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हेट स्पीचः अनुराग ठाकुर, प्रवेश वर्मा के खिलाफ FIR की मांग, सुप्रीम कोर्ट ने दूसरी बेंच के पास भेजा मामला

Mon, 09 Jan 2023 01:55 PM IST
नितिन गौतम नई दिल्ली, अमर उजाला न्यूज डेस्क
नई दिल्ली, अमर उजाला न्यूज डेस्क Published by: नितिन गौतम Updated Mon, 09 Jan 2023 01:55 PM IST
सार

Hate Speech case: अनुराग ठाकुर, प्रवेश वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस केएम जोसेफ की बेंच को रेफर कर दी है। जस्टिस केएम जोसेफ की बेंच हेट स्पीच के मामलों पर ही सुनवाई कर रही है। 

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Hate speech case vrinda karat plea demanding fir anurag thakur pravesh verma supreme court refer bench
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : Social Media

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को भाजपा नेताओं अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा के खिलाफ हेट स्पीच के मामले में एफआईआर की मांग वाली याचिका को जस्टिस केएम जोसेफ की बेंच के पास भेज दिया है। दोनों नेताओं के खिलाफ हेट स्पीच के मामले में एफआईआर की मांग को ट्रायल कोर्ट ने खारिज कर दिया था। जिसके खिलाफ सीपीआई (एम) नेता वृंदा करात और केएम तिवारी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर एफआईआर कराने की मांग की थी। अब सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को जस्टिस केएम जोसेफ की बेंच को भेज दिया है। 

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जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस एमएम सुंदरेश की बेंच को याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि हेट स्पीच के अन्य मामलों पर सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस केएम जोसेफ की बेंच सुनवाई कर रहे हैं। जिसके बाद जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस एमएम सुंदरेश की बेंच ने इस मामले को भी जस्टिस केएम जोसेफ की बेंच को रेफर कर दिया। आरोप है कि 27 जनवरी 2020 को दिल्ली के रिठाला में एक रैली के दौरान अनुराग ठाकुर ने रैली में मौजूद लोगों को कथित तौर पर आपत्तिजनक नारे लगाने के लिए उकसाया था। यह नारे कथित तौर पर सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ लगाए गए थे। वहीं सांसद प्रवेश वर्मा ने शाहीन बाग में सीएए विरोधी प्रदर्शन पर आपत्तिजनक बयान दिया था। 
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इसके बाद कोर्ट में याचिका दाखिल कर कार्रवाई की मांग की गई। जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने मामलों की जांच की थी और ट्रायल कोर्ट को बताया था कि प्रथम दृष्टया कोई संज्ञेय अपराध नहीं बनता है। इस पर कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी थी। ट्रायल कोर्ट के फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई थी। हालांकि हाईकोर्ट ने भी ट्रायल कोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया और एफआईआर के लिए सक्षम अधिकारी के पास जाने के निर्देश दिए। 
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13 जून 2022 को सीपीआई (एम) नेता वृंदा करात ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। जहां से अब यह मामला जस्टिस केएम जोसेफ की बेंच को भेज दिया गया है। याचिका में वृंदा करात और केएम तिवारी ने मांग की है कि दोनों भाजपा नेताओं के खिलाफ आईपीसी की धारा 153-ए, 153-बी, 295-ए के तहत एफआईआर दर्ज की जाए। 

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