड़ को लेकर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव पर भी निशाना साधा।